खेत नहीं, छत पर उगाएं आलू! इस किस्म से घर बैठे होगी बंपर पैदावार, जानें मिट्टी से देखभाल तक का पूरा प्रोसेस Khet pr nahi ghar ki chat pr ugay aalu

खेत नहीं, छत पर उगाएं आलू! इस किस्म से घर बैठे होगी बंपर पैदावार, जानें मिट्टी से देखभाल तक का पूरा प्रोसेस Khet pr nahi ghar ki chat pr ugay aalu

Khet pr nahi ghar ki chat pr ugay aalu : आज के समय में जब जमीन की कमी और खेती की लागत बढ़ती जा रही है, तब छत पर सब्जी उगाना एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। खास बात यह है कि अब किसान ही नहीं, बल्कि शहरों में रहने वाले लोग भी छत (टेरिस/रूफटॉप) पर आलू की खेती करके अच्छी पैदावार ले रहे हैं। सही किस्म, सही मिट्टी और थोड़ी सी देखभाल से घर बैठे ताजा और भरपूर आलू उगाए जा सकते हैं।

छत पर आलू उगाने के फायदे

छत पर आलू उगाने से न तो बड़ी जमीन की जरूरत होती है और न ही ज्यादा खर्च आता है। कीटनाशक रहित ताजे आलू घर पर ही मिल जाते हैं। साथ ही सब्जी खरीदने का खर्च भी कम होता है और खाली छत का सही उपयोग हो जाता है।

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छत पर आलू उगाने के लिए सही किस्म

रूफटॉप या गमले में आलू उगाने के लिए जल्दी तैयार होने वाली किस्में सबसे बेहतर रहती हैं। ऐसी किस्में कम समय में कंद बनाती हैं और सीमित जगह में भी अच्छी पैदावार देती हैं। मध्यम आकार के बीज आलू चुनें, जिनमें आंखें (अंकुर) अच्छी तरह निकली हुई हों।Khet pr nahi ghar ki chat pr ugay aalu

गमला या ग्रो बैग का चयन

आलू उगाने के लिए 12–15 इंच गहरा और चौड़ा गमला या ग्रो बैग सबसे उपयुक्त रहता है। ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकास के लिए छेद जरूर हों, ताकि पानी जमा न हो।

मिट्टी कैसे करें तैयार

छत पर आलू उगाने के लिए हल्की और भुरभुरी मिट्टी जरूरी होती है।
मिट्टी मिश्रण:

  • 40% बगीचे की मिट्टी
  • 30% सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट
  • 20% रेत या कोकोपीट
  • 10% नीम खली या जैविक खाद

इस मिश्रण से कंद अच्छे बनते हैं और सड़न का खतरा नहीं रहता।Khet pr nahi ghar ki chat pr ugay aalu

आलू लगाने का सही तरीका

गमले में नीचे 3–4 इंच मिट्टी भरें। अब अंकुरित बीज आलू को आंखों की तरफ ऊपर रखते हुए रखें। ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर ढक दें। एक गमले में 2 से 3 आलू से ज्यादा न लगाएं, ताकि पौधों को पर्याप्त जगह मिले।

सिंचाई और धूप का ध्यान

आलू के पौधों को रोज पानी देने की जरूरत नहीं होती। जब मिट्टी सूखी लगे, तभी हल्का पानी दें। ज्यादा पानी देने से कंद सड़ सकते हैं।
छत पर आलू उगाने के लिए रोज 5–6 घंटे की धूप जरूरी होती है। धूप अच्छी मिलेगी तो पौधे स्वस्थ रहेंगे और उत्पादन बढ़ेगा।

देखभाल और खाद प्रबंधन

पौधे निकलने के 20–25 दिन बाद ऊपर से थोड़ी और मिट्टी चढ़ा दें, इसे मिट्टी चढ़ाना कहते हैं। इससे ज्यादा आलू बनते हैं।
हर 15–20 दिन में वर्मी कंपोस्ट या तरल जैविक खाद का हल्का प्रयोग करें। रासायनिक खाद की जरूरत नहीं पड़ती।Khet pr nahi ghar ki chat pr ugay aalu

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कब करें आलू की खुदाई

जब पौधों की पत्तियां पीली होकर सूखने लगें, तब समझ लें कि आलू तैयार हैं। आमतौर पर 80–90 दिन में आलू खुदाई के लिए तैयार हो जाते हैं। धीरे-धीरे मिट्टी हटाकर आलू निकालें।

कितनी होगी पैदावार

एक अच्छे ग्रो बैग या गमले से 2 से 3 किलो तक आलू आसानी से निकाले जा सकते हैं। अगर 10–15 ग्रो बैग लगाए जाएं, तो एक छोटे परिवार की सालभर की जरूरत तक पूरी हो सकती है।

खास सुझाव

बीज आलू हमेशा रोगमुक्त लें। ज्यादा पानी और जलभराव से बचें। छत पर तेज हवा से बचाने के लिए गमलों को सुरक्षित जगह रखें।

निष्कर्ष

छत पर आलू उगाना न सिर्फ आसान है, बल्कि बेहद फायदेमंद भी है। सही किस्म, सही मिट्टी और थोड़ी सी नियमित देखभाल से घर बैठे बंपर पैदावार ली जा सकती है। यह तरीका शहरी लोगों के लिए ताजी सब्जी पाने और किसानों के लिए नई तकनीक सीखने का शानदार अवसर है।Khet pr nahi ghar ki chat pr ugay aalu

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