Sarso ki ye kism degi kisano ko bada fayda: सरसों की खेती भारत में रबी सीजन की प्रमुख तिलहनी फसलों में गिनी जाती है। बढ़ती लागत और पानी की कमी के बीच किसान ऐसी किस्मों की तलाश में रहते हैं, जो कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन और बेहतर बाजार भाव दिला सकें। RAH 749 सरसों किस्म इसी जरूरत को पूरा करती है और किसानों के लिए मोटी कमाई का मजबूत जरिया बन रही है।
RAH 749 सरसों किस्म की खासियत
RAH 749 एक उन्नत और उच्च उत्पादक सरसों की किस्म है, जिसे कम पानी वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त माना जाता है। यह किस्म कम सिंचाई में भी अच्छी वृद्धि करती है और दाने भराव बेहतर रहता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें तेल की मात्रा अधिक होती है, जिससे बाजार में अच्छा दाम मिल जाता है।

कम सिंचाई में भी शानदार पैदावार
आज के समय में जल संकट किसानों की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। RAH 749 सरसों किस्म इस मामले में काफी कारगर साबित होती है। सामान्य परिस्थितियों में इसे 2 से 3 सिंचाई में उगाया जा सकता है। जिन इलाकों में पानी की उपलब्धता सीमित है, वहां यह किस्म किसानों के लिए बेहद लाभकारी है।Sarso ki ye kism degi kisano ko bada fayda
उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता
RAH 749 सरसों किस्म की औसत उत्पादन क्षमता 18 से 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक मानी जाती है। सही समय पर बुवाई, संतुलित खाद और उचित देखभाल से इससे और भी बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है। इसके दाने मोटे, चमकदार और तेल से भरपूर होते हैं, जिस कारण मंडी में इसकी मांग अधिक रहती है।
रोगों के प्रति सहनशीलता
इस किस्म में प्रमुख रोगों जैसे झुलसा और सफेद रतुआ का प्रकोप अपेक्षाकृत कम देखा गया है। इससे किसानों को कीटनाशकों पर कम खर्च करना पड़ता है और खेती की कुल लागत घट जाती है। कम लागत में बेहतर उपज ही RAH 749 को खास बनाती है।Sarso ki ye kism degi kisano ko bada fayda
बुवाई का सही समय और तरीका
RAH 749 सरसों की बुवाई के लिए अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा सबसे उपयुक्त माना जाता है। कतार से कतार की दूरी लगभग 45 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखना फायदेमंद रहता है। समय पर बुवाई से फसल की बढ़वार अच्छी होती है और उत्पादन बढ़ता है।
बाजार में मिलेगा अच्छा दाम
तेल की अधिक मात्रा और दानों की बेहतरीन गुणवत्ता के कारण RAH 749 सरसों को बाजार में अच्छा भाव मिलता है। व्यापारी और तेल मिल मालिक इस किस्म को प्राथमिकता देते हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती।Sarso ki ye kism degi kisano ko bada fayda

कम लागत, ज्यादा मुनाफा
कम सिंचाई, कम रोग प्रकोप और बेहतर उत्पादन के कारण RAH 749 सरसों किस्म से खेती की लागत काफी कम हो जाती है। वहीं उत्पादन और बाजार भाव अच्छे मिलने से किसानों को प्रति हेक्टेयर अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है।
निष्कर्ष
अगर आप सरसों की खेती से कम लागत में मोटी कमाई करना चाहते हैं, तो RAH 749 सरसों किस्म आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यह किस्म कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है और बाजार में बेहतर दाम दिलाने में सक्षम है। आने वाले रबी सीजन में किसान इस किस्म को अपनाकर अपनी आमदनी को मजबूत बना सकते हैं।Sarso ki ye kism degi kisano ko bada fayda
