Kharif Season 2026 Alert : देश में इस वर्ष मानसून को लेकर देशभर में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. कहीं अच्छी बारिश की उम्मीद है तो कहीं अल नीनो के असर से कम या असमान बारिश का डर सताने लगा है. ऐसे में सबसे ज्यादा चिंता किसानों और खरीफ फसलों को लेकर है. इसी संभावित खतरे को देखते हुए सरकार पहले से ही पूरी तरह अलर्ट हो गई है और फसल सुरक्षा, खाद आपूर्ति और खाद्य भंडारण को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं.
कमजोर मानसून और सरकारी रणनीति
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष लगभग 90 प्रतिशत सामान्य रहने का अनुमान है. हालांकि, अगर आगे चलकर अल नीनो की स्थिति मजबूत होती है, तो बारिश के पैटर्न में बदलाव आ सकता है और फसलों पर दबाव बढ़ सकता है. इसी खतरे को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने पहले से ही तैयारी तेज कर दी है और राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है.Kharif Season 2026 Alert
फसल संकट प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था
केंद्र सरकार ने फसल, मौसम और संकट प्रबंधन के लिए विशेष समूह का गठन किया है. यह समूह प्रत्येक सप्ताह बैठक कर बारिश की स्थिति, बुवाई की रफ्तार, जलाशयों की स्थिति, कीट नियंत्रण और बाजार कीमतों की निगरानी करता है. इसके साथ ही राहत आयुक्तों और राज्य आपदा प्रबंधन इकाइयों को जोड़कर एक व्यापक निगरानी प्रणाली तैयार की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि वे कुल आवश्यकता का लगभग 1 प्रतिशत बीज सुरक्षित भंडार के रूप में रखें. विशेष तौर पर कम अवधि और मध्यम अवधि में तैयार होने वाली फसलों के बीजों पर जोर दिया गया है.Kharif Season 2026 Alert
खाद की मांग और आपूर्ति की स्थिति
अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए इस वर्ष यूरिया और डीएपी की मांग के अनुमान में थोड़ी कमी की गई है. यूरिया की अनुमानित मांग करीब 194 लाख टन और डीएपी की लगभग 60 लाख टन रखी गई है. सरकार के अनुसार, इस समय खरीफ सीजन के लिए खाद का स्टॉक लगभग 51 प्रतिशत उपलब्ध है, जो सामान्य सुरक्षित स्तर से अधिक है. उत्पादन और आयात को मिलाकर देश में खाद की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है. हाल के महीनों में घरेलू उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ आयात भी बढ़ाया गया है, जिससे सप्लाई चेन स्थिर बनी रहे.Kharif Season 2026 Alert
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खाद्य सुरक्षा और भंडारण की स्थिति
अनाज भंडारण की स्थिति फिलहाल ठीक है. गेहूं और चावल का बफर स्टॉक आवश्यकता से अधिक है, जिससे साफ है कि देश में अभी खाने-पीने की चीजों की कोई कमी नहीं है. दाल, चीनी और बाकी जरूरी सामानों की कीमतें भी स्थिर बनी हुई हैं. इसके साथ ही खाने के तेल की सप्लाई अलग-अलग देशों से लगातार मिल रही है, इसलिए बाजार में किसी तरह की गड़बड़ी या कमी की स्थिति नहीं बन रही है. Kharif Season 2026 Alert
