Goat Pneumonia: सर्दियों का मौसम बकरी पालकों के लिए सबसे संवेदनशील समय माना जाता है। ठंडी हवा, नमी और तापमान में अचानक गिरावट के कारण बकरियों में निमोनिया (Pneumonia) का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। यदि समय रहते पहचान और सही देखभाल न की जाए, तो यह बीमारी भारी नुकसान का कारण बन सकती है। अच्छी बात यह है कि थोड़ी सी सावधानी और देसी स्तर की देखभाल से बकरियों को इस खतरनाक बीमारी से आसानी से बचाया जा सकता है।
बकरियों में निमोनिया क्यों होता है
निमोनिया मुख्य रूप से ठंड, नमी और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण होता है। सर्दियों में जब बकरियां ठंडी हवा, बारिश या ओस के संपर्क में आती हैं, तो उनके फेफड़े प्रभावित हो जाते हैं। गीला फर्श, हवा का सीधा झोंका और भीड़भाड़ वाली बाड़ा व्यवस्था इस बीमारी को और बढ़ा देती है।Goat Pneumonia

निमोनिया के शुरुआती लक्षण पहचानना है सबसे जरूरी
अगर बकरी को बार-बार खांसी आ रही है, नाक से पानी या झाग जैसा स्राव निकल रहा है, सांस तेज चल रही है, बकरी सुस्त हो गई है या खाना कम खा रही है, तो यह निमोनिया के संकेत हो सकते हैं। कई मामलों में बुखार और शरीर का तापमान बढ़ना भी देखा जाता है। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना बड़े नुकसान की वजह बन सकता है।
ठंड और नमी से बचाव है सबसे बड़ा उपाय
सर्दियों में बकरियों के रहने की जगह को ठंडी हवा और नमी से पूरी तरह सुरक्षित रखना जरूरी है। बाड़े में हवा सीधे न लगे, फर्श सूखा रहे और नीचे पुआल या भूसा बिछा हो। रात के समय छोटे बच्चों (छोटे मेमनों) को अतिरिक्त गर्म स्थान देना बहुत जरूरी होता है।Goat Pneumonia
संतुलित आहार से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
ठंड में बकरियों को ऐसा आहार देना चाहिए जो शरीर को गर्मी और ताकत दे। हरा चारा, सूखा चारा और दाना संतुलित मात्रा में दें। साथ ही खनिज मिश्रण और स्वच्छ गुनगुना पानी देना बेहद फायदेमंद होता है। मजबूत शरीर वाली बकरियां निमोनिया जैसी बीमारियों का बेहतर सामना कर पाती हैं।
भीड़भाड़ से बचाव और साफ-सफाई जरूरी
एक ही जगह ज्यादा बकरियां रखने से संक्रमण तेजी से फैलता है। बाड़े में भीड़ न होने दें और नियमित साफ-सफाई रखें। गोबर और गीले हिस्से को तुरंत हटाएं, ताकि नमी न बनी रहे। साफ वातावरण में रोग फैलने की संभावना काफी कम हो जाती है।Goat Pneumonia
मेमनों पर रखें खास ध्यान
छोटे मेमने निमोनिया की चपेट में सबसे जल्दी आते हैं। उन्हें ठंडी हवा, बारिश और ओस से पूरी तरह बचाना चाहिए। मेमनों के लिए अलग, सूखा और गर्म स्थान होना जरूरी है। हल्की सी लापरवाही भी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

समय पर इलाज से बच सकता है जान-माल का नुकसान
अगर बकरी में निमोनिया के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। शुरुआती इलाज से बीमारी पर जल्दी काबू पाया जा सकता है। देरी करने पर संक्रमण बढ़ सकता है और अन्य बकरियों में भी फैल सकता है।
निष्कर्ष
सर्दियों में बकरियों में निमोनिया एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है। ठंडी हवा और नमी से बचाव, साफ-सफाई, संतुलित आहार और नियमित निगरानी जैसी छोटी-छोटी सावधानियां बकरियों को बड़े नुकसान से बचा सकती हैं। सही समय पर ध्यान देकर बकरी पालक अपने पशुधन को स्वस्थ रख सकते हैं और आर्थिक नुकसान से भी सुरक्षित रह सकते हैं।Goat Pneumonia
