Jyoti Thakur Success Story: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की महिला उद्यमी ज्योति ठाकुर ने खेती से जुड़ी उपज का मूल्यवर्धन करके अपना खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय शुरू किया। Jyoti Thakur Success Story उन महिलाओं और किसान परिवारों के लिए प्रेरणादायक है, जो सरकारी योजनाओं की मदद से अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं।
ज्योति ठाकुर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ लेकर ‘जेके फूड’ (JK Food) नाम से अपनी इकाई स्थापित की। इसके लिए उन्हें 9.55 लाख रुपये का ऋण और 3.34 लाख रुपये की अनुदान राशि मिली। शुरुआत में उन्होंने केले और आलू के चिप्स बनाना शुरू किया और अब नमकीन का उत्पादन भी कर रही हैं।
कृषि उपज का उचित मूल्य नहीं मिला तो शुरू किया अपना व्यवसाय
ज्योति ठाकुर का परिवार लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। उनके परिवार की जमीन पर केले का उत्पादन होता है, लेकिन कई बार बाजार में कृषि उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। इसी समस्या को देखते हुए ज्योति ठाकुर और उनके पति ने अपनी उपज का प्रसंस्करण करके नए उत्पाद तैयार करने का फैसला किया।
उन्होंने केले और आलू को सीधे बाजार में बेचने के बजाय इनसे चिप्स बनाने की योजना बनाई। इससे कृषि उपज का बेहतर उपयोग करने और परिवार के लिए आय का अतिरिक्त स्रोत तैयार करने का अवसर मिला। Jyoti Thakur Success Story यह बताती है कि किसान परिवार खेती के साथ खाद्य प्रसंस्करण को भी व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं।
PMFME योजना से मिला 9.55 लाख रुपये का ऋण
खाद्य प्रसंस्करण इकाई शुरू करने के लिए ज्योति ठाकुर ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से संपर्क किया। विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के तहत अपना व्यवसाय शुरू किया। इस इकाई के लिए उन्हें 9.55 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसके साथ ही योजना के अंतर्गत 3.34 लाख रुपये की अनुदान राशि भी मिली।
इस आर्थिक सहायता से मशीनरी और कारोबार शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद मिली। PMFME योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को आगे बढ़ाने में सहायता करना है। योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदकों को निर्धारित पात्रता और नियमों को पूरा करना होता है। Jyoti Thakur Success Story
JK Food में तैयार किए जा रहे हैं केले और आलू के चिप्स
ज्योति ठाकुर की इकाई ‘जेके फूड’ में केले और आलू के चिप्स तैयार किए जाते हैं। स्थानीय बाजार में इन उत्पादों को अच्छा प्रतिसाद मिलने के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार करने की दिशा में काम शुरू किया। उत्पादन के लिए अब वे आसपास के किसानों से भी केले और आलू खरीद रही हैं। Jyoti Thakur Success Story
इससे उनके व्यवसाय को कच्चा माल मिलता है और स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होता है। Jyoti Thakur Success Story का यह पहलू महत्वपूर्ण है, क्योंकि खाद्य प्रसंस्करण से कृषि उपज को नए उत्पादों में बदलने के साथ स्थानीय स्तर पर किसानों और छोटे व्यवसायों के बीच आर्थिक संबंध भी मजबूत हो सकते हैं।
चिप्स के बाद अब नमकीन बनाने का काम भी शुरू
अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए ज्योति ठाकुर ने केले और आलू के चिप्स के साथ नमकीन का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इससे JK Food के उत्पादों की विविधता बढ़ी है और ग्राहकों को अधिक विकल्प मिल रहे हैं। खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय में बाजार की मांग के अनुसार नए उत्पाद शामिल करना कारोबार के विस्तार का एक उपयोगी तरीका हो सकता है। ज्योति ठाकुर भी अपने व्यवसाय में नए उत्पाद जोड़कर इसे आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। Jyoti Thakur Success Story
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महिला उद्यमिता और रोजगार को मिल रहा बढ़ावा
ज्योति ठाकुर ने सरकारी योजना से मिली आर्थिक सहायता और अपने प्रयासों के दम पर खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। उनका व्यवसाय महिला आत्मनिर्भरता और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को दर्शाता है। इस तरह की इकाइयां स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने और आसपास के किसानों से कृषि उपज खरीदने में भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, JK Food से होने वाली आय और रोजगार से जुड़े सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए कारोबार के वास्तविक मुनाफे का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
किसान और महिलाएं कैसे शुरू कर सकते हैं खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय?
किसान परिवार और महिला उद्यमी केले के चिप्स, आलू के चिप्स, नमकीन, अचार, मसाले और अन्य खाद्य उत्पादों का व्यवसाय शुरू करने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले स्थानीय बाजार में मांग, कच्चे माल की उपलब्धता, मशीनरी की लागत और बिक्री के माध्यमों का आकलन करना जरूरी है। इसके बाद संबंधित विभाग से PMFME योजना की वर्तमान स्थिति, पात्रता, ऋण और अनुदान की शर्तों की जानकारी ली जा सकती है। खाद्य उत्पादों के निर्माण और बिक्री के लिए लागू खाद्य सुरक्षा, पंजीकरण और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन करना भी आवश्यक है। Jyoti Thakur Success Story
Jyoti Thakur Success Story से क्या सीख मिलती है?
सिवनी की ज्योति ठाकुर ने केले और आलू जैसी कृषि उपज को प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों में बदलकर अपना व्यवसाय शुरू किया। PMFME योजना के तहत मिले 9.55 लाख रुपये के ऋण और 3.34 लाख रुपये की अनुदान राशि ने उनकी इकाई स्थापित करने में मदद की। आज JK Food में चिप्स के साथ नमकीन का उत्पादन भी किया जा रहा है। Jyoti Thakur Success Story से सीख मिलती है कि खेती के साथ मूल्यवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण को अपनाकर आय के नए अवसर तलाशे जा सकते हैं।
बाजार की जरूरतों को समझना, गुणवत्ता बनाए रखना और सही योजना के साथ काम करना ऐसे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ज्योति ठाकुर ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी पहल दूसरी महिलाओं और किसान परिवारों को स्वरोजगार तथा खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है।

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