31 जनवरी से पहले तरबूज की इन किस्मों की करें बुवाई, अप्रैल से कमाई शुरू,5 किलो तक का होगा फल April se kamai suru ,tarbuj ki in kismo ki kare buwai

31 जनवरी से पहले तरबूज की इन किस्मों की करें बुवाई, अप्रैल से कमाई शुरू,5 किलो तक का होगा फल April se kamai suru ,tarbuj ki in kismo ki kare buwai

April se kamai suru ,tarbuj ki in kismo ki kare buwai : अगर किसान अप्रैल से ही बाजार में तरबूज बेचकर कमाई शुरू करना चाहते हैं, तो 31 जनवरी से पहले बुवाई करना सबसे सही समय माना जाता है। इस समय बोई गई फसल जल्दी तैयार होती है, बाजार में आवक कम रहती है और भाव ज्यादा मिलता है। सही किस्म और तकनीक अपनाने पर तरबूज का वजन 4–5 किलो या उससे ज्यादा भी आसानी से मिल सकता है।

जल्दी बुवाई से क्यों होता है ज्यादा मुनाफा?

जनवरी के अंत तक बोया गया तरबूज मार्च के आखिरी सप्ताह से फल देना शुरू कर देता है। अप्रैल में जब मांग ज्यादा और सप्लाई कम होती है, तब किसानों को शानदार दाम मिलते हैं। यही वजह है कि अगेती तरबूज की खेती को सबसे ज्यादा मुनाफे वाली सब्जी खेती में गिना जाता है।

April se kamai suru ,tarbuj ki in kismo ki kare buwai

31 जनवरी से पहले बोने योग्य तरबूज की बेहतरीन किस्में

शुगर बेबी

यह अगेती किस्म मानी जाती है। फल गोल, गहरे हरे रंग के और वजन 4–5 किलो तक होता है। गूदा लाल और बहुत मीठा होता है, जिससे बाजार में इसकी मांग ज्यादा रहती है।

अर्का ज्योति

यह किस्म कम समय में तैयार हो जाती है और इसका फल आकार में बड़ा व एकसमान होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने के कारण नुकसान का खतरा कम रहता है।

ब्लैक बॉस (हाइब्रिड)

यह हाइब्रिड किस्म जल्दी तैयार होने वाली और ज्यादा उत्पादन देने वाली है। फल का वजन 5 किलो तक पहुंच जाता है और लंबी दूरी की ढुलाई में भी खराब नहीं होता।

महिको सुपर

इस किस्म में फल मजबूत छिलके वाला होता है, जिससे तुड़ाई और परिवहन आसान रहता है। अगेती खेती के लिए यह किस्म किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

बुवाई की सही तकनीक अपनाएं

तरबूज की बुवाई के लिए हल्की बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। खेत में जल निकासी का सही इंतजाम होना जरूरी है। जनवरी में ठंड से बचाव के लिए प्लास्टिक मल्चिंग और लो-टनल तकनीक अपनाने से अंकुरण अच्छा होता है और पौधे तेजी से बढ़ते हैं।April se kamai suru ,tarbuj ki in kismo ki kare buwai

सिंचाई और खाद प्रबंधन

ड्रिप सिंचाई से पानी और खाद दोनों की बचत होती है। बुवाई के समय सड़ी गोबर खाद मिलाएं। फूल आने और फल बनने के समय पोटाश और सूक्ष्म तत्वों का संतुलित प्रयोग करें, इससे फल का आकार और वजन बढ़ता है।

कितनी होगी लागत और कमाई?

अगेती तरबूज की खेती में प्रति एकड़ लगभग 60,000 से 1 लाख रुपये तक की लागत आती है। सही प्रबंधन और अच्छे बाजार भाव मिलने पर किसान 3 से 5 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की कमाई कर सकता है। अप्रैल में शुरुआती फसल का दाम सबसे ज्यादा मिलता है।

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किसानों के लिए जरूरी सलाह

हमेशा प्रमाणित बीज ही खरीदें। ठंड और पाले से बचाव के उपाय करें। समय पर परागण के लिए मधुमक्खियों का संरक्षण करें। फल लगने के बाद खेत की नियमित निगरानी करें ताकि कीट-रोग का प्रकोप न बढ़े।

निष्कर्ष

अगर किसान 31 जनवरी से पहले तरबूज की सही किस्मों की बुवाई कर लेते हैं, तो अप्रैल से ही बाजार में फसल बेचकर बढ़िया कमाई शुरू कर सकते हैं। शुगर बेबी, अर्का ज्योति, ब्लैक बॉस और महिको सुपर जैसी किस्में अगेती खेती में 5 किलो तक का फल देकर किसानों को शानदार मुनाफा दिला सकती हैं। सही समय, सही किस्म और सही तकनीक ही अगेती तरबूज की खेती की असली कुंजी है।April se kamai suru ,tarbuj ki in kismo ki kare buwai

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