IMD Weather Update:देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार को पूर्वोत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, उत्तर भारत के कई राज्यों में मॉनसून की धीमी रफ्तार के कारण भीषण गर्मी और लू का असर अभी भी बना रह सकता है। IMD Weather Update

मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून फिलहाल पूरे उत्तर भारत में सक्रिय नहीं हुआ है, लेकिन 2 जुलाई से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। IMD Weather Update
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देश में सोमवार को मौसम का मिजाज दो अलग-अलग रूपों में देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई इलाकों में 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने का खतरा बढ़ गया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

वहीं दूसरी ओर, उत्तर भारत के कई मैदानी राज्यों में मॉनसून की धीमी प्रगति के कारण गर्मी और लू का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। IMD Weather Update
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और केरल के कई इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा होने की आशंका है। IMD Weather Update
मौसम विभाग के अनुसार, मेघालय के मावकिरवाट में 28 जून की सुबह तक बीते 24 घंटों में 39 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन की सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल है। वहीं पूर्वोत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। IMD Weather Update
अधिकांश क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर यह बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। IMD Weather Update

कई इलाकों में अब भी गर्मी और लू का कहर
देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सक्रिय हो चुका है, लेकिन उत्तर भारत के कई राज्यों को अभी भी भीषण गर्मी और लू से राहत नहीं मिली है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून अभी पूरे उत्तर भारत में नहीं पहुंच पाया है, जिसके कारण उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। इसी वजह से इन इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। IMD Weather Update
IMD के मुताबिक, 28 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला और मोतिहारी तक ही पहुंची थी। हालांकि, 2 जुलाई से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है। इसके चलते उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। IMD Weather Update
इन राज्यों में लू का अलर्ट, शाम को बदल सकता है मौसम
जहां एक ओर देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कुछ हिस्सों में सोमवार को लू चलने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इन क्षेत्रों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, मैदानी इलाकों में जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो और सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जाए, तब उसे लू (Heatwave) की स्थिति माना जाता है।
IMD के आंकड़ों के अनुसार, 27 जून को राजस्थान के फलोदी में अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश के सबसे गर्म स्थानों में शामिल रहा। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि, दिनभर की गर्मी के बाद शाम के समय मौसम करवट ले सकता है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
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पंजाब से बिहार तक फैली मॉनसून ट्रफ, इसलिए हो रही है भारी बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में लगातार हो रही भारी बारिश के पीछे मॉनसून ट्रफ सबसे बड़ा कारण है। फिलहाल यह कम दबाव का लंबा क्षेत्र पंजाब से लेकर बिहार तक फैला हुआ है, जिससे कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसून ट्रफ जितनी अधिक सक्रिय रहती है, उतनी ही ज्यादा नमी और बादल बनने की प्रक्रिया तेज होती है। IMD Weather Update
मॉनसून ट्रफ के प्रभाव से कम दबाव वाले क्षेत्रों की ओर समुद्र से नमी से भरी हवाएं तेजी से बढ़ती हैं। ये हवाएं ऊपर उठकर ठंडी हो जाती हैं, जिससे घने बादल बनते हैं और व्यापक स्तर पर बारिश होती है। यही वजह है कि पूर्वी भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्व के राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा का दौर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि ट्रफ सक्रिय रहने तक इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बनी रह सकती है। IMD Weather Update
2 जुलाई के बाद बदलेगा मौसम, कई राज्यों को मिलेगी गर्मी से राहत
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का एक बड़ा कारण पहाड़ी क्षेत्रों का प्रभाव भी है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरपूर हवाएं जब पूर्वी हिमालय और मेघालय की खासी पहाड़ियों से टकराती हैं, तो वे ऊपर उठकर ठंडी हो जाती हैं। इसके बाद जलवाष्प तेजी से संघनित होकर मूसलाधार बारिश का रूप ले लेती है। यही वजह है कि सिक्किम और मेघालय हर साल देश के सबसे अधिक वर्षा वाले राज्यों में शामिल रहते हैं। IMD Weather Update
इसके अलावा मध्य प्रदेश, अरब सागर और तेलंगाना के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी कई राज्यों में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है।
वहीं, मौसम विभाग का कहना है कि 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी व लू से राहत मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, अगले कुछ दिनों तक देश का मौसम दो अलग-अलग रूपों में देखने को मिलेगा। पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मॉनसून की धीमी प्रगति के कारण गर्मी और लू का असर बना रह सकता है। हालांकि, 2 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम बदलने के संकेत हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
