दो आंख वाला गन्ना बोने पर डबल हो सकती है पैदावार, केवल इतने महीने पुराने बीज का करें चयन Do aakh wala ganna bone pr double hogi kamai

दो आंख वाला गन्ना बोने पर डबल हो सकती है पैदावार, केवल इतने महीने पुराने बीज का करें चयन Do aakh wala ganna bone pr double hogi kamai

Do aakh wala ganna bone pr double hogi kamai: गन्ना किसानों के लिए बीज का सही चयन और बोने की तकनीक सबसे अहम मानी जाती है। अगर किसान दो आंख वाले गन्ना बीज का सही तरीके से उपयोग करें, तो कम बीज लागत में ज्यादा अंकुरण, मजबूत पौधे और बेहतर उपज प्राप्त की जा सकती है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, सही उम्र के गन्ना बीज और उन्नत रोपण विधि अपनाने से गन्ने की पैदावार में 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है।

क्या है दो आंख वाला गन्ना बीज

दो आंख वाला गन्ना बीज दरअसल गन्ने का ऐसा छोटा टुकड़ा होता है, जिसमें केवल दो सक्रिय आंखें (कली) होती हैं। पारंपरिक तरीके में जहां 3–4 आंखों वाले लंबे टुकड़े लगाए जाते हैं, वहीं दो आंख वाला बीज कम जगह, कम बीज मात्रा और अधिक समान अंकुरण देता है। इससे खेत में पौधों की संख्या संतुलित रहती है और हर पौधे को पर्याप्त पोषण मिलता है।

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कितने महीने पुराने बीज का करें चयन

गन्ना बोने के लिए 8 से 10 महीने पुराना स्वस्थ और रोगमुक्त गन्ना सबसे उपयुक्त माना जाता है। इससे कम उम्र का गन्ना कमजोर अंकुरण देता है, जबकि ज्यादा पुराना गन्ना लगाने पर आंखों की सक्रियता घट जाती है। बीज लेते समय यह जरूर देखें कि गन्ना ताजा, रसदार और लाल सड़न या किसी फंगल रोग से मुक्त हो।Do aakh wala ganna bone pr double hogi kamai

दो आंख वाले गन्ना बीज के फायदे

दो आंख वाले गन्ना बीज से किसानों को कई स्तर पर लाभ मिलता है।
पहला लाभ यह है कि बीज की मात्रा 35–40 प्रतिशत तक कम हो जाती है, जिससे लागत घटती है।
दूसरा, अंकुरण लगभग एक समान होता है, जिससे खाली जगह की समस्या नहीं रहती।
तीसरा, पौधों की जड़ें मजबूत बनती हैं, जो आगे चलकर मोटे और भारी गन्ने में बदलती हैं।
इसके अलावा फसल में हवा और धूप का बेहतर संचार होने से कीट-रोग का प्रकोप भी कम देखा जाता है।Do aakh wala ganna bone pr double hogi kamai

बोने की सही विधि क्या हो

दो आंख वाले गन्ना बीज को बोने से पहले हल्का फफूंदनाशक या जैव उपचार करना फायदेमंद रहता है। खेत की तैयारी अच्छी तरह से करें और मेड़ों में उचित दूरी रखें। बीज को 8–10 सेंटीमीटर गहराई पर रखें और ऊपर से हल्की मिट्टी डालें। शुरुआती सिंचाई समय पर करने से अंकुरण तेजी से होता है और पौधों की वृद्धि मजबूत रहती है।

उपज बढ़ाने के लिए जरूरी सावधानियां

गन्ना बोने के बाद समय-समय पर नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश का संतुलित उपयोग करें। साथ ही खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि शुरुआती 60 दिन फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। सिंचाई का अंतर मौसम और मिट्टी के अनुसार रखें ताकि नमी बनी रहे और जड़ें सड़ें नहीं।Do aakh wala ganna bone pr double hogi kamai

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क्यों कहा जा रहा है कि पैदावार हो सकती है डबल

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसान दो आंख वाले, सही उम्र के बीज के साथ उन्नत प्रबंधन अपनाते हैं, तो पौधों की संख्या, गन्ने का वजन और रिकवरी तीनों बेहतर होती है। यही कारण है कि कई क्षेत्रों में किसानों ने पारंपरिक विधि की तुलना में लगभग दोगुनी आय दर्ज की है।

निष्कर्ष

अगर आप गन्ने की खेती में कम लागत में ज्यादा मुनाफा चाहते हैं, तो 8–10 महीने पुराने दो आंख वाले गन्ना बीज का चयन जरूर करें। सही बीज, वैज्ञानिक रोपण और संतुलित देखभाल से आपकी गन्ने की फसल न केवल मजबूत होगी, बल्कि पैदावार और आमदनी दोनों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। Do aakh wala ganna bone pr double hogi kamai

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