डीजल को कहें अलविदा! CNG-CBG ट्रैक्टर से खेती होगी सस्ती, साफ और ज्यादा मुनाफेदार CNG-CBG tractor se kheti hogi sasti

डीजल को कहें अलविदा! CNG-CBG ट्रैक्टर से खेती होगी सस्ती, साफ और ज्यादा मुनाफेदार CNG-CBG tractor se kheti hogi sasti

CNG-CBG tractor se kheti hogi sasti : खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और डीजल की कीमतें किसानों की कमाई पर सीधा असर डाल रही हैं। ऐसे में अब खेती के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। CNG और CBG से चलने वाले ट्रैक्टर डीजल का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहे हैं। ये ट्रैक्टर न सिर्फ ईंधन खर्च कम करते हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी कहीं ज्यादा सुरक्षित हैं। आने वाले समय में यह तकनीक किसानों की खेती को सस्ती, साफ और ज्यादा मुनाफेदार बनाने वाली है।

CNG–CBG ट्रैक्टर क्या हैं

CNG यानी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस और CBG यानी कंप्रेस्ड बायोगैस से चलने वाले ट्रैक्टर पारंपरिक डीजल ट्रैक्टर की तरह ही सभी कृषि कार्य कर सकते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इनमें डीजल की जगह गैस ईंधन का इस्तेमाल होता है, जिससे खर्च और प्रदूषण दोनों में बड़ी कमी आती है।

CNG-CBG tractor se kheti hogi sasti

खेती होगी सस्ती, ईंधन खर्च में भारी बचत

डीजल ट्रैक्टर की तुलना में CNG–CBG ट्रैक्टर का ईंधन खर्च 40 से 60 प्रतिशत तक कम हो सकता है। जहां डीजल की कीमतें हर साल बढ़ रही हैं, वहीं CNG और CBG अपेक्षाकृत सस्ते और स्थिर विकल्प हैं। इससे जुताई, बुवाई, ढुलाई और अन्य कृषि कार्यों की लागत कम होती है और किसान की शुद्ध आय बढ़ती है।

पर्यावरण के लिए बेहतर और साफ तकनीक

CNG और CBG ट्रैक्टर से कार्बन उत्सर्जन काफी कम होता है। धुआं कम निकलने से खेत में काम करने वाले किसान और मजदूरों की सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। इसके अलावा यह तकनीक जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भी मदद करती है, क्योंकि बायोगैस जैविक कचरे से तैयार की जाती है।CNG-CBG tractor se kheti hogi sasti

CBG से आत्मनिर्भर किसान

CBG ट्रैक्टर किसानों के लिए एक और बड़ा अवसर लेकर आते हैं। जिन किसानों के पास गोबर, फसल अवशेष और जैविक कचरा उपलब्ध है, वे खुद बायोगैस प्लांट लगाकर CBG तैयार कर सकते हैं। इससे ईंधन पर निर्भरता कम होगी और अतिरिक्त आमदनी का रास्ता भी खुलेगा।

रखरखाव आसान और इंजन पर कम दबाव

CNG–CBG ट्रैक्टर का इंजन अपेक्षाकृत साफ रहता है, जिससे मेंटेनेंस की लागत कम होती है। इंजन ऑयल जल्दी खराब नहीं होता और लंबे समय तक बेहतर परफॉर्मेंस मिलती है। इससे ट्रैक्टर की उम्र भी बढ़ती है।CNG-CBG tractor se kheti hogi sasti

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भविष्य की खेती की दिशा

सरकार भी वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा दे रही है, जिससे आने वाले समय में CNG–CBG ट्रैक्टर की उपलब्धता और इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ेगा। जैसे-जैसे गैस स्टेशनों और बायोगैस प्लांट की संख्या बढ़ेगी, किसानों के लिए इस तकनीक को अपनाना और आसान हो जाएगा।

निष्कर्ष

CNG–CBG ट्रैक्टर खेती के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकते हैं। कम ईंधन खर्च, साफ तकनीक, आसान रखरखाव और ज्यादा मुनाफा—ये सभी फायदे किसानों को डीजल से दूर ले जाकर भविष्य की स्मार्ट खेती की ओर बढ़ाते हैं। यदि किसान समय रहते इस बदलाव को अपनाते हैं, तो उनकी खेती न सिर्फ टिकाऊ बनेगी बल्कि कमाई भी मजबूत होगी।CNG-CBG tractor se kheti hogi sasti

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