Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP: आज के समय में जहां अधिकांश युवा विदेश में नौकरी को सफलता का प्रतीक मानते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले असीम रावत ने एक बिल्कुल अलग राह चुनी। करीब 14 वर्षों तक अमेरिका सहित कई देशों की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में इंजीनियर के रूप में काम करने के पश्चात उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर भारत लौटने का निर्णय लिया। उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं था, बल्कि देशी गायों के संरक्षण के साथ एक ऐसा टिकाऊ बिजनेस मॉडल तैयार करना था, जिससे किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिले।
आज असीम रावत का यह निर्णय करोड़ों रुपये के कारोबार में बदल चुका है। उन्होंने HETHA (हेता) के माध्यम से देशी गायों पर आधारित एक आधुनिक एथिकल डेयरी मॉडल विकसित किया है, जिसकी सालाना टर्नओवर लगभग 10 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
देशी गायों के संरक्षण से तैयार किया सफल बिजनेस मॉडल Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP
असीम रावत का मॉडल केवल दूध बेचने तक सीमित नहीं है। उन्होंने देशी नस्ल की गायों के संरक्षण को व्यवसाय के साथ जोड़ते हुए एक संपूर्ण “गो-इकोनॉमी” मॉडल विकसित किया है। इस मॉडल के तहत 1000 से अधिक देशी गायों का पालन किया जा रहा है, जिनसे प्राप्त दूध और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग विभिन्न वैल्यू-एडेड उत्पाद बनाने में किया जाता है। उनका मानना है कि यदि देशी गायों का वैज्ञानिक और व्यावसायिक तरीके से प्रबंधन किया जाए, तो यह किसानों और पशुपालकों के लिए स्थायी आय का बड़ा स्रोत बन सकती हैं।
150 से ज्यादा उत्पाद तैयार कर बनाया ग्लोबल ब्रांड
HETHA के अंतर्गत केवल A2 दूध ही नहीं, बल्कि लगभग 150 प्रकार के प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें बिलौना घी, ब्राह्मी घृत, शतधौत घृत, पंचगव्य उत्पाद, ऑर्गेनिक फूड, हर्बल चाय, कुकीज, लड्डू, स्किन केयर, हेयर केयर उत्पाद तथा गोमूत्र अर्क जैसे कई प्रोडक्ट शामिल हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता के कारण इन्हें भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अच्छी पहचान मिली है। Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP
अमेरिका से लेकर दुबई तक पहुंच रहे हैं यूपी के गो-उत्पाद
आज HETHA के उत्पाद भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूरोप, सिंगापुर, दुबई तथा कई मध्य-पूर्व और एशियाई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। इससे उत्तर प्रदेश के पारंपरिक गौ-आधारित उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिली है। यह मॉडल यह साबित करता है कि यदि गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर ध्यान दिया जाए तो भारतीय कृषि एवं डेयरी उत्पाद भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP
वृद्ध गोवंश भी बना बिजनेस मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा
असीम रावत बताते हैं कि उनके मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां बूढ़ी देशी गायों को बोझ नहीं माना जाता। उन्हें संरक्षण देकर डेयरी प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाया जाता है। दूध उत्पादन कम होने के बाद भी गोबर, गोमूत्र और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग जैविक खेती, पंचगव्य उत्पाद और आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। इससे प्रत्येक पशु आर्थिक रूप से उपयोगी बना रहता है और गो संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देख चुके हैं यह मॉडल
असीम रावत के गौ-आधारित मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मॉडल का अवलोकन कर चुके हैं और यहां संरक्षित साहीवाल गाय की पूजा एवं गोपूजन कर चुके हैं। इससे इस पहल को देशभर में नई पहचान मिली। Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP
योगी सरकार दे रही है डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा
उत्तर प्रदेश सरकार भी स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। पशुपालन विभाग के अनुसार “ऑपरेशन-4” योजना के तहत देशी गायों के पालन पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा डेयरी मास्टर प्लान के तहत 2 से 25 गायों तक डेयरी स्थापित करने वाले पशुपालकों को लाखों रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इस योजना में 15 प्रतिशत स्वयं निवेश, 35 प्रतिशत बैंक ऋण और 50 प्रतिशत सरकारी सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है। Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP
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स्वदेशी नस्लों के संरक्षण पर सरकार का विशेष फोकस
उत्तर प्रदेश सरकार साहीवाल, गिर, गंगातीरी और सिंधी जैसी उच्च गुणवत्ता वाली देशी नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को आधुनिक डेयरी व्यवसाय अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार, किसानों की आय और जैविक कृषि को भी मजबूत करना है। Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP
किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा बनी यह सफलता की कहानी
असीम रावत की सफलता उन युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है जो नौकरी छोड़कर कृषि, डेयरी या एग्री-बिजनेस में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि आधुनिक तकनीक, सही बिजनेस प्लान और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों पर ध्यान दिया जाए तो पारंपरिक पशुपालन को भी करोड़ों रुपये के सफल स्टार्टअप में बदला जा सकता है। Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश के असीम रावत ने अमेरिका की प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर नौकरी छोड़कर देशी गायों पर आधारित ऐसा डेयरी मॉडल तैयार किया, जो आज लगभग 10 करोड़ रुपये का सफल कारोबार बन चुका है। HETHA के माध्यम से उन्होंने गो संरक्षण, ऑर्गेनिक उत्पाद, आयुर्वेद और आधुनिक डेयरी व्यवसाय को एक साथ जोड़कर देशी नस्ल की गायों को नई पहचान दिलाई है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही सोच, नवाचार और गुणवत्ता के दम पर भारतीय कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर का व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है। Aseem Rawat HETHA Desi Cow Farming Success Story UP
