गेहूं-धान का रकबा होगा सीमित, मक्का, डेयरी और बागवानी को मिलेगा बढ़ावा Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047

गेहूं-धान का रकबा होगा सीमित, मक्का, डेयरी और बागवानी को मिलेगा बढ़ावा Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने देश की खेती को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और किसानों के लिए लाभकारी बनाने की विस्तृत योजना तैयार की है। इस रोडमैप में गेहूं, धान, मक्का, दालों, बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि वानिकी जैसे क्षेत्रों के लिए वर्ष 2047 तक के बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। इसका उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप खेती को तैयार करना भी है।

गेहूं और धान का रकबा सीमित करने की तैयारी

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 के अनुसार आने वाले वर्षों में धान और गेहूं की खेती के क्षेत्रफल को नियंत्रित करने की योजना बनाई गई है। धान का रकबा लगभग 53 से 55 मिलियन हेक्टेयर तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि गेहूं के क्षेत्र में भी संतुलित कमी लाने की रणनीति अपनाई जाएगी।इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है, जहां लगातार धान और गेहूं की खेती से भूजल स्तर और मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। सरकार चाहती है कि किसान ऐसी फसलों की ओर बढ़ें, जिनमें कम पानी की आवश्यकता हो और बेहतर लाभ मिल सके।

मक्का, मोटे अनाज और दालों की खेती को मिलेगा बढ़ावा

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 में मक्का, बाजरा, ज्वार, दालों और अन्य पौष्टिक फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इन फसलों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है।इसके अलावा बागवानी फसलों का क्षेत्र भी बढ़ाया जाएगा ताकि किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक आमदनी प्राप्त हो सके। इससे पोषण सुरक्षा मजबूत होगी और खेती अधिक टिकाऊ बनेगी।

2047 तक कृषि उत्पादन 2.1 अरब टन पहुंचाने का लक्ष्य

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 के तहत कृषि उत्पादन को मौजूदा लगभग 1.3 अरब टन से बढ़ाकर 2.1 अरब टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसी तरह अन्य क्षेत्रों के लिए भी बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

  • बागवानी उत्पादन: 369.7 मिलियन टन से बढ़ाकर 797 मिलियन टन
  • दूध उत्पादन: 247.87 मिलियन टन से बढ़ाकर 628 मिलियन टन
  • मत्स्य उत्पादन: 19.5 मिलियन टन से बढ़ाकर 40 मिलियन टन
  • कृषि वानिकी क्षेत्र: 28.4 मिलियन हेक्टेयर से बढ़ाकर 50 मिलियन हेक्टेयर

इन लक्ष्यों से कृषि क्षेत्र की उत्पादकता और किसानों की आय में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।

खेती में तकनीक और आधुनिक मशीनों का बढ़ेगा उपयोग

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। ICAR का लक्ष्य कृषि मशीनीकरण को वर्तमान 47 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत से अधिक करना है।इसके साथ ही पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत से अधिक करने और जल उपयोग दक्षता में बड़ा सुधार लाने की योजना बनाई गई है। फसल कटाई के बाद होने वाले लगभग 20 प्रतिशत नुकसान को भी न्यूनतम स्तर तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।

HARVEST योजना से मिलेगा कृषि अनुसंधान को नया बल

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 के साथ ICAR ने HARVEST योजना भी शुरू की है। इस योजना के माध्यम से कृषि अनुसंधान, किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने, डेटा प्रबंधन और वैज्ञानिक जानकारी के प्रसार को एकीकृत किया जाएगा।इसके तहत ICAR की आठ प्रमुख योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है ताकि अनुसंधान का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सके। इसके अलावा राज्यों के लिए अलग-अलग विज्ञान आधारित कृषि रोडमैप भी तैयार किए जा रहे हैं।

52 कार्य दल करेंगे रोडमैप को लागू

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ICAR ने 52 विशेष कार्य दलों का गठन किया है। इन कार्य दलों का उद्देश्य विभिन्न कृषि क्षेत्रों में अनुसंधान, नई तकनीकों का विकास और मांग आधारित समाधान तैयार करना है।ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट के अनुसार यह रोडमैप नीति आयोग के सुझावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिससे कृषि क्षेत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा सके।

कृषि, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में बढ़ेगा योगदान

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 के तहत कृषि के साथ-साथ डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन को भी समान महत्व दिया गया है।पिछले वर्ष खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 19 करोड़ टन की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे करीब 60 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त मूल्य प्राप्त हुआ। वहीं बागवानी क्षेत्र से लगभग 20 हजार करोड़ रुपये, डेयरी एवं पशुधन क्षेत्र से 50 हजार करोड़ रुपये और मत्स्य उत्पादन से करीब 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक योगदान मिला।

जलवायु अनुकूल किस्मों पर रहेगा विशेष फोकस

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 के तहत जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए नई किस्मों के विकास पर भी जोर दिया गया है। वर्ष 2025 में ICAR ने 34 फसलों की 386 नई किस्में जारी कीं, जिनमें 94 प्रतिशत जलवायु अनुकूल और 29 जैव-संवर्धित (Biofortified) किस्में शामिल हैं।इसके अलावा पशुओं में फुट एंड माउथ डिजीज के मामलों में लगभग 85 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। पराली जलाने की घटनाओं में भी बड़ी गिरावट आई है, जबकि ‘खेत बचाओ’ अभियान के तहत 728 जिलों में 1.31 लाख कार्यक्रम आयोजित कर किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाई गई।

किसानों के लिए क्या होगा सबसे बड़ा फायदा?

Bharat Ki Kheti Ka Roadmap 2047 का सबसे बड़ा उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती को भविष्य के लिए अधिक सुरक्षित बनाना है। फसल विविधीकरण, आधुनिक मशीनों का उपयोग, जल संरक्षण, बेहतर बीज, वैज्ञानिक अनुसंधान और डेयरी-पशुपालन को बढ़ावा मिलने से किसानों को उत्पादन बढ़ाने के साथ आय के नए अवसर भी मिलेंगे।यदि इस रोडमैप के लक्ष्य तय समय के अनुसार पूरे होते हैं, तो भारत की कृषि केवल उत्पादन के मामले में ही नहीं, बल्कि टिकाऊ खेती, पोषण सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन सकती है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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