मध्य प्रदेश के 1,000 किसानों को मिलेगी जलवायु अनुकूल खेती की ट्रेनिंग, मिट्टी की होंगी 3,000 जांच FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh

मध्य प्रदेश के 1,000 किसानों को मिलेगी जलवायु अनुकूल खेती की ट्रेनिंग, मिट्टी की होंगी 3,000 जांच FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh

FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। एग्री-फूड कॉमर्स प्लेटफॉर्म FarMart ने FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh का विस्तार किया है। इस परियोजना के तहत अगले 18 महीनों में 1,000 से अधिक छोटे किसानों के खेतों की 3,000 मिट्टी जांच की जाएंगी।

इसका उद्देश्य किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता और मौसम के अनुसार खेती करने की सही जानकारी देना है। इस पहल के माध्यम से किसानों को खेती की लागत कम करने, फसल उत्पादन बढ़ाने और बदलते मौसम के प्रभावों से बचने के तरीके बताए जाएंगे। कंपनी का लक्ष्य किसानों की शुद्ध आमदनी में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी करना है।

FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh के तहत 1,000 किसानों को मिलेगा फायदा

FarMart ने अपने प्रोजेक्ट एवरग्रेन के दूसरे चरण की शुरुआत मध्य प्रदेश में की है। इसके तहत कंपनी अगले 18 महीनों तक 1,000 से अधिक छोटे किसानों के साथ काम करेगी। इस दौरान तीन बुवाई सीजन में किसानों के खेतों की कुल 3,000 मिट्टी जांच की जाएंगी। FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh के माध्यम से किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक स्थिति के आधार पर खेती की सलाह दी जाएगी। मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों और उनकी कमी का पता लगाकर किसानों को खाद एवं उर्वरकों के सही इस्तेमाल की जानकारी मिलेगी।

सागर और टीकमगढ़ के 1,350 किसानों को दी गई ट्रेनिंग

FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh कंपनी के अनुसार, 25 से 28 अक्टूबर के बीच सागर जिले के धाना और टीकमगढ़ में 1,350 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान किसानों को बदलते मौसम के अनुसार खेती करने के तरीके समझाए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जलवायु के अनुकूल फसलों का चयन, फसलों को बीमारियों से बचाने और मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पोषक तत्वों का इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को मौसम से जुड़े जोखिमों के प्रति जागरूक करना और खेती में बेहतर फैसले लेने के लिए तैयार करना है।

मिट्टी की जांच से किसानों को मिलेगी खेती की सही जानकारी

खेती में अच्छी पैदावार हासिल करने के लिए मिट्टी की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। कई बार किसान बिना मिट्टी की जांच करवाए ही खेतों में खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं। इससे खेती की लागत बढ़ सकती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh के तहत किसानों को मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर सलाह दी जाएगी।

इससे किसानों को पता चल सकेगा कि उनकी जमीन में किन पोषक तत्वों की कमी है और फसल के बेहतर विकास के लिए किन तत्वों की जरूरत है। कंपनी अपने फील्ड नेटवर्क और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक यह जानकारी पहुंचाएगी, ताकि वे अपनी जमीन के अनुसार खेती की योजना बना सकें।

पहले चरण में 2,200 किसानों को मिला फायदा

FarMart ने साल 2025 में उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में प्रोजेक्ट एवरग्रेन का पहला चरण शुरू किया था। इसमें 2,200 से अधिक किसानों को धान और गेहूं की कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के तरीके बताए गए थे। कंपनी के मुताबिक, इस पहल से धान की फसल में प्रति क्विंटल औसतन 1.92 किलो और गेहूं में 3.25 किलो तक नुकसान कम हुआ।

इससे धान की खेती करने वाले किसानों को प्रति किसान औसतन 4,860 रुपये और गेहूं की खेती करने वाले किसानों को 5,687 रुपये तक अतिरिक्त कमाई हुई। अब FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh के दूसरे चरण में कंपनी का ध्यान फसल की बुवाई से पहले किसानों को सही जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन देने पर है।

खेती की लागत में 10 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य

FarMart का उद्देश्य किसानों को खेती में होने वाले अनावश्यक खर्च से बचाना है। इसके लिए किसानों को जरूरत के अनुसार खाद, बीज और अन्य कृषि संसाधनों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाएगी। कंपनी अगले 18 महीनों में प्रति एकड़ खेती की लागत में 10 फीसदी तक कमी लाने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ ही फसल की पैदावार में 10 से 15 फीसदी तक सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है। FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh के जरिए किसानों को पानी का बेहतर इस्तेमाल करने और मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन करने की जानकारी भी दी जाएगी।

किसानों की आमदनी 15 से 20 फीसदी बढ़ाने की योजना

FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh इस परियोजना का सबसे बड़ा लक्ष्य किसानों की शुद्ध आमदनी में औसतन 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी करना है। इसके लिए खेती की लागत घटाने और फसल उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मिट्टी की जांच, संतुलित उर्वरक इस्तेमाल, जलवायु अनुकूल फसलों का चयन और बेहतर जल प्रबंधन जैसे उपाय किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सकते हैं।

कंपनी का मानना है कि FarMart Project Evergreen in Madhya Pradesh के माध्यम से छोटे किसानों को खेती से जुड़े फैसले लेने में मदद मिलेगी। हर फसल सीजन में किसानों को जरूरी मार्गदर्शन और सहयोग दिया जाएगा, ताकि वे बदलते मौसम की चुनौतियों के बीच भी बेहतर उत्पादन हासिल कर सकें।

जलवायु अनुकूल खेती को मिलेगा बढ़ावा

मौसम में लगातार हो रहे बदलावों का असर खेती और फसल उत्पादन पर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे मिट्टी की सेहत, पानी की उपलब्धता और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर खेती करें। FarMart की यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने का प्रयास है। यदि कंपनी अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करती है, तो इससे मध्य प्रदेश के छोटे किसानों की खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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