El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026: देश में इस वर्ष मानसून की धीमी रफ्तार और अल-नीनो (El Nino) के प्रभाव ने किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से चार दिन की देरी से केरल पहुंचा और इसके बाद भी इसकी प्रगति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। कई राज्यों में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने लगी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही संकेत दिए थे कि इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है और कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत का लगभग 92 प्रतिशत रहने की संभावना है।
कम बारिश और मानसून की अनिश्चितता का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के आकलन के अनुसार देश के 315 जिलों में सूखे जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में किसानों को मौसम के अनुसार फसल चयन और कृषि प्रबंधन रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
315 जिलों में कम बारिश का खतरा El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
कृषि मंत्रालय और आईसीएआर द्वारा किए गए वैज्ञानिक विश्लेषण में उन जिलों की पहचान की गई है जहां कमजोर मानसून का सबसे अधिक असर पड़ सकता है। अध्ययन के अनुसार देश के कुल 315 जिले कम वर्षा और सिंचाई की सीमित उपलब्धता के कारण जोखिम की श्रेणी में रखे गए हैं। इनमें 111 जिले उच्च प्राथमिकता वाले हैं, जहां सिंचाई का दायरा 25 प्रतिशत से भी कम है। ऐसे क्षेत्रों में खेती मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर रहती है। इसके अलावा 76 जिले मध्यम जोखिम श्रेणी में शामिल हैं, जहां 25 से 50 प्रतिशत तक सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध हैं।
वहीं 128 जिले ऐसे हैं जहां डैम, नहर और अन्य जल स्रोतों के कारण अपेक्षाकृत बेहतर सिंचाई व्यवस्था मौजूद है, लेकिन वहां भी कम बारिश का असर फसल उत्पादन पर पड़ सकता है। इन प्रभावित जिलों का बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में स्थित है। El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
मानसून की धीमी रफ्तार ने बढ़ाई परेशानी
इस वर्ष मानसून की प्रगति सामान्य से धीमी रही है। कई क्षेत्रों में अब तक औसत से लगभग 43 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जुलाई की शुरुआत तक भी कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। मध्य प्रदेश जैसे बड़े कृषि राज्य में भी मानसून की एंट्री अपेक्षित समय से काफी देरी से होने का अनुमान है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है और किसान मौसम में सुधार का इंतजार कर रहे हैं। El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
खरीफ फसलों की बुवाई पर दिखने लगा असर
कम बारिश और मानसून की देरी का सबसे अधिक प्रभाव खरीफ फसलों पर पड़ रहा है। जिन क्षेत्रों में खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर है, वहां किसान बुवाई शुरू नहीं कर पाए हैं। कृषि विभाग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार कपास, दलहन और कुछ अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में गिरावट दर्ज की गई है।
यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो बुवाई का रकबा और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई और अगस्त की वर्षा इस सीजन की कृषि स्थिति तय करेगी। यदि इन महीनों में अच्छी बारिश होती है तो नुकसान की भरपाई संभव है, लेकिन कमजोर मानसून जारी रहने पर उत्पादन में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
कृषि वैज्ञानिकों ने दी फसल विविधीकरण की सलाह
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे मौसम में किसानों को केवल एक फसल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। फसल विविधीकरण (Crop Diversification) अपनाकर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि किसान इंटरक्रॉपिंग और मिश्रित खेती को अपनाएं। इससे यदि एक फसल कमजोर मानसून के कारण प्रभावित हो जाती है तो दूसरी फसल से आय प्राप्त की जा सकती है। यह रणनीति विशेष रूप से वर्षा आधारित खेती वाले क्षेत्रों में अधिक लाभकारी साबित हो सकती है। El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
कम पानी वाली फसलों की खेती बन सकती है बेहतर विकल्प
कमजोर मानसून की स्थिति में कम पानी की आवश्यकता वाली फसलें किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बाजरा, ज्वार, रागी और अन्य मोटे अनाज (श्री अन्न) कम नमी की स्थिति में भी अच्छी पैदावार देने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलें कम अवधि में तैयार हो जाती हैं और सीमित वर्षा में भी अच्छा उत्पादन दे सकती हैं। तिलहन फसलों को भी ऐसे मौसम में प्राथमिकता देने की सलाह दी जा रही है। El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
धान की जगह वैकल्पिक फसलों पर दें ध्यान
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना कम है वहां किसानों को पूरी भूमि पर धान जैसी अधिक पानी वाली फसल लगाने से बचना चाहिए। इसके बजाय कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को शामिल करना अधिक लाभदायक हो सकता है। इससे पानी की बचत होगी और उत्पादन जोखिम भी कम होगा। कई राज्यों के कृषि विभाग किसानों को वैकल्पिक फसल योजनाओं की जानकारी भी दे रहे हैं। El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
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सरकार और कृषि विभाग की तैयारियां
कमजोर मानसून की आशंका को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। जिला कृषि आकस्मिकता योजनाएं (District Agriculture Contingency Plans) तैयार की गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों को वैकल्पिक फसलों, बीजों और तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, फसल बीमा और कृषि इनपुट की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
निष्कर्ष
अल-नीनो और कमजोर मानसून के कारण देश के 315 जिलों में सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है। कम वर्षा और मानसून की धीमी प्रगति का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर साफ दिखाई देने लगा है। ऐसे में किसानों को मौसम आधारित कृषि रणनीति अपनाने, कम पानी वाली फसलों का चयन करने और फसल विविधीकरण पर ध्यान देने की जरूरत है। यदि जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश होती है तो स्थिति में सुधार संभव है, लेकिन फिलहाल कृषि क्षेत्र मौसम की अगली चाल पर नजर बनाए हुए है। El Nino Aur Weak Monsoon Alert 2026
