मूंग के दाम पहुंचे 8200 रुपये क्विंटल, मंडियों में रिकॉर्ड आवक से किसानों को होगा फायदा? Moong Prices

मूंग के दाम पहुंचे 8200 रुपये क्विंटल, मंडियों में रिकॉर्ड आवक से किसानों को होगा फायदा? Moong Prices

Moong Prices: पंजाब के फरीदकोट जिले की कोटकपूरा अनाज मंडी में इस सीजन मूंग की रिकॉर्ड आवक दर्ज की जा रही है। अच्छी पैदावार और बाजार में मजबूत मांग के चलते किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिल रहे हैं। मंडी में मूंग का भाव 8,100 से 8,200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जिससे उत्पादकों को अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

व्यापारियों के अनुसार, स्थानीय दाल मिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से आए खरीदार भी बड़ी मात्रा में मूंग की खरीद कर रहे हैं। यही वजह है कि मंडी में लगातार खरीदारी का माहौल बना हुआ है और कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को दलहनी फसलों में इसी तरह लाभकारी मूल्य मिलता रहा, तो वे पारंपरिक फसलों के बजाय मूंग जैसी दलहन फसलों की ओर अधिक आकर्षित होंगे। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता सुधारने में भी मदद मिलेगी। Moong Prices

 Moong Prices
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पंजाब में इस बार मूंग की खेती करने वाले किसानों के चेहरे बेहतर बाजार भाव के कारण खिल उठे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस सीजन मूंग की कीमतों में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फरीदकोट जिले की कोटकपूरा अनाज मंडी में मूंग की रिकॉर्ड आवक दर्ज की जा रही है, जहां अब तक करीब 4,500 से 5,000 बैग मूंग की बिक्री के लिए पहुंच चुकी है। Moong Prices

शुक्रवार को मंडी में मूंग का भाव 8,100 से 8,200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर माना जा रहा है। स्थानीय दाल मिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों के व्यापारियों की सक्रिय खरीदारी से बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे किसानों को अपनी उपज का अच्छा मूल्य मिल रहा है और उनकी आमदनी में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

हालांकि, मौजूदा बाजार भाव किसानों के लिए राहत देने वाले हैं, लेकिन यह अभी भी केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए मूंग के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 8,768 रुपये प्रति क्विंटल से कम है। इसके बावजूद खुले बाजार में मिल रहे बेहतर दाम और तेज खरीदारी ने किसानों में सकारात्मक माहौल पैदा किया है। Moong Prices

व्यापारियों के अनुसार, जिस रफ्तार से मंडी में मूंग की आवक बढ़ रही है, उसे देखते हुए इस सीजन पिछले वर्ष का रिकॉर्ड टूटने की संभावना है। हर दिन बड़ी मात्रा में उपज मंडी पहुंच रही है और खरीदारों की सक्रिय मौजूदगी के कारण व्यापार भी लगातार बढ़ रहा है। Moong Prices

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हालांकि, फसल की शुरुआती अवस्था में हुई बेमौसम बारिश का असर मूंग की गुणवत्ता पर कुछ हद तक देखने को मिला। कई जगहों पर दाने अपेक्षाकृत हल्के रहे, लेकिन इसका बाजार की मांग पर कोई खास असर नहीं पड़ा। स्थानीय दाल मिलों के अलावा अन्य राज्यों के व्यापारी भी लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मंडी में मूंग की बिक्री और कारोबार दोनों में तेजी बनी हुई है। व्यापारियों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में आवक इसी तरह जारी रही, तो यह सीजन मूंग व्यापार के लिहाज से पिछले साल की तुलना में अधिक सफल साबित हो सकता है।

किसानों को और बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद

कोटकपूरा अनाज मंडी के आढ़ती संजय मित्तल ने बताया कि भले ही सरकारी एजेंसियां मूंग की बड़े स्तर पर खरीद नहीं कर रही हैं, लेकिन स्थानीय दाल मिलों और अन्य राज्यों से आने वाले व्यापारियों की मजबूत मांग के कारण किसानों को अपनी उपज के अच्छे दाम मिल रहे हैं। लगातार बनी हुई खरीदारी से मंडी में कारोबार भी तेज है और किसानों को फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा। Moong Prices

व्यापारियों का कहना है कि पिछले वर्ष भी सीजन आगे बढ़ने के साथ मूंग के दाम में लगभग 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। यदि इस बार भी मांग इसी तरह मजबूत बनी रहती है और आवक के बावजूद बाजार में संतुलन बना रहता है, तो आने वाले हफ्तों में मूंग के भाव में और सुधार देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। Moong Prices

पंजाब में फसल विविधीकरण को मिल सकता है नया बढ़ावा

मूंग की अच्छी पैदावार के साथ बाजार में मिल रहे लाभकारी दाम को कृषि विशेषज्ञ पंजाब में फसल विविधीकरण के लिए एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसानों को दलहनी फसलों में लगातार बेहतर मूल्य मिलता रहा, तो वे धीरे-धीरे गेहूं-धान के पारंपरिक फसल चक्र से बाहर निकलकर मूंग जैसी कम लागत और अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर रुख कर सकते हैं। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य में जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा। Moong Prices

विशेषज्ञों के अनुसार, मूंग एक ऐसी दलहनी फसल है जिसे धान की तुलना में काफी कम पानी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा यह फसल मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर उसकी उर्वरता में सुधार करती है, जिससे अगली फसलों की उत्पादकता पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। मूंग का फसल चक्र भी अपेक्षाकृत छोटा होता है, इसलिए किसान कम समय में फसल तैयार कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। Moong Prices

मूंग की खेती के लिए किसानों का बढ़ सकता है रुझान

कृषि जानकारों का मानना है कि इस सीजन में मिल रहे बेहतर बाजार भाव अगले वर्ष किसानों को अधिक क्षेत्र में मूंग की खेती करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। वर्तमान में कोटकपूरा अनाज मंडी में लगभग 60 दिनों में तैयार होने वाली जल्दी पकने वाली ‘साथी’ किस्म के साथ सामान्य मूंग की भी अच्छी आवक हो रही है। Moong Prices

हालांकि, साथी किस्म का बाजार भाव सामान्य मूंग की तुलना में लगभग 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल कम है, लेकिन इसकी कम अवधि में तैयार होने की विशेषता और बेहतर उत्पादन के कारण किसानों को इससे भी अच्छा मुनाफा मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाजार में मांग और कीमतें इसी तरह मजबूत बनी रहती हैं, तो आने वाले वर्षों में पंजाब में मूंग का रकबा बढ़ने की पूरी संभावना है।

निष्कर्ष

पंजाब की कोटकपूरा अनाज मंडी में मूंग की रिकॉर्ड आवक और 8,100 से 8,200 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहे भाव किसानों के लिए राहतभरी खबर है। हालांकि मौजूदा कीमतें अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 8,768 रुपये प्रति क्विंटल से कम हैं, फिर भी मजबूत बाजार मांग के कारण किसानों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले समय में मूंग के दाम इसी तरह लाभकारी बने रहे, तो अधिक किसान दलहनी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आय बढ़ेगी और पंजाब में जल संरक्षण के साथ टिकाऊ कृषि को भी मजबूती मिलेगी।

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