किसान का कमाल, एक ही खेत में उगा डाली 42 तरह की गेहूं की किस्में.. अब शुरू होगी कटाई Kisan ka kamaal , ek hi khet me ugaa dali 42 tarah ki gehu ki kisme… ab shuru hogi katai

किसान का कमाल, एक ही खेत में उगा डाली 42 तरह की गेहूं की किस्में.. अब शुरू होगी कटाई Kisan ka kamaal , ek hi khet me ugaa dali 42 tarah ki gehu ki kisme… ab shuru hogi katai

सीनियर एग्रो साइंटिस्ट कुमार लामानी ने हडिमानी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वैज्ञानिक ऐसी फसलें विकसित करते हैं जिन्हें सिंचाई की जरूरत होती है, लेकिन ये पशुओ के चारे के लिए अच्छी नहीं होतीं. केवल सूखी भूमि की किस्में ही इंसानों और पशुओं दोनों के लिए बेहतर हैं.

 कर्नाटक के हुब्बल्ली जिले के एक किसान ने कमाल कर दिया है. जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर स्थित मलाली गांव के किसान चंद्रप्पा हडिमानी ने अपने 30,000 वर्ग फीट के खेत में 42 तरह की गेहूं की किस्में उगाई हैं. उनका मकसद यह देखना है कि कौन सी किस्म उस स्थान की मिट्टी और मौसम के अनुसार सबसे अच्छी होगी. इनमें पईगंबरी जैसी कुछ दुर्लभ किस्में भी शामिल हैं, जो प्राचीन सिंधु घाटी में उगाई जाती थी. हडिमानी की गेहूं की फसल कुछ ही हफ्तों में कटाई के लिए तैयार हो जाएगी.Kisan ka kamaal , ek hi khet me ugaa dali 42 tarah ki gehu ki kisme… ab shuru hogi katai

Kisan ka kamaal , ek hi khet me ugaa dali 42 tarah ki gehu ki kisme… ab shuru hogi katai

अलग-अलग हिस्सों में बांटकर नंबर दिए गए

अमृत गेहूं की किस्म भगवान अमृतेश्वर से जुड़ी है

सीनियर एग्रो साइंटिस्ट कुमार लामानी ने हडिमानी के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक ऐसी फसलें विकसित करते हैं जिन्हें सिंचाई की जरूरत होती है, लेकिन ये पशुओ के चारे के लिए अच्छी नहीं होतीं. केवल सूखी भूमि की किस्में ही इंसानों और पशुओं दोनों के लिए बेहतर हैं. वहीं, कुछ किस्मों का अपना इतिहास भी है. उदाहरण के लिए, अन्नीगेरी के आसपास उगाई जाने वाली अमृत गेहूं की किस्म भगवान अमृतेश्वर से जुड़ी है. बीजिगा नामक एक और किस्म सावडत्ती के किसानों में लोकप्रिय है. कुछ किस्में गुजरात जैसे राज्यों से भी लाई गई हैं.

पईगंबरी गोल दाने वाली गेहूं की किस्म है

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