Matar ka chilke se banay ek jevik khad : अक्सर घरों में मटर छीलने के बाद उसके छिलकों को बेकार समझकर कूड़े में फेंक दिया जाता है। जबकि यही मटर के छिलके पौधों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनमें प्राकृतिक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो मिट्टी की सेहत सुधारने के साथ पौधों की वृद्धि भी तेज करते हैं। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर मटर के छिलकों से ताकतवर जैविक खाद तैयार की जा सकती है, जिससे रसोई बगीचे से लेकर खेत तक शानदार परिणाम मिलते हैं।
मटर के छिलके क्यों हैं इतने फायदेमंद
मटर के छिलकों में नाइट्रोजन, पोटाश और जैविक कार्बन की अच्छी मात्रा होती है। यह मिट्टी में मिलकर सूक्ष्म जीवों की गतिविधि को बढ़ाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता सुधरती है। रासायनिक खाद की तुलना में यह पूरी तरह प्राकृतिक होते हैं और लंबे समय तक मिट्टी को लाभ पहुंचाते हैं।

मटर के छिलकों से जैविक खाद बनाने का आसान तरीका
घर पर ही मटर के छिलकों से जैविक खाद बनाना बेहद आसान है। इसके लिए ज्यादा खर्च या खास मशीन की जरूरत नहीं होती।
तरीका:
- मटर के छिलकों को इकट्ठा कर लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
- किसी प्लास्टिक या मिट्टी के ड्रम में नीचे सूखी मिट्टी या पुराने गोबर की खाद की एक परत बिछाएं।
- अब उस पर मटर के छिलकों की परत डालें।
- ऊपर से थोड़ा पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे, लेकिन पानी भरा न हो।
- इसी तरह परत दर परत सामग्री डालें और ढककर 20–25 दिन के लिए छोड़ दें।
- हर 7–8 दिन में मिश्रण को एक बार पलट दें, इससे खाद जल्दी तैयार होती है।
लगभग एक महीने में मटर के छिलके पूरी तरह गलकर ताकतवर जैविक खाद में बदल जाते हैं।Matar ka chilke se banay ek jevik khad
पौधों में कैसे करें इस खाद का उपयोग
तैयार जैविक खाद को गमलों, किचन गार्डन, सब्जी की क्यारियों और खेत में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे पौधों की जड़ों के पास मिट्टी में मिलाएं। इससे पौधों की बढ़वार तेज होती है, पत्तियां हरी-भरी रहती हैं और फूल व फल ज्यादा लगते हैं।
लागत कम, फायदा ज्यादा
इस जैविक खाद को बनाने में लगभग शून्य लागत आती है, क्योंकि कच्चा माल तो रसोई से ही मिल जाता है। रासायनिक खाद पर होने वाला खर्च भी बचता है और मिट्टी की गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहती है।Matar ka chilke se banay ek jevik khad

पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद
मटर के छिलकों से खाद बनाकर कूड़ा कम किया जा सकता है। इससे गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी घटती है और पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक और टिकाऊ खेती की दिशा में एक अहम कदम है।
किसान और बागवानी प्रेमियों के लिए सलाह
अगर आप जैविक खेती या किचन गार्डनिंग करते हैं, तो मटर के छिलकों को कभी बेकार न समझें। इन्हें सही तरीके से खाद में बदलकर पौधों को पोषण दें और बेहतर उत्पादन पाएं।
निष्कर्ष
मटर के छिलके कूड़ा नहीं, बल्कि पौधों के लिए एक ताकतवर जैविक खाद हैं। आसान तरीके से तैयार की गई यह खाद मिट्टी को उपजाऊ बनाती है, पौधों की सेहत सुधारती है और आपकी लागत भी घटाती है। अगर इस देसी और प्राकृतिक उपाय को अपनाया जाए, तो खेती और बागवानी दोनों में शानदार नतीजे मिल सकते हैं।Matar ka chilke se banay ek jevik khad
