Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate
Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate राजस्थान में इस बार गेहूं की खरीद को लेकर किसानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है राजस्थान के किसान नेता और किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश की मंडियों में गेहूं का रेट ऐसे भी अभी एमएसपी से कम है, जिससे सिर्फ हिमाचल ही नहीं बल्कि राजस्थान के किसान भी नुकसान में हैं. उनका कहना है कि राजस्थान सरकार को हिमाचल के विस्थापित किसानों की उपज भी सरकारी मंडियों में एमएसपी पर खरीदनी चाहिए. Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पोंग डैम के कारण विस्थापित किसानों को राजस्थान में खेती के लिए जमीन तो दे दी गई, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उनकी आर्थिक स्थिति सुधरने के बजाए दयनीय ही होती जा रही है. मौजूदा वक्त में विस्थापित किसानों को उनकी पसल का उचित रेट भी नहीं मिल पा रहा है. वे अपनी गेहूं की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे उन्हें मजबूरी में प्राइवेट व्यापारियों को कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ रही है. हालांकि, राजस्थान की मंडियों में ऐसे भी अभी गेहूं का रेट MSP से कम है. Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate
ये किसान पहले हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा इलाके में रहते थे, जिनकी जमीन और घर पोंग डैम बनने के दौरान अधिग्रहित कर लिए गए थे. बाद में उन्हें राजस्थान के श्रीगंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे जिलों में बसाया गया. लेकिन वहां सरकारी खरीद प्रणाली तक उनकी पहुंच न होना एक पुरानी और लगातार बनी रहने वाली समस्या बन गई है. Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate
इस वजह से MSP पर नहीं बेच पा रहे अपनी उपज
राजस्थान में अभी गेहूं की खरीद भारतीय खाद्य निगम (FCI) के जरिए की जा रही है, लेकिन पोंग डैम से विस्थापित किसानों को मौजूदा रबी सीजन में 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के MSP पर अपनी फसल बेचने का मौका नहीं मिल रहा. इसकी वजह यह है कि उनके पास जरूरी जन आधार कार्ड (JAC) नहीं है. दरअसल, ये किसान स्थायी रूप से हिमाचल प्रदेश में रहते हैं और सिर्फ बुवाई व कटाई के समय राजस्थान आते हैं. इसी कारण उन्हें वहां का स्थायी निवासी नहीं माना जाता और राजस्थान सरकार द्वारा जारी जन आधार कार्ड नहीं मिल पाता. यही वजह है कि वे सरकारी खरीद प्रणाली का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं. Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate
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क्या बोले किसान नेता रामपाल जाट
वहीं, राजस्थान के किसान नेता और किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश की मंडियों में गेहूं का रेट ऐसे भी अभी एमएसपी से कम है, जिससे सिर्फ हिमाचल ही नहीं बल्कि राजस्थान के किसान भी नुकसान में हैं. उनका कहना है कि राजस्थान सरकार को हिमाचल के विस्थापित किसानों की उपज भी सरकारी मंडियों में एमएसपी पर खरीदनी चाहिए. रामपाल जाट ने किसान इंडिया से कहा कि इन किसानों की जमीन तो चली गई और अब उनकी फसल भी एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही है. जन आधार कार्ड (JAC) न होने के कारण उनकी उपज की सरकारी खरीद नहीं हो पा रही है, जो सही नहीं है. इसलिए सरकार को तुरंत इन हिमाचल विस्थापित किसानों के लिए जन आधार कार्ड बनवाना चाहिए. साथ ही उन्होंने एमएसपी की गारंटी की भी मांग की. Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate
| जिला | मार्च 2026 कीमत (₹/क्विंटल) | फरवरी 2026 कीमत (₹/क्विंटल) | मार्च 2025 कीमत (₹/क्विंटल) | महीने दर महीने बदलाव | साल दर साल बदलाव |
|---|---|---|---|---|---|
| अजमेर | 2,265.46 | 2,365.55 | 2,545.97 | ↓ 4.2% | ↓ 11.0% |
| श्रीगंगानगर | 1,957.25 | 2,475.26 | 2,761.18 | ↓ 20.9% | ↓ 29.1% |
| बीकानेर | 2,285.37 | 2,352.67 | 2,567.77 | ↓ 2.9% | ↓ 11.0% |
हालांकि, ऐसे भी राजस्थान की मंडियों में गेहूं की होलसेल रेट एमएसपी से काफी कम है. Agmarknet के आंकड़ों के अनुसार, अजमेर जिले में मार्च महीने के दौरान गेहूं की औसत कीमत करीब 2,265.46 रुपये प्रति क्विंटल रही. यह फरवरी 2026 की कीमत 2,365.55 रुपये से लगभग 4.2 फीसदी कम है. खास बात यह है कि मार्च 2025 में कीमत 2,545.97 रुपये थी, जिसके मुकाबले इस साल कीमत में करीब 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate
श्रीगंगानगर की मंडियों में गेहूं का लेटेस्ट रेट
इसी तरह श्रीगंगानगर जिले में मार्च 2026 में गेहूं की औसत कीमत करीब 1,957.25 रुपये प्रति क्विंटल रही. यह फरवरी 2026 की कीमत 2,475.26 रुपये से लगभग 20.9 फीसदी कम है. वहीं, मार्च 2025 में कीमत 2,761.18 रुपये थी, जिसके मुकाबले इस साल करीब 29.1 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. Agmarknet के मुताबिक, बीकानेर जिले में भी मार्च महीने के दौरान गेहूं की औसत कीमत लगभग 2,285.37 रुपये प्रति क्विंटल रही. यह फरवरी 2026 की कीमत 2,352.67 रुपये से करीब 2.9 फीसदी कम है. वहीं, मार्च 2025 में कीमत 2,567.77 रुपये थी, जिससे इस साल करीब 11 फीसदी की गिरावट देखी गई है. Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate
किसान व्यापारियों को बेच रहे अपनी उपज
पोंग डैम विस्थापित समिति के अध्यक्ष हंसराज चौधरी ने द ट्रिब्यून से कहा कि 2,000 से ज्यादा किसान मजबूरी में अपनी गेहूं की फसल प्राइवेट खरीदारों को 2,100 से 2,200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बेच रहे हैं, जो MSP से काफी कम है. उनका आरोप है कि राजस्थान सरकार इन किसानों को प्रवासी मानती है, जिससे उन्हें MSP का लाभ नहीं मिल पाता और हर साल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है. समिति ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को एक ज्ञापन देकर जल्द समाधान की मांग की है. इसमें सरकार से अपील की गई है कि विस्थापित किसानों के लिए MSP पर खरीद की व्यवस्था की जाए और नुकसान की भरपाई के लिए 150 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाए. Rajasthan Me MSP Se Km Gehu Ka Rate
किसानों पर क्या पड़ेगा असर?
- किसानों को MSP से कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ सकता है।
- आय में कमी से आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
- कर्ज और लागत वसूली में मुश्किलें आ सकती हैं।

