Khet Bachao Abhiyan : केंद्रीय कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की देखरेख में 1 जून से 30 जून तक देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक, टिकाऊ और कम लागत वाली खेती के लिए जागरूक करना है। सरकार इस मुहिम के जरिए मिट्टी की सेहत सुधारने, पानी बचाने, नकली खाद-दवाइयों पर रोक लगाने और किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की यह चौतरफा रणनीति खेती-किसानी की तस्वीर बदल सकती है और किसानों की लागत घटाकर मुनाफा बढ़ाने में मदद करेगी।
मिट्टी की सेहत सुधारने पर विशेष फोकस
अभियान के तहत किसानों को ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे अपने खेत की मिट्टी की जांच करवाएं और उसी के अनुसार खाद का इस्तेमाल करें। लगातार यूरिया और रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम हो रही है, जिससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित खाद उपयोग से खेती की लागत कम होगी और जमीन की उपजाऊ शक्ति लंबे समय तक बनी रहेगी।Khet Bachao Abhiyan
जैविक खेती और मित्र कीटों को बचाने पर जोर
खेती में इस्तेमाल होने वाले तेज रासायनिक कीटनाशक कई बार फायदेमंद कीटों और बैक्टीरिया को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसी को देखते हुए ‘खेत बचाओ अभियान’ के दौरान किसानों को ट्राइकोडरमा, वर्टिसिलियम और अन्य जैविक इनपुट्स के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जैविक खाद और बायो-कंट्रोल तकनीकों के इस्तेमाल से फसल रोगों को प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। इससे फसलों की गुणवत्ता बेहतर होती है और बाजार में किसानों को अच्छी कीमत मिलने की संभावना बढ़ती है।Khet Bachao Abhiyan
बदलते मौसम के बीच जल संरक्षण पर फोकस
कम बारिश और बदलते मौसम को देखते हुए सरकार इस अभियान में जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर सिंचाई और वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलें और सूखा सहन करने वाले बीज लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक सिंचाई तकनीकें अपनाने से पानी की बचत के साथ उत्पादन भी बेहतर हो सकता है।Khet Bachao Abhiyan
नकली खाद और दवाइयों से बचने की सलाह
अभियान के दौरान किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशकों से सावधान रहने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। कृषि विभाग किसानों को सलाह दे रहा है कि वे केवल लाइसेंसशुदा दुकानों से ही कृषि सामग्री खरीदें और हमेशा पक्का बिल लें। इसके अलावा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना और कम ब्याज पर मिलने वाले कृषि ऋण की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे साहूकारों के कर्ज से बच सकें।Khet Bachao Abhiyan
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खेती में हरी खाद और प्राकृतिक उपायों को बढ़ावा
सरकार किसानों को खेतों में ढैंचा और दलहनी फसलों जैसी ‘हरी खाद’ का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर रही है। कृषि वैज्ञानिक किसानों को लाइव डेमो के माध्यम से बता रहे हैं कि हरी खाद से मिट्टी की उर्वरता कैसे बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही सोशल मीडिया, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से किसानों तक नई तकनीकों और सफल किसानों की कहानियां पहुंचाई जा रही हैं।Khet Bachao Abhiyan
खेती-किसानी में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में चल रहा यह अभियान खेती-किसानी में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसान मिट्टी, पानी और जैविक खेती पर ध्यान देंगे तो खेती अधिक लाभदायक और टिकाऊ बन सकती है। सरकार का मानना है कि स्वस्थ मिट्टी से ही अच्छी फसल होगी और मजबूत खेती व्यवस्था से देश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत बनेगी।Khet Bachao Abhiyan
