Aaam k phoolo ki sahi dekhbhal se badegi pedawaar: जैसा की हम सब जानते हैं ,आम के पेड़ आमतौर पर 5 से 8 साल बाद अच्छी तरह फूल देना शुरू करते हैं. ज्यादातर जगहों पर दिसंबर से फरवरी के बीच पेड़ों पर फूल आते हैं. हल्की ठंड और साफ मौसम फूलों के लिए अच्छा माना जाता है. अगर ज्यादा बारिश हो जाए, पाला पड़ जाए या बहुत ज्यादा नमी हो, तो फूल झड़ सकते हैं.
कब और कैसे आते हैं आम में फूल

आम को फलों का राजा कहा जाता है. गर्मियों में हर घर में आम की खुशबू और स्वाद का इंतजार रहता है. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा आम पैदा करने वाला देश है, लेकिन अच्छी पैदावार अपने आप नहीं मिलती. इसके लिए सही समय पर सही देखभाल बहुत जरूरी होती है. खासकर जब पेड़ों पर फूल आते हैं, तब की गई छोटी-छोटी गलतियां भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं. अगर किसान इस समय थोड़ा ध्यान दे दें, तो आम की पैदावार और कमाई दोनों बढ़ सकती हैं.
पेड़ों की छंटाई क्यों है जरूरी
कई बार हम देखते हैं की किसान पेड़ों को बिना छंटाई के बढ़ने देते हैं. जिससे पेड़ बहुत घने हो जाते हैं और अंदर तक धूप नहीं पहुंच पाती. इसलिए धूप की कमी से फूल कम आते हैं. और कटाई के बाद हल्की छंटाई करना फायदेमंद रहता है. सूखी और बेकार शाखाओं को हटाने से नई टहनियां निकलती हैं, जिन पर अच्छे फूल आते हैं और हमें अच्छे फल प्राप्त होते हैं |
सही खाद से बढ़ता है फूल और फल
फूल आने से पहले और उसके बाद भी पौधों को संतुलित खाद देना बहुत जरूरी है. ज्यादा खाद देने से पत्तियां तो खूब बढ़ती हैं, लेकिन फूल कम आते हैं. इसलिए खाद संतुलित मात्रा में ही दें.परागण का रखें खास ध्यान
आम के फूल छोटे होते हैं और मधुमक्खियों व अन्य कीड़ों की मदद से परागण होता है. अगर बाग में मधुमक्खियां ज्यादा होंगी, तो फल भी ज्यादा लगेंगे. इसलिए फूल आने के समय जहरीली दवाओं का उपयोग कम से कम करें. चाहें तो बाग में मधुमक्खी के बक्से भी रख सकते हैं
फॉस्फोरस और पोटाश फूल और फल बनने में मदद करते हैं. पोटाश से फल का आकार, स्वाद और टिकाऊपन बेहतर होता है. इसके अलावा जिंक, बोरॉन और मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म तत्वों का छिड़काव करने से फूलो का गिरना कम होता है और फल अच्छे लगते हैं.Aaam k phoolo ki sahi dekhbhal se badegi pedawaar

कीट और बीमारियों से बचाव जरूरी
फूल आने के समय आम के बाग में कीट और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. आम का भुनगा, मिली बग और कुछ अन्य कीट फूलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. पाउडरी मिल्ड्यू जैसी बीमारी भी पैदावार घटा सकती है.
इसलिए बाग का नियमित निरीक्षण करें. जरूरत पड़े तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर दवा का इस्तेमाल करें. लेकिन ध्यान रखें कि फूल पूरी तरह खिले होने पर ज्यादा कीटनाशक न छिड़कें, क्योंकि इससे परागण करने वाले कीट मर सकते हैं.जिससे पैदावार अच्छी नहीं होती इसलिए सही मात्रा में कीटनाशक का उपयोग करे .
पानी का सही प्रबंधन
फूल आने के समय ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है. हल्की नमी पर्याप्त होती है. ज्यादा सिंचाई से फूल गिर सकते हैं, जबकि बहुत कम पानी से पेड़ कमजोर हो जाते है. इसलिए जरूरत के हिसाब से सिंचाई करें. तेज हवा से भी फूल और छोटे फल गिर जाते हैं. इसलिए बड़े बागों में हवा रोकने के लिए किनारों पर मजबूत पेड़ या शेल्टर बेल्ट लगाना अच्छा उपाय है.Aaam k phoolo ki sahi dekhbhal se badegi pedawaar
