Assam Flood 2026: राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 6 जिलों के कुल 221 गांव जलमग्न हो गए हैं, जिससे हजारों परिवारों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर दर्जनों कच्चे और पक्के मकान क्षतिग्रस्त या ढह गए हैं, जबकि सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। Assam Flood 2026
प्राधिकरण के मुताबिक धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 45,841 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में कृषि भूमि और फसलें भी पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। Assam Flood 2026
Assam Flood 2026
असम में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। राज्य के 6 जिलों के सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं, जबकि कई दर्जन मकान ढह गए हैं। बाढ़ के कारण 3,800 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 46,000 से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हैं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। Assam Flood 2026
वहीं, ब्रह्मपुत्र सहित दो प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। Assam Flood 2026

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ताजा बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, धेमाजी जिले के सिसिबोरगांव क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबने से एक महिला की मौत हो गई, जो इस वर्ष राज्य में बाढ़ से दर्ज की गई पहली मृत्यु है। प्राधिकरण ने यह भी बताया कि बाढ़ के तेज बहाव में कई मवेशी बह गए या डूबने से उनकी मौत हो गई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में तेजी से जुटा हुआ है तथा प्रभावित इलाकों में राहत शिविर, खाद्य सामग्री और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। Assam Flood 2026
10 राजस्व मंडलों के 221 गांव जलमग्न, 46,938 लोग प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और विश्वनाथ समेत 6 जिलों के 10 राजस्व मंडलों के 221 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 46,938 से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। इनमें धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां अकेले 45,841 लोग बाढ़ का सामना कर रहे हैं। Assam Flood 2026
प्राधिकरण के अनुसार, सोमवार को प्रभावित लोगों की संख्या करीब 45,500 थी, जो अब बढ़कर 46,938 हो गई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, नेआमतीघाट पर ब्रह्मपुत्र नदी और नांगलामुराघाट पर दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा हुआ है। Assam Flood 2026

3,809 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न, हजारों मवेशी भी बाढ़ की चपेट में
असम में बाढ़ का असर केवल आबादी तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि और पशुपालन क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, 3,809 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि बाढ़ के पानी में डूब चुकी है, जिससे किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा 50,000 से अधिक बड़े पशुओं सहित कुल 88,000 से ज्यादा मवेशी इस आपदा की चपेट में आए हैं। कई इलाकों से मवेशियों के बहने और डूबने से मौत की घटनाएं भी सामने आई हैं। Assam Flood 2026
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बाढ़ के कारण कई सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल चार राहत शिविरों में 450 से अधिक विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए छह राहत सामग्री वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। Assam Flood 2026
ब्रह्मपुत्र का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, SDRF हाई अलर्ट पर
लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। आंतरिक जल परिवहन (IWT) विभाग के कर्मचारी गोकुला दास ने बताया कि नदी के बीच स्थित माजुली द्वीप में जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण फेरी सेवाओं का संचालन प्रभावित हुआ है। Assam Flood 2026
सुरक्षा के मद्देनजर अफलामुख और निमती घाट के बीच चलने वाली फेरी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए SDRF की टीमों को हाई अलर्ट पर तैनात कर दिया है, जबकि स्थानीय प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। Assam Flood 2026
केंद्र ने मांगी नुकसान के आकलन और मुआवजा वितरण की रिपोर्ट
असम में बाढ़ से उत्पन्न गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी ताकत से जुटी हुई है तथा बाढ़ नियंत्रण के प्रयासों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, वह स्वयं हालात की लगातार निगरानी कर रहे हैं, जबकि उनके मंत्रिमंडल के सदस्य बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत कार्यों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने की निगरानी कर रहे हैं।
इधर, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्य सरकार से बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण कर रिपोर्ट भेजने को कहा है। मंत्रालय ने विशेष रूप से कृषि भूमि, फसलों और किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ प्रभावित किसानों को दिए जा रहे मुआवजे और राहत वितरण की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है, ताकि आवश्यकतानुसार केंद्र स्तर से आगे की सहायता और सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।
निष्कर्ष
असम में आई बाढ़ ने हजारों परिवारों के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों की आजीविका पर भी गहरा असर डाला है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न होने, बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में जुटी है, जबकि केंद्र ने नुकसान का आकलन और मुआवजा वितरण की रिपोर्ट तलब की है। आने वाले दिनों में मौसम और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखना तथा प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
