Sardi me bhi rahenge podhe hare-bhare: सर्दियों का मौसम इंसानों के साथ-साथ पौधों के लिए भी चुनौती भरा होता है। ठंड, पाला और ठंडी हवाएं पौधों की बढ़वार को रोक देती हैं, पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और कई बार पौधे सूख भी जाते हैं। लेकिन अगर समय रहते कुछ आसान और देसी जुगाड़ अपना लिए जाएं, तो सर्दियों में भी पौधों को हेल्दी, मजबूत और हरा-भरा रखा जा सकता है।
ठंड में पौधे कमजोर क्यों हो जाते हैं
सर्दियों में तापमान गिरने से पौधों की जड़ों की सक्रियता कम हो जाती है। मिट्टी में नमी ज्यादा समय तक बनी रहती है, जिससे जड़ सड़ने का खतरा रहता है। वहीं पाले की स्थिति में पत्तियों की कोशिकाएं जम जाती हैं, जिससे पौधों की ग्रोथ रुक जाती है और रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है।

मिट्टी को गर्म रखने का देसी तरीका
पौधों को ठंड से बचाने के लिए सबसे पहले मिट्टी का ध्यान रखना जरूरी है। पौधों के चारों ओर सूखी पत्तियां, भूसा, पराली या सूखी घास बिछा दें। इसे मल्चिंग कहते हैं। यह देसी जुगाड़ मिट्टी की गर्मी बनाए रखता है, नमी संतुलित करता है और जड़ों को ठंड से बचाता है।Sardi me bhi rahenge podhe hare-bhare
धूप का सही इस्तेमाल है सबसे बड़ा उपाय
सर्दियों में पौधों को भरपूर धूप मिलना बेहद जरूरी होता है। गमलों को ऐसी जगह रखें जहां सुबह से दोपहर तक सीधी धूप मिले। खेत या बगीचे में लगे पौधों के आसपास छाया करने वाली चीजें हटा दें, ताकि सूरज की गर्मी पौधों को मिलती रहे और उनकी ग्रोथ बनी रहे।
शाम को सिंचाई से करें पाले से बचाव
पाले की संभावना होने पर शाम के समय हल्की सिंचाई करना एक पुराना और असरदार देसी तरीका है। नमी रहने से मिट्टी की गर्मी वातावरण में फैलती है, जिससे रात में तापमान बहुत नीचे नहीं गिरता और पाला जमने का खतरा कम हो जाता है।Sardi me bhi rahenge podhe hare-bhare
गोबर की खाद और जैविक घोल से बढ़ाएं ताकत
सर्दियों में रासायनिक खाद की जगह गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट या जैविक तरल खाद का उपयोग करें। ये धीरे-धीरे पोषण देते हैं, जिससे पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मजबूत पौधे ठंड और पाले को आसानी से सहन कर लेते हैं।Sardi me bhi rahenge podhe hare-bhare

पौधों को ढकना भी है असरदार देसी जुगाड़
ज्यादा ठंड वाले इलाकों में रात के समय पौधों को पुराने कपड़े, जूट बोरी या पॉलिथीन से हल्के से ढक दें। सुबह धूप निकलते ही इसे हटा दें। इससे ठंडी हवा और पाले का सीधा असर पौधों पर नहीं पड़ता।
ठंड में पानी देने का सही तरीका
सर्दियों में ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। मिट्टी सूखने पर ही सिंचाई करें और पानी दिन के समय दें, ताकि शाम तक अतिरिक्त नमी सूख जाए। इससे जड़ सड़न और फंगल रोगों का खतरा कम होता है।Sardi me bhi rahenge podhe hare-bhare
धुआं करना – पुराना लेकिन कारगर उपाय
खेती करने वाले किसान पाले से बचाव के लिए रात में खेत की मेड़ों पर सूखी पत्तियां या भूसा जलाकर हल्का धुआं करते हैं। धुआं तापमान को अचानक गिरने से रोकता है और पौधों को पाले से सुरक्षा देता है।
निष्कर्ष
अगर सर्दियों में पौधों को हेल्दी रखना है, तो महंगे उपायों की जरूरत नहीं है। मल्चिंग, सही धूप, सीमित सिंचाई, जैविक खाद और पौधों को ढकने जैसे देसी जुगाड़ अपनाकर ठंड और पाले का असर आसानी से रोका जा सकता है। इन आसान उपायों से आपके पौधे सर्दी भर हरे-भरे, मजबूत और स्वस्थ बने रहेंगे।Sardi me bhi rahenge podhe hare-bhare
