2025-26 me in fasalo ka bada rakhba: रबी सीजन 2025-26 में किसानों के रुझान और अनुकूल मौसम का असर साफ दिखाई देने लगा है। इस बार गेहूं, चना और तिलहन फसलों के रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल रबी क्षेत्रफल में 6.87 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
गेहूं की बुवाई में बढ़ा किसानों का भरोसा
रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं का रकबा इस साल बढ़ा है। बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), समय पर बुवाई, पर्याप्त नमी और उन्नत किस्मों की उपलब्धता के कारण किसानों ने गेहूं की खेती को प्राथमिकता दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौसम इसी तरह अनुकूल रहा, तो गेहूं उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

चना की खेती में भी आई तेजी
दलहनी फसलों में चना किसानों की पहली पसंद बना हुआ है। रबी 2025-26 में चना का रकबा बढ़ने की सबसे बड़ी वजह इसकी कम लागत, कम पानी की जरूरत और अच्छी बाजार मांग मानी जा रही है। साथ ही, सरकार द्वारा दलहन उत्पादन बढ़ाने पर दिए जा रहे जोर से भी किसान चना की ओर आकर्षित हुए हैं।2025-26 me in fasalo ka bada rakhba
तिलहनों के रकबे में भी हुआ विस्तार
इस रबी सीजन में सरसों सहित अन्य तिलहनी फसलों का रकबा भी बढ़ा है। खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की सरकारी नीति का असर तिलहन खेती पर साफ नजर आ रहा है। किसानों को उम्मीद है कि अच्छी पैदावार मिलने पर उन्हें बेहतर दाम भी मिलेंगे।
कुल रबी क्षेत्रफल में 6.87 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी
आंकड़ों के अनुसार रबी 2025-26 में कुल फसली क्षेत्रफल पिछले साल की तुलना में 6.87 लाख हेक्टेयर अधिक दर्ज किया गया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से गेहूं, चना और तिलहन फसलों में हुई है। इससे यह संकेत मिलता है कि किसान रबी फसलों को लेकर आशावादी हैं और खेती में निवेश बढ़ा रहे हैं।2025-26 me in fasalo ka bada rakhba

उत्पादन और बाजार पर क्या पड़ेगा असर
रकबे में बढ़ोतरी से इस बार रबी फसलों के कुल उत्पादन में इजाफा होने की संभावना है। इससे एक ओर देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर बाजार में आवक बढ़ने से कीमतों में स्थिरता भी आ सकती है। हालांकि, अंतिम परिणाम काफी हद तक मौसम और फसल प्रबंधन पर निर्भर करेगा।
किसानों के लिए क्या है संदेश
रबी सीजन 2025-26 की शुरुआत सकारात्मक संकेतों के साथ हुई है। अगर किसान वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खाद, सिंचाई और कीट-रोग प्रबंधन पर ध्यान दें, तो बढ़े हुए रकबे का पूरा लाभ लिया जा सकता है। सही तकनीक और समय पर देखभाल से यह रबी सीजन किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। 2025-26 me in fasalo ka bada rakhba
