Shriram Kajla Farmer Success Story Net House Farming : राजस्थान के झुंझुनूं जिले के श्रीसरदारपुरा गांव के किसान श्रीराम काजला आज आधुनिक खेती की मिसाल बन चुके हैं। कभी ई-मित्र कियोस्क चलाने वाले श्रीराम ने खेती में नई तकनीकों को अपनाकर अपनी जिंदगी बदल दी। आज वे नेट हाउस, फार्म पॉन्ड और ड्रिप सिंचाई की सहायता से सालाना करीब 10 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं।
कोरोना काल में लिया खेती की ओर लौटने का फैसला Shriram Kajla Farmer Success Story Net House Farming
श्रीराम काजला पहले ई-मित्र संचालक के रूप में काम करते थे, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उनका काम प्रभावित हो गया। इसके बाद उन्होंने अपनी पुश्तैनी खेती को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। शुरुआत में उन्होंने गेहूं, सरसों और ग्वार जैसी पारंपरिक फसलें उगाईं, लेकिन पानी की कमी और कम उत्पादन के कारण ज्यादा लाभ नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने आधुनिक खेती अपनाने का निर्णय लिया और बागवानी फसलों की ओर कदम बढ़ाया। Shriram Kajla Farmer Success Story Net House Farming
फार्म पॉन्ड और ड्रिप सिंचाई से बचाया पानी
झुंझुनूं जैसे सूखे क्षेत्र में पानी की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए श्रीराम ने सरकारी सहायता से 30×30 आकार का फार्म पॉन्ड बनवाया, जिसमें बारिश का पानी जमा किया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाई, जिससे लगभग 40 प्रतिशत तक पानी की बचत होने लगी। कम पानी में बेहतर उत्पादन मिलने से खेती का खर्च भी कम हुआ और मुनाफा बढ़ गया।

नेट हाउस में खीरे की खेती से लाखों की आय
श्रीराम काजला ने अपनी 0.6 हेक्टेयर जमीन में 2200 वर्ग मीटर का नेट हाउस तैयार किया। यहां वे एक वर्ष में दो बार खीरे की खेती करते हैं। नेट हाउस में नियंत्रित वातावरण मिलने से फसल की गुणवत्ता बेहतर रहती है और बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं। वे हर दूसरे दिन करीब 8 क्विंटल खीरा सिंघाना मंडी में बेचते हैं। केवल खीरे की खेती से ही उन्हें सालाना करीब 5 लाख रुपए की आय हो रही है।Success Story Net House Farming
जैविक खेती और मिश्रित फसलों से बढ़ा मुनाफा
श्रीराम रासायनिक खादों की बजाय जैविक खेती को प्राथमिकता देते हैं। वे खेतों में वर्मी कम्पोस्ट और डीकंपोजर का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। इसके अलावा उन्होंने मिश्रित खेती मॉडल अपनाया है। खेत में करीब 200 नींबू और पपीते के पौधे लगाए गए हैं, जिनसे सालाना 1.5 से 2 लाख रुपए की अतिरिक्त आय हो रही है। साथ ही प्याज, मिर्च और तरबूज की खेती भी उनकी कमाई का अच्छा स्रोत बन चुकी है। Shriram Kajla Farmer Success Story Net House Farming
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किसानों के लिए बने प्रेरणा
आज श्रीराम काजला अपने क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। वे किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देते हैं और कई बार मुफ्त बीज भी उपलब्ध कराते हैं। उनकी सफलता को देखने कृषि वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी भी उनके खेतों का दौरा कर रहे हैं। उनकी इस सफलता में उनकी पत्नी का भी बड़ा योगदान रहा है। करीब 10 लाख रुपए की लागत से शुरू किया गया नेट हाउस प्रोजेक्ट अब उन्हें हर वर्ष लगभग 10 लाख रुपए की शुद्ध आय दे रहा है। Shriram Kajla Farmer Success Story Net House Farming
आधुनिक खेती से बदल सकती है किसानों की जिंदगी
श्रीराम काजला की सफलता यह साबित करती है कि यदि किसान नेट हाउस, ड्रिप सिंचाई, फार्म पॉन्ड और जैविक खेती जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, तो कम जमीन और कम पानी में भी अच्छी कमाई की जा सकती है। उनकी कहानी आज देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। Shriram Kajla Farmer Success Story Net House Farming
