Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde गर्मियों में गहरी जुताई के फायदे

Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde गर्मियों में गहरी जुताई के फायदे

Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde

Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde किसान भाई खेत की जुताई का काम अक्सर बुवाई के समय करते हैं। जबकि फसल के अच्छे उत्पादन के लिए रबी फसल की कटाई के तुरंत बाद मिट्टी पलटने वाले हल से गहरी जुताई कर ग्रीष्म ऋतू में खेत को खाली रखना बहुत ही ज्यादा लाभदायक हो सकता हैं। क्योंकि फसलों में लगने वाले कीट जैसे सफेद लट, कटवा इल्ली, लाल भृंग की इल्ली तथा व्याधियों जैसे उखटा, जड़गलन की रोकथाम की दृष्टि से गर्मियों में गहरी जुताई करके खेत खाली छोड़ने से भूमि का तापमान बढ़ जाता हैं जिससे भूमि में मौजूद कीटों के अंडे, प्यूपा, लार्वा और लट ख़त्म हो जाते हैं Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde

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जिसके परिणाम स्वरूप रबी एवं खरीफ में बोई जाने वाली तिलहनी, दलहनी खाद्दान्न फसलों और सब्जियों में लगने वाले कीटों- रोगों का प्रकोप कम हो जाता हैं। क्योंकि जुताई के समय भूमि में रहने वाले कीट उनकी अपरिपक्व अवस्था जैसे प्यूपा, लार्वा भूमि की सतह पर आ जाते हैं, जिन पर प्रतिकूल वातावरण एवं उनके प्राकृतिक शत्रुओ विशेषकर पर भक्षी पक्षियों का आक्रमण सहज हो जाता हैं। Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde

गहरी जुताई से मिट्टी को मिलती है धूप और हवा

उप निदेशक कृषि डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मियों में खेत की गहरी जुताई करने से मिट्टी में सूर्य की रोशनी और हवा का अच्छा संचार होता है. तेज गर्मी में मिट्टी के अंदर तक धूप पहुंचती है, जिससे खरपतवारों के बीज और हानिकारक कीट-मकोड़े खत्म हो जाते हैं. साथ ही, मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है, जिससे अगली फसल को पानी की सही मात्रा मिलती है और खरपतवारों का उगना कम हो जाता है. Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde

कीटों के अंडे होते है खत्म

गर्मी में की गई गहरी जुताई कीट नियंत्रण में भी कारगर है. जैसे टिड्डी अपने अंडे मिट्टी की गहराई में देती है और बारिश के बाद ये अंडे विकसित हो जाते हैं. लेकिन जुताई से ये अंडे ऊपर आ जाते हैं, जिन्हें पक्षी खा जाते हैं या फिर तेज धूप से खुद-ब-खुद नष्ट हो जाते हैं. बहुवर्षीय खरपतवारों की जड़ें मिट्टी में काफी गहराई तक फैली होती हैं. अगर गर्मी में दो से तीन बार गहरी जुताई की जाए, तो ये खरपतवार जड़ से खत्म हो जाते हैं. इसके लिए पलटा हल या डिस्क हैरो का इस्तेमाल करना चाहिए. Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde

 खरपतवार की समस्या को कम करता है

यह जिद्दी खरपतवारों को उखाड़ देता है और उनके बीजों को गहराई में दबा देता है, जिससे उनका फिर से उगना मुश्किल हो जाता है। यह खासकर दूब घास और मोंठ घास जैसे खरपतवारों पर असरदार होता है Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde

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सूर्यप्रकाश से मिट्टी की सफाई

जब मिट्टी की गहरी परतें तेज धूप के संपर्क में आती हैं, तो हानिकारक सूक्ष्मजीव और सूत्रकृमि (निमेटोड्स) नष्ट हो जाते हैं। यह प्रक्रिया वर्षा से पहले मिट्टी की एक तरह से प्राकृतिक सफाई है।

 बुआई के लिए जमीन को बेहतर बनाता है

गहरी जुताई मिट्टी को नरम और काम करने लायक बनाती है। इससे बीजों की उचित गहराई में बुआई होती है और अंकुरण समान रूप से होता है।

 वर्षा जल को रोकने की क्षमता बढ़ाता है

गहरी और ढीली मिट्टी बारिश का पानी बेहतर तरीके से सोखती और रोकती है। इससे वर्षा आधारित क्षेत्रों में सूखे के समय भी फसलों को नमी मिलती रहती है। Grmiyo Me Ghari Jutai Ke Fayde

कैसे करें ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई

  • ग्रीष्मकालीन जुताई हर तीन वर्ष में एक बार जरूर करें। ;ग्रीष्मकालीन जुताई प्रत्येक वर्ष पूरे खेत में करें यह आवश्यक नहीं है। इसका एक सरल उपाय है कि सम्पूर्ण खेत को 3 भागों में विभाजित कर लें और प्रत्येक वर्ष 1 भाग की गहरी जुताई करें। इस प्रकार प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल से प्रत्येक भाग की जुताई होती रहेगी तथा जुताई का खर्च भी तीन भागों में बंट जायेगा।
  • ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई लगभग 9-12 इंच गहरी करनी चाहिए, अधिकांश किसान एक निश्चित गहराई पर (6-7 इंच) जुताई करते हैं, जिससे वर्षा के कुछ समय बाद जल का अपवाह प्रारंभ हो जाता है।
  • गर्मी के समय में खेत की जुताई खेत की ढाल की विपरीत दिशा में करें।
  • फसल की कटाई के बाद खेत में जुताई के लिए पर्याप्त नमी होनी चाहिए, अर्थात फसल कटाई के तुरंत बाद जुताई करें। इससे जुताई अच्छी तरह से होती है, ईंधन की खपत कम होती है तथा उपकरण की आयु में भी बढ़ोतरी होती है।
  • ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई करते समय खेत की मृदा के बड़े-बड़े ढेले बनाने चाहिए।  इन ढेलों से वर्षा जल का अंतःसरण अधिक मात्रा में होता है, जिससे भूजलस्तर में भी वृद्धि होती है।
  • हल्की व रेतीली जमीन में ज्यादा जुताई न करें। इससे मृदा भुरभुरी हो जाती है  और हवा व बरसात से मृदा का कटाव बढ़ जाता है।
  • जुताई के बाद खेत के चारों ओर एक ऊंची मेड़ बनाने से वायु तथा जल द्वारा ्र्र मृदा के क्षरण की यदि कोई आशंका हो, तो वह भी समाप्त हो जाती है तथा खेत वर्षा जल सोख लेता है।
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