क्यों थम गई मानसून की रफ्तार? क्या होता है ‘मानसून ब्रेक’, कई राज्यों में 6-7 दिन कम होगी बारिश Monsoon Break Kya Hai

क्यों थम गई मानसून की रफ्तार? क्या होता है ‘मानसून ब्रेक’, कई राज्यों में 6-7 दिन कम होगी बारिश Monsoon Break Kya Hai

Monsoon Break Kya Hai : जुलाई का महीना आमतौर पर देश में झमाझम बारिश के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार कई राज्यों में लगातार अच्छी बारिश के बाद अचानक मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले 6 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल और हिमालय की तलहटी वाले इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञ इसे Monsoon Break यानी मानसून ब्रेक की स्थिति बता रहे हैं। यह मानसून के खत्म होने का संकेत नहीं है, बल्कि मानसून के दौरान कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियों का कमजोर पड़ना एक सामान्य मौसमी प्रक्रिया है। हालांकि इस बार यह स्थिति खरीफ फसलों के लिए चिंता बढ़ा सकती है क्योंकि धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलें अभी शुरुआती अवस्था में हैं।

पिछले कुछ दिनों की बारिश ने पूरी की जून की कमी

जून 2026 देश के कई हिस्सों में सामान्य से काफी सूखा रहा था। लेकिन जुलाई की शुरुआत में मॉनसून सक्रिय होने से उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इससे खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई और जलाशयों का जलस्तर भी सुधरा। हालांकि अब मॉनसून की गतिविधियां फिर कमजोर पड़ गई हैं।

Monsoon Break Kya Hai?

Monsoon Break वह स्थिति होती है जब लगातार 5 से 10 दिनों तक देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कम बारिश होती है। इसका मतलब यह नहीं कि मानसून समाप्त हो गया है, बल्कि कुछ दिनों के लिए बारिश की मुख्य गतिविधियां कमजोर हो जाती हैं।

इस दौरान आमतौर पर उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश कम हो जाती है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों, बिहार, पश्चिम बंगाल और हिमालय की तलहटी वाले क्षेत्रों में अच्छी या भारी बारिश जारी रहती है। यही कारण है कि एक ही समय में देश के कुछ हिस्सों में सूखे जैसे हालात और कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

जुलाई में इस बार मानसून क्यों धीमा पड़ गया?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार Monsoon Break बनने के पीछे कई मौसम संबंधी कारण जिम्मेदार हैं।

1. मानसूनी ट्रफ उत्तर की ओर खिसक गई

मानसूनी ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से हटकर हिमालय की तलहटी की ओर चली गई है। इसके कारण बारिश का मुख्य क्षेत्र भी उत्तर और पूर्व की ओर शिफ्ट हो गया है।

2. अरब सागर से नमी कम पहुंच रही है

आमतौर पर अरब सागर से आने वाली नम हवाएं पश्चिम और मध्य भारत में अच्छी बारिश कराती हैं, लेकिन इस समय इन हवाओं की ताकत कमजोर हो गई है। इससे राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बारिश कम हो रही है।

3. बंगाल की खाड़ी के सिस्टम पूर्वी भारत तक सीमित रहे

बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर बढ़ रहे हैं। इसलिए इन इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि पश्चिम और मध्य भारत तक इनका प्रभाव नहीं पहुंच पा रहा।

4. पश्चिमी विक्षोभ भी कमजोर हैं

इस समय उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा सक्रिय नहीं हैं। इसके कारण राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश बढ़ाने वाली अतिरिक्त मौसम प्रणालियां विकसित नहीं हो पा रही हैं।

11 साल में तीसरी बार जुलाई में बना ऐसा मौसम

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 2015 और 2021 के बाद यह तीसरी बार है जब जुलाई के दूसरे सप्ताह में देश के बड़े हिस्से में Monsoon Break जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। सामान्यतः जुलाई मानसून का सबसे सक्रिय महीना माना जाता है, लेकिन इस बार बारिश का वितरण असमान दिखाई दे रहा है। Monsoon Break

Monsoon Break explained with reduced rainfall forecast across Rajasthan, MP, UP and its impact on Kharif farming.
Monsoon Break

किन राज्यों में अगले 6-7 दिन कम होगी बारिश?

IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक इन राज्यों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है—

  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश के कई हिस्से
  • दिल्ली
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • गुजरात
  • महाराष्ट्र
  • छत्तीसगढ़
  • तेलंगाना

इन राज्यों में तेज धूप के साथ उमस भी बढ़ सकती है।

किन राज्यों में जारी रहेगी भारी बारिश?

दूसरी ओर इन राज्यों में अच्छी से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है—

  • बिहार
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • असम
  • मेघालय
  • अरुणाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड के कुछ हिस्से
  • हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्र

इन इलाकों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। Monsoon Break

Heat Index क्या होता है और ज्यादा गर्मी क्यों महसूस होगी?

बारिश कम होने के बावजूद हवा में नमी काफी अधिक बनी हुई है। जब वातावरण में नमी ज्यादा होती है तो शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता। इससे शरीर प्राकृतिक रूप से ठंडा नहीं हो पाता और वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस होती है।

इसी स्थिति को Heat Index कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि तापमान 36°C हो तो अधिक नमी के कारण महसूस होने वाला तापमान 45°C से 49°C तक पहुंच सकता है।

खरीफ फसलों पर क्या पड़ेगा असर?

यह Monsoon Break खरीफ किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धान, सोयाबीन, मक्का, कपास और अन्य खरीफ फसलें शुरुआती अवस्था में लगातार नमी चाहती हैं। यदि अगले कुछ दिनों तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई और सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध नहीं रही तो फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है।

हालांकि जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां नुकसान की संभावना अपेक्षाकृत कम रहेगी।

किसानों के लिए क्या है सलाह?

कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे—

  • मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें।
  • जहां संभव हो हल्की सिंचाई करें।
  • खेतों की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें।
  • अनावश्यक उर्वरक का प्रयोग बारिश होने तक टालें।
  • खरपतवार नियंत्रण समय पर करें ताकि उपलब्ध नमी का बेहतर उपयोग हो सके।

क्या फिर सक्रिय होगा मानसून?

IMD के अनुसार वर्तमान ब्रेक स्थायी नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मॉनसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। यदि बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर सिस्टम विकसित होता है तो मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से अच्छी बारिश शुरू हो सकती है। Monsoon Break

Conclusion

Monsoon Break भारतीय मानसून का एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान कुछ राज्यों में बारिश कम हो जाती है जबकि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा जारी रहती है। फिलहाल राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात सहित कई राज्यों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश कम रहने की संभावना है। ऐसे में किसानों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय लेने चाहिए ताकि खरीफ फसलों पर इसका असर कम से कम पड़े।

administrator
Kheti Junction Administration Team is dedicated to providing reliable Agri News, tractor updates, agri machinery information, farming technologies, government schemes, market trends, crop cultivation knowledge, and agribusiness opportunities. The team works to connect farmers with the latest agricultural developments, modern equipment, and practical insights to support productivity, profitability, and sustainable growth across India.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *