Sabjiyo ko kohre or thand se kese bachay: सर्दियों के मौसम में कोहरा और कड़ाके की ठंड सब्जियों की खेती के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। अधिक ठंड और पाला लगने से सब्जियों की बढ़वार रुक जाती है, पत्तियां झुलस जाती हैं और कई बार पूरी फसल खराब हो जाती है। अगर समय रहते सही उपाय कर लिए जाएं, तो सब्जियों को ठंड और कोहरे से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
ठंड और कोहरे से सब्जियों को होने वाला नुकसान
कोहरे के कारण पत्तियों पर नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे फंगल रोग बढ़ जाते हैं। वहीं अधिक ठंड या पाले से पौधों की कोशिकाएं जम जाती हैं, पत्तियां मुरझा जाती हैं और फूल व फल गिरने लगते हैं। टमाटर, मिर्च, बैंगन, मटर, फूलगोभी और पत्तेदार सब्जियां ठंड से ज्यादा प्रभावित होती हैं।

हल्की सिंचाई है सबसे कारगर उपाय
ठंड और पाले से बचाव के लिए हल्की सिंचाई सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है। जब मौसम में पाले की संभावना हो, तो शाम के समय खेत में हल्की सिंचाई कर दें। इससे मिट्टी का तापमान बना रहता है और पौधों को ठंड से बचाव मिलता है। ध्यान रखें, ज्यादा पानी न भरने दें।Sabjiyo ko kohre or thand se kese bachay
पॉलिथीन या लो टनल का इस्तेमाल
सब्जियों को ठंड से बचाने के लिए लो टनल या प्लास्टिक शीट का उपयोग बहुत फायदेमंद होता है। नर्सरी और छोटी फसल पर सफेद या पारदर्शी पॉलिथीन ढक देने से अंदर का तापमान 3–5 डिग्री तक ज्यादा रहता है, जिससे पौधे सुरक्षित रहते हैं। दिन में धूप निकलने पर शीट को थोड़ा खोल देना चाहिए।
धुआं (Smoke) करके पाले से बचाव
पाले की आशंका होने पर रात में खेत के चारों ओर सूखी घास, पुआल या गोबर के उपले जलाकर हल्का धुआं करें। इससे खेत का तापमान गिरने नहीं पाता और पाले का असर कम हो जाता है। यह तरीका खासकर खुले खेतों में बहुत उपयोगी है।Sabjiyo ko kohre or thand se kese bachay
संतुलित खाद और पोटाश का प्रयोग
सर्दियों में सब्जियों को मजबूत रखने के लिए पोटाश की मात्रा बढ़ाना फायदेमंद होता है। पोटाश से पौधों की ठंड सहन करने की क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा संतुलित खाद का प्रयोग करें और नाइट्रोजन की अधिकता से बचें, क्योंकि इससे पौधे नरम हो जाते हैं और ठंड का असर ज्यादा होता है।
फसल पर पानी का छिड़काव
बहुत अधिक ठंड या पाले की स्थिति में सुबह-सुबह स्प्रिंकलर या पानी का हल्का छिड़काव करना भी फायदेमंद होता है। इससे जमी हुई बर्फ पिघल जाती है और पौधों को नुकसान कम होता है।
जैविक घोल का छिड़काव
गोमूत्र, छाछ या समुद्री शैवाल (सी-वीड) आधारित घोल का 7–10 दिन के अंतर पर छिड़काव करने से पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वे ठंड को बेहतर तरीके से सहन कर पाते हैं।

जरूरी सावधानियां
खेत में पानी जमा न होने दें।
बहुत घना कोहरा होने पर निराई-गुड़ाई से बचें।
सुबह के समय ओस सूखने के बाद ही खेत में काम करें।
मौसम की जानकारी पर नजर रखें और पहले से तैयारी रखें।
निष्कर्ष
अगर किसान समय पर सिंचाई, ढकाव, धुएं का प्रयोग और संतुलित पोषण अपनाएं, तो सब्जियों को कोहरे और ठंड से आसानी से बचाया जा सकता है। सही देखभाल से न सिर्फ फसल सुरक्षित रहती है, बल्कि पैदावार और गुणवत्ता भी बनी रहती है, जिससे बाजार में बेहतर दाम मिलते हैं।Sabjiyo ko kohre or thand se kese bachay
