Food Inflation Aur Vegetable Price Update : देशभर में सब्जियों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। टमाटर, नींबू, हरी मटर, बैंगन, गाजर, पत्तागोभी और हरी मिर्च जैसी कई प्रमुख सब्जियां महंगी हो गई हैं। बढ़ती गर्मी, कम बारिश और मॉनसून की धीमी प्रगति के कारण बाजार में सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले महीनों में खाद्य महंगाई और बढ़ सकती है।
मई में कई सब्जियों की महंगाई दर पहुंची दोहरे अंक में
सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार मई महीने में 17 प्रमुख सब्जियों में से 8 सब्जियों की महंगाई दर दोहरे अंक में दर्ज की गई। इनमें टमाटर की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि देखने को मिली। सब्जियां, कंद-मूल, केला और दालों को शामिल करने वाले खाद्य समूह की महंगाई दर अप्रैल में नकारात्मक स्तर पर थी, लेकिन मई में बढ़कर 5.3 प्रतिशत हो गई। यह दर देश की कुल खाद्य महंगाई 4.78 प्रतिशत और खुदरा महंगाई 3.93 प्रतिशत से भी अधिक है, जो खाद्य पदार्थों पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है। Food Inflation Aur Vegetable Price Update
मौसम की मार से प्रभावित हो रही सब्जियों की आपूर्ति
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार समय से पहले पड़ने वाली भीषण गर्मी और मॉनसून की अनिश्चितता ने सब्जियों की खेती को प्रभावित किया है। सामान्यतः जून से सितंबर के मॉनसून सीजन से पहले सब्जियों की नर्सरी तैयार कर ली जाती है और बारिश शुरू होने के बाद खेतों में रोपाई का कार्य होता है। लेकिन इस वर्ष कई राज्यों में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण रोपाई प्रभावित हुई है। इससे आने वाले समय में बाजार में सब्जियों की उपलब्धता कम हो सकती है, जिसके कारण कीमतों में और तेजी आने की संभावना है। Food Inflation Aur Vegetable Price Update
दिल्ली सहित कई शहरों में बढ़े सब्जियों के दाम
राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में सब्जियों की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बाजार आंकड़ों के अनुसार पिछले एक महीने में नींबू, हरी मटर, बैंगन, गाजर, पत्तागोभी, फ्रेंच बीन्स और हरी मिर्च जैसी सब्जियों के दाम 15 रुपये से लेकर 60 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण थोक और खुदरा दोनों बाजारों में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। Food Inflation Aur Vegetable Price Update
दालों और खाद्य तेलों की कीमतों में भी आ सकती है तेजी
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केवल सब्जियां ही नहीं बल्कि दालें और खाद्य तेल भी आने वाले महीनों में महंगे हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार देश में खाद्यान्न का बफर स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण दालों, तिलहनों और सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे खाद्य महंगाई में और वृद्धि होने की आशंका बनी हुई है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक मई में खाद्य एवं पेय पदार्थों की महंगाई दर अप्रैल की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ी है। Food Inflation Aur Vegetable Price Update
हीटवेव और कम बारिश बढ़ा रहे चिंता
उत्तर-पश्चिम भारत में लगातार पड़ रही हीटवेव, अल नीनो का संभावित प्रभाव और सामान्य से कमजोर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून खाद्य महंगाई के प्रमुख जोखिम बनकर उभरे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह तक देश में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। कम बारिश की स्थिति में वर्षा आधारित खेती करने वाले किसान सब्जियों के बजाय मोटे अनाज और अन्य कम जोखिम वाली फसलों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे सब्जियों का उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। Food Inflation Aur Vegetable Price Update
फलों की उपलब्धता पर फिलहाल नहीं पड़ेगा ज्यादा असर
बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों का फलों की उपलब्धता पर तत्काल कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि सब्जियों की खेती के रकबे में कमी आने की आशंका है। यदि मॉनसून सामान्य नहीं रहा तो उत्पादन लागत बढ़ने के साथ-साथ बाजार में सब्जियों की कमी भी देखने को मिल सकती है, जिससे कीमतों में और उछाल आ सकता है। Food Inflation Aur Vegetable Price Update
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उत्पादन बढ़ने का अनुमान, फिर भी बनी रहेगी चुनौती
कृषि क्षेत्र के लिए राहत की बात यह है कि वर्ष 2025-26 में देश का कुल सब्जी उत्पादन बढ़कर 2210 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2024-25 में यह 2178 लाख टन था। इसी अवधि में सब्जियों का कुल रकबा भी 117.9 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 118.8 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन बढ़ने के बावजूद मौसम संबंधी चुनौतियां और आपूर्ति श्रृंखला की समस्याएं बाजार कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। Food Inflation Aur Vegetable Price Update
निष्कर्ष
देश में बढ़ती गर्मी, कमजोर मॉनसून और मौसम की अनिश्चितता के कारण सब्जियों की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। टमाटर सहित कई सब्जियों की महंगाई दर दोहरे अंक में पहुंच चुकी है, जबकि दालों और खाद्य तेलों की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। आने वाले महीनों में मॉनसून की स्थिति और कृषि उत्पादन की प्रगति ही तय करेगी कि खाद्य महंगाई कितनी नियंत्रित रह पाएगी। फिलहाल उपभोक्ताओं को महंगी सब्जियों और बढ़ते खाद्य खर्च का सामना करना पड़ सकता है। Food Inflation Aur Vegetable Price Update
