हर पौधे की जरूरत अलग-अलग होती है. कुछ पौधे ज्यादा पानी और नमी पसंद करते हैं, तो कुछ सूखी मिट्टी में बेहतर तरीके से बढ़ते हैं. उदाहरण के तौर पर, जिन पौधों को रोज पानी नहीं दिया जाता, उनमें कोकोपीट मिलाना अच्छा रहता है क्योंकि यह मिट्टी में नमी बनाए रखता है.
घर की बालकनी हो या आंगन का छोटा सा बगीचा, हर कोई चाहता है कि उसके पौधे हरे-भरे और स्वस्थ दिखें. पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए खाद बहुत जरूरी होती है, क्योंकि यही उन्हें जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. खाद मिट्टी को उपजाऊ बनाता है, जड़ों को मजबूत बनाता है और पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. लेकिन कई बार लोग सही जानकारी के बिना खाद डाल देते हैं, जिससे फायदा होने की जगह नुकसान हो जाता है. पौधे पीले पड़ने लगते हैं, पत्तियां झड़ जाती हैं या जड़ें सड़ने लगती हैं. इसलिए खाद डालते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.podho me khad dalte samay na kare ye galtiya , varna fayde ki jagah hoga nuksan

हर पौधे की जरूरत अलग होती है
सबसे बड़ी गलती हम यह करते है कि सभी पौधों को एक ही तरह की खाद डाल देते हैं. जबकि हर पौधे की जरूरत अलग-अलग होती है. कुछ पौधे ज्यादा पानी और नमी पसंद करते हैं, तो कुछ सूखी मिट्टी में बेहतर बढ़ते हैं. उदाहरण के तौर पर, जिन पौधों को रोज पानी नहीं दिया जाता, उनमें कोकोपीट मिलाना अच्छा रहता है क्योंकि यह मिट्टी में नमी बनाए रखता है. वहीं, फूल देने वाले पौधों के लिए वर्मी कंपोस्ट बहुत फायदेमंद होता है. इसलिए पहले यह समझें कि आपका पौधा किस प्रकार का है और उसकी पोषण की जरूरत क्या हैpodho me khad dalte samay na kare ye galtiya , varna fayde ki jagah hoga nuksan
जरूरत से ज्यादा खाद डालना भी हानिकारक
कई लोग सोचते हैं कि ज्यादा खाद डालने से पौधा जल्दी बढ़ेगा, लेकिन यह गलत है. जरूरत से ज्यादा खाद डालने पर मिट्टी में लवणता बढ़ जाती है, जिससे जड़ें जल जाती हैं. छोटे गमलों में तो खास करके सावधानी रखनी चाहिए. अगर पौधा एक फुट से ऊंचा है तो एक मुट्ठी खाद काफी होती है. वहीं छोटे पौधों में एक या दो चम्मच खाद ही पर्याप्त है. कम मात्रा में और सही अंतराल पर खाद देना ज्यादा सुरक्षित रहता है.
रासायनिक खाद से रखें दूरी
आजकल बाजार में कई तरह की केमिकल खाद मिलते हैं, जो तुरंत असर दिखाते हैं. लेकिन लंबे समय में ये मिट्टी की गुणवत्ता खराब कर सकता हैं. खासकर अगर आपने घर के लिए या रसोई के लिए सब्जियां उगाई हैं, तो ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है . गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट या घर में बने किचन वेस्ट की खाद पौधों के लिए सुरक्षित और सस्ती होती है. इससे मिट्टी की सेहत भी बनी रहती

खाद डालने से पहले पानी देना न भूलें
एक और गलती यह है कि लोग सूखी मिट्टी में ही खाद डाल देते हैं. ऐसा करने से खाद सीधे जड़ों को नुकसान पहुंचा देता है. इसलिए बेहतर यह होगा कि खाद डालने से पहले हल्की सिंचाई कर लें. इससे मिट्टी नम हो जाती है और खाद आसानी से घुलकर जड़ों तक पहुंच जाता है. खाद डालने के बाद भी हल्का पानी देना चाहिए, ताकि पोषक तत्व मिट्टी में अच्छी तरह मिल जाएं.podho me khad dalte samay na kare ye galtiya , varna fayde ki jagah hoga nuksan
धूप, हवा और पानी का संतुलन भी जरूरी
केवल खाद डाल देने से ही पौधे स्वस्थ नहीं रहते. उन्हें पर्याप्त मात्रा में धूप, ताजी हवा और सही मात्रा में पानी भी चाहिए होता है . ज्यादातर पौधों को रोज कम से कम 6 से 8 घंटे धूप मिलनी चाहिए. अगर पौधों को सही रोशनी नहीं मिलेगी, तो खाद का असर भी कम हो जाएगा. इसी तरह ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और कम पानी देने से पौधा सूख सकता है.
