Gehu ki fasal me banenge ache Calle or baliya: गेहूं की खेती में कल्ले निकलना (Tillering) और भारी बालियां बनना अच्छी पैदावार की सबसे बड़ी पहचान होती है। अगर कल्ले कम निकलते हैं या बालियां हल्की रह जाती हैं, तो सीधा असर उत्पादन और मुनाफे पर पड़ता है। ऐसे में किसानों के बीच एक बेहद कारगर और सस्ता उपाय तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें 50 किलो यूरिया के साथ 250 ML एक खास द्रव्य मिलाकर प्रयोग किया जाता है। सही समय और सही तरीके से यह उपाय अपनाया जाए, तो गेहूं की फसल में जबरदस्त सुधार देखा जा सकता है।
कल्ले निकलने का समय क्यों है सबसे अहम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गेहूं की खेती में 20 से 25 दिन की अवस्था को सबसे निर्णायक माना जाता है. इस समय पौधे की जड़ें मजबूत होती हैं और नए कल्ले निकलना शुरू होते हैं. जितने ज्यादा कल्ले, उतनी ज्यादा बालियां और उतना ज्यादा दाना. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस समय पहली सिंचाई के बाद अगर पोषण सही ढंग से दिया जाए, तो पौधा तेजी से बढ़ता है. ठंडा मौसम और हल्की नमी पौधों को पोषक तत्व सोखने में मदद करती है, जिससे फसल हरी-भरी और मजबूत बनती है.50 किलो यूरिया में क्या मिलाएं?Gehu ki fasal me banenge ache Calle or baliya

किसानों के अनुभव और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, 250 ML लिक्विड सीवीड एक्सट्रैक्ट (Seaweed Extract) या लिक्विड ह्यूमिक एसिड को 50 किलो यूरिया के साथ मिलाकर प्रयोग करने से बेहतरीन परिणाम मिलते हैं। ये दोनों ही जैविक ग्रोथ प्रमोटर होते हैं, जो पौधों की जड़ों और कल्लों के विकास को तेज करते हैं।
यह मिश्रण कैसे करता है काम?
सीवीड एक्सट्रैक्ट या ह्यूमिक एसिड में प्राकृतिक हार्मोन, माइक्रो न्यूट्रिएंट्स और अमीनो एसिड पाए जाते हैं। जब इसे यूरिया के साथ दिया जाता है, तो नाइट्रोजन का अवशोषण तेजी से होता है। इससे
- पौधे तेजी से बढ़ते हैं
- नई जड़ें मजबूत बनती हैं
- अधिक संख्या में स्वस्थ कल्ले निकलते हैं
- बाद में बालियां लंबी और दाने भारी बनते हैं
प्रयोग का सही समय
इस उपाय का सबसे अच्छा समय पहली सिंचाई के बाद या टिलरिंग स्टेज माना जाता है। जब गेहूं की फसल 20–25 दिन की हो जाती है और कल्ले निकलने की प्रक्रिया शुरू होती है, उसी समय यह मिश्रण देने से अधिकतम फायदा मिलता है।Gehu ki fasal me banenge ache Calle or baliya
उपयोग की विधि
50 किलो यूरिया लें और उसमें
- 250 ML लिक्विड सीवीड एक्सट्रैक्ट या
- 250 ML लिक्विड ह्यूमिक एसिड
अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद इस मिश्रण को खेत में समान रूप से बिखेर दें। चाहें तो इसे हल्की नमी वाली जमीन में दें, ताकि खाद जल्दी घुलकर पौधों तक पहुंचे।
क्या होंगे फायदे?
इस आसान से उपाय को अपनाने से किसानों को कई फायदे मिलते हैं। फसल में कल्लों की संख्या बढ़ने से प्रति वर्गमीटर पौधों की घनता बेहतर होती है। इससे
- उत्पादन में स्पष्ट बढ़ोतरी होती है
- दाने भराव अच्छा रहता है
- बालियां भारी और चमकदार बनती हैं
- कुल मिलाकर प्रति बीघा या प्रति हेक्टेयर मुनाफा बढ़ता है

ध्यान रखने वाली सावधानियां
हालांकि यह उपाय काफी प्रभावी है, फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जरूरत से ज्यादा मात्रा न मिलाएं, क्योंकि अधिक डोज से पौधों पर उल्टा असर पड़ सकता है। साथ ही, खाद डालते समय खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए।
निष्कर्ष
अगर आप चाहते हैं कि आपकी गेहूं की फसल में फटाफट कल्ले निकलें और बालियां भारी हों, तो 50 किलो यूरिया में 250 ML सीवीड एक्सट्रैक्ट या ह्यूमिक एसिड मिलाकर प्रयोग जरूर करें। यह कम लागत वाला उपाय है, लेकिन सही तरीके से अपनाने पर इसका असर सीधे आपकी पैदावार और कमाई पर दिखाई देता है।Gehu ki fasal me banenge ache Calle or baliya
