गर्मी बढ़ते ही मुर्रा भैंस का दूध तेजी से कम हो जाता है. अगर सही आहार, हरा चारा और 60 से 80 लीटर पानी रोज न मिले तो उत्पादन आधा रह सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित दाना, मिनरल मिक्सचर और धूप से बचाव अपनाकर किसान नुकसान से बच सकते हैं.
जैसे ही तापमान बढ़ता है, सबसे पहले असर मुर्रा भैंस के दूध पर पड़ता है . कई किसान बताते हैं कि तेज गर्मी में दूध अचानक कम हो जाता है. अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए तो 20 लीटर देने वाली भैंस भी आधे दूध देने पर आ सकती है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ आसान से उपाय अपनाकर गर्मी में भी दूध उत्पादन को सामान्य रखा जा सकता है. Garmi me 50 fisdi tak ghat sakta hai murra bhais ka dudh , itna liter paani behad jaruri

गर्मी में क्यों घट जाता है दूध?
गर्मी बढ़ते ही भैंस की भूख भी कम हो जाती है. ज्यादा तापमान में वह सुस्त हो जाती है और चारा कम खाती है. जब खान पान कम होगा तो दूध भी कम होगा. लू और डिहाइड्रेशन का असर सीधे उसके शरीर की ताकत पर पड़ता है. इसलिए गर्मी के मौसम में खानपान और पानी की व्यवस्था सबसे जरूरी मानी जाती है. अगर भैंस को आरामदायक माहौल और सही आहार मिले तो दूध में ज्यादा गिरावट नहीं आती.
हरा चारा बढ़ाएं, सूखा चारा कम करें
गर्मी में यह कोशिश करें कि भैंस को ज्यादा से ज्यादा हरा और रसदार चारा खिलाये . ज्वार, मक्का, बाजरा और नेपियर घास जैसे चारे शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते. ये पचने में भी आसान होते हैं और पेट को ठंडक भी देते हैं. सूखा भूसा ज्यादा देने से कब्ज और अपच की समस्या हो सकती है. अगर भूसा देना जरूरी हो तो उस पर हल्का पानी छिड़ककर खिलाएं, ताकि धूल न उड़े और पाचन में दिक्कत न हो. Garmi me 50 fisdi tak ghat sakta hai murra bhais ka dudh , itna liter paani behad jaruri
दूध देने वाली भैंस के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है. आम तौर पर हर 2 से 2.5 लीटर दूध पर 1 किलो संतुलित आहार देना सही माना जाता है. दाने में प्रोटीन, ऊर्जा, खनिज और विटामिन पर्याप्त मात्रा में होने चाहिए. साथ में मिनरल मिक्सचर और नमक जरूर मिलाएं, ताकि कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी न हो.
पानी की कमी बिल्कुल न होने दें
गर्मी में एक वयस्क मुर्रा भैंस कम से कम 60 से 80 लीटर तक पानी पी सकती है. ऐसे में दिन में कम से कम 3 से 4 बार साफ और ताजा पानी जरूर पिलाये .पानी हल्का ठंडा हो, लेकिन बहुत ज्यादा ठंडा नहीं. सप्ताह में 2 से 3 बार पानी में इलेक्ट्रोलाइट पाउडर मिलाकर देने से शरीर में नमक और पानी का संतुलन बना रहता है. इससे डिहाइड्रेशन और लू का खतरा कम होता है. ध्यान रखें कि पानी की टंकी या टब हमेशा साफ रहे. गंदा पानी कई बीमारियों की वजह बन सकता है, जिससे दूध और भी कम हो सकता है.
धूप से बचाव और सही समय पर चारा
तेज धूप भैंस को सबसे ज्यादा परेशान करती है. इसलिए दोपहर के समय उसे खुले में न छोड़ें. शेड, छांव या टीन की छत के नीचे बांधे अगर संभव हो तो पंखा, कूलर या फॉगर्स की व्यवस्था करें. सुबह और शाम के समय चारा खिलाना ज्यादा फायदेमंद रहता है. सुबह 6 से 8 बजे और शाम को 6 से 7 बजे के बीच खाना देने से भैंस आराम से खाती है और पाचन भी बेहतर रहता है. अगर भैंस को ठंडा पानी से नहलाया जाए या शरीर पर पानी डाला जाए तो उसे काफी राहत मिलती है. इससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और दूध उत्पादन पर कम असर पड़ता है. Garmi me 50 fisdi tak ghat sakta hai murra bhais ka dudh , itna liter paani behad jaruri

