Channe ki fasal me pad rhi illi ka kese kare samadhan : रबी सीजन में चने की खेती करने वाले किसानों के लिए इल्ली (सुंडी) का प्रकोप एक बड़ी समस्या बन जाता है। खासतौर पर फूल और फल आने की अवस्था में इल्ली चने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाती है। समय रहते सही उपाय न किए जाएं तो पैदावार में 30 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि किसान इल्ली की पहचान कर सही समय पर नियंत्रण के उपाय अपनाएं।

चने की फसल में इल्ली का नुकसान कैसे पहचानें?
इल्ली सबसे पहले चने के पौधों की कोमल पत्तियां, फूल और फलियों को नुकसान पहुंचाती है। इसके प्रकोप के लक्षण इस प्रकार हैं—
- पत्तियों में छेद दिखाई देना
- फूल और छोटी फलियां झड़ना
- फलियों में दाने खाए हुए नजर आना
- खेत में हरे या भूरे रंग की इल्ली दिखाई देना Channe ki fasal me pad rhi illi ka kese kare samadhan
इल्ली बढ़ने के प्रमुख कारण
- मौसम में नमी और हल्की ठंड
- संतुलित खाद का उपयोग न होना
- एक ही फसल की लगातार खेती
- खेत में खरपतवार की अधिकता
जैविक तरीके से इल्ली का नियंत्रण
अगर इल्ली का प्रकोप कम है तो किसान पहले जैविक उपाय अपनाएं—
- नीम तेल (Neem Oil) 3–5 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें
- नीमास्त्र या दशपर्णी अर्क का छिड़काव लाभकारी रहता है
- खेत में बर्ड पर्च (टी-आकार की लकड़ी) लगाएं, जिससे पक्षी इल्ली को खा सकें
- फेरोमोन ट्रैप 4–5 प्रति एकड़ लगाएं Channe ki fasal me pad rhi illi ka kese kare samadhan
रासायनिक दवाओं से प्रभावी नियंत्रण
जब इल्ली का प्रकोप अधिक हो जाए, तब रासायनिक नियंत्रण जरूरी हो जाता है—
- इमामेक्टिन बेंजोएट 5 SG: 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी
- स्पिनोसैड 45 SC: 0.3 मिली प्रति लीटर पानी
- क्लोरान्ट्रानिलिप्रोल 18.5 SC: 0.3 मिली प्रति लीटर पानी Channe ki fasal me pad rhi illi ka kese kare samadhan

👉 छिड़काव हमेशा शाम के समय करें और दवा बदल-बदल कर इस्तेमाल करें।
छिड़काव करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- दवा की सही मात्रा ही प्रयोग करें
- तेज हवा और तेज धूप में छिड़काव न करें
- सुरक्षा उपकरण (दस्ताने, मास्क) जरूर पहनें
- जरूरत से ज्यादा छिड़काव से बचें
भविष्य में इल्ली से बचाव कैसे करें?
- फसल चक्र अपनाएं
- संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें
- खेत को खरपतवार मुक्त रखें
- समय-समय पर फसल की निगरानी करें Channe ki fasal me pad rhi illi ka kese kare samadhan
निष्कर्ष
चने की फसल में इल्ली का प्रकोप समय पर न रोका जाए तो भारी नुकसान हो सकता है। जैविक और रासायनिक उपायों को सही समय पर अपनाकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं। सही जानकारी और सतर्कता से चने की पैदावार और मुनाफा दोनों बढ़ाया जा सकता है। Channe ki fasal me pad rhi illi ka kese kare samadhan
