Aalu ki khudai k baad kisan khali na chode khet,kare mung ki kheti : आलू की खुदाई के बाद किसान को खेत खाली नहीं छोड़ना चाहिये बल्कि जायद सीजन में मूंग की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. यह फसल करीब 60 दिनों में तैयार हो जाती है और इसमें ज्यादा लागत भी नहीं आती. सही बीज, समय पर सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव से किसान बेहतर पैदावार हासिल कर सकते हैं और कम समय में अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं.

अक्सर हम देखते है कि आलू की खुदाई के बाद किसान अपने खेतों को कुछ समय के लिए खाली छोड़ देते हैं. लेकिन कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यही समय किसानों के लिए अधिक कमाई का सुनहरा मौका हो सकता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, अगर इस समय में जायद सीजन की मूंग की खेती की जाए तो कम समय में अच्छी पैदावार के साथ अच्छा मुनाफा भी कमाया जा सकता है. मूंग की खेती इसलिए भी फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि इसमें ज्यादा लागत नहीं आती और बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है.
60 दिन में तैयार होगी फसल
आलू की खुदाई के बाद खेतों को खाली नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि जायद सीजन में मूंग की खेती करने से किसानों को बेहतर उत्पादन मिलता है. मूंग की खेती शुरू करने से पहले खेत में पलेवा करना जरूरी होता है, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और बीज अच्छी तरह अंकुरित हो पाते हैं. पलेवा करने के बाद खेत में मूंग के बीज बो दिए जाते हैं. एक एकड़ खेत में मूंग की खेती के लिए लगभग 8 से 10 किलोग्राम बीज की जरूरत होती है.बुवाई के बाद फसल को समय-समय पर सिंचाई की जरूरत पड़ती है. आमतौर पर दो महीनों के दौरान 4 से 5 बार सिंचाई करनी पड़ती है. उचित देखभाल करने पर लगभग 60 दिनों में मूंग की फसल तैयार हो जाती है, जिसे किसान बाजार में बेचकर अच्छा लाभ कमा सकते हैं.Aalu ki khudai k baad kisan khali na chode khet,kare mung ki kheti
अच्छी पैदावार के लिए चुनें उन्नत किस्में
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मूंग की खेती में अच्छी पैदावार पाने के लिए सही किस्म के बीज का चयन करना बहुत जरूरी है. यदि किसान उन्नत किस्मों के बीज का उपयोग करते हैं तो उत्पादन अधिक मिलता है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है. मूंग की खेती के लिए किसान विशाल, IPM 2-3, IPM 2-14 और सम्राट जैसी उन्नत किस्मों का चयन कर सकते हैं. ये किस्में जायद सीजन के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं और इनसे अच्छी उपज प्राप्त होती है.
फूल आने पर फसल की विशेष देखभाल जरूरी
मूंग की फसल में फूल आने का समय अधिक महत्वपूर्ण होता है. इस दौरान कई प्रकार के कीट और रोग फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए किसानों को इस समय विशेष सतर्कता रखनी चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार जब फसल में फूल आने लगें तो समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए. इससे कीट-पतंगों से फसल सुरक्षित रहती है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है.Aalu ki khudai k baad kisan khali na chode khet,kare mung ki kheti

कम लागत में बेहतर मुनाफे वाली खेती
मूंग की खेती कम समय और कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती है. यही कारण है कि जायद सीजन में इसकी खेती किसानों के लिए फायदेमंद विकल्प बन सकती है. अगर किसान आलू की फसल के बाद खेतों को खाली छोड़ने की बजाय मूंग की खेती करें, तो उन्हें कम समय में अतिरिक्त आय का अच्छा अवसर मिल सकता है. सही तकनीक और देखभाल के साथ यह खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार हो सकती है.Aalu ki khudai k baad kisan khali na chode khet,kare mung ki kheti
