Eastern India can become growth engine of Indias agriculture : पूर्वी भारत की कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को भुवनेश्वर स्थित मेफेयर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने संयुक्त रूप से किया।
सम्मेलन में ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कृषि विकास को लेकर साझा रणनीति पर मंथन हुआ। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूर्वी भारत उर्वरा भूमि, जल संसाधनों और मेहनती किसानों के कारण देश के कृषि विकास का “ग्रोथ इंजन” बन सकता है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को नई दिशा देने का गंभीर प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसकी रीढ़ कृषि क्षेत्र है।
उन्होंने कहा कि देश के सामने खाद्य सुरक्षा, पोषणयुक्त आहार और किसानों की बेहतर आय सुनिश्चित करने जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत घटाना और फसलों का विविधीकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल धान और गेहूं पर निर्भर रहने के बजाय दलहन, तिलहन, फल और सब्जियों की खेती को बढ़ावा देना होगा। Eastern India can become growth engine of Indias agriculture
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इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूर्वी राज्यों में छोटी जोत किसानों की बड़ी चुनौती है। ऐसे में इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल को गांव-गांव तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि खेती के साथ मछली पालन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन और कृषि वानिकी को जोड़कर छोटे किसान की आय बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने आईसीएआर और कृषि वैज्ञानिकों से व्यवहारिक मॉडल किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। Eastern India can become growth engine of Indias agriculture
“खेत बचाओ अभियान” एक जून से
केंद्रीय मंत्री ने संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी की सेहत पर विशेष बल देते हुए कहा कि बिना मृदा परीक्षण के अंधाधुंध खाद का प्रयोग खेती और जमीन दोनों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने बताया कि एक जून से “खेत बचाओ अभियान” शुरू किया जाएगा, जिसके तहत किसानों को संतुलित खाद उपयोग, आधुनिक तकनीक और योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने नकली खाद, घटिया बीज और नकली कीटनाशकों को किसानों के खिलाफ बड़ा अपराध बताते हुए कहा कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उर्वरकों के डायवर्जन को रोकने के लिए राज्यों से सख्त कार्रवाई की अपील की। Eastern India can become growth engine of Indias agriculture
फार्मर आईडी और खरीद व्यवस्था पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फार्मर आईडी किसानों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और तेज तरीके से पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। इससे ऋण, उर्वरक वितरण और सरकारी योजनाओं में सुविधा होगी। उन्होंने दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए खरीद व्यवस्था मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि किसान को तभी प्रोत्साहन मिलेगा जब उसकी उपज की खरीद सुनिश्चित होगी। Eastern India can become growth engine of Indias agriculture
ओडिशा सरकार की किसान हितैषी पहल
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन पूर्वी राज्यों के लिए साझा कृषि रोडमैप तैयार करने का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार कृषि को अधिक समावेशी, जलवायु अनुकूल और किसान केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। Eastern India can become growth engine of Indias agriculture
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन, दलहन उत्पादन, खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने मिलेट्स को “सुपर फूड” बताते हुए कहा कि यह कम पानी और कम खाद में उगने वाली महत्वपूर्ण फसल है, जो आदिवासी क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
उन्होंने धान खरीद, कृषि यंत्रीकरण, एफपीओ सशक्तीकरण, कोल्ड स्टोरेज विस्तार और कृषि उद्यमिता को राज्य की प्राथमिकताओं में बताया। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों से जैव विविधता संरक्षण और पारंपरिक फसलों पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
सम्मेलन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, रामनाथ ठाकुर, ओडिशा के उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंहदेव, बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री, वैज्ञानिक, किसान प्रतिनिधि, एफपीओ और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। Eastern India can become growth engine of Indias agriculture
