सिंगल बड सेट कटर मशीन को मिला 20 साल का पेटेंट, कम खर्च में गन्ना किसानों को होगा ज्यादा फायदा single bad set katar machine ko mila 20 saal ka petent , kam kahrch me ganna kisano ko hoga jyada fayda:

सिंगल बड सेट कटर मशीन को मिला 20 साल का पेटेंट, कम खर्च में गन्ना किसानों को होगा ज्यादा फायदा single bad set katar machine ko mila 20 saal ka petent , kam kahrch me ganna kisano ko hoga jyada fayda:

नई तकनीक का फायदा सिर्फ लागत तक सीमित नहीं है. परीक्षण में पाया गया कि नर्सरी में 95% तक अंकुरण दर मिली, जबकि खेत की स्थिति में भी 90% तक सफल अंकुरण दर्ज किया गया. इसका मतलब है कि एक-एक पौधा मजबूत और समान रूप से बढेगा , जिससे गन्ने की पैदावार और भी बेहतर होगी.

देश में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने गन्ने की खेती में उपयोग में ली जाने वाली “सिंगल बड सेट कटर” मशीन के लिए 20 साल का पेटेंट हासिल किया है. यह पेटेंट भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा दिया गया है. यह मशीन ‘सस्टेनेबल शुगरकेन इनिशिएटिव’ (SSI) के तहत विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य गन्ने की खेती को अधिक उत्पादक, किफायती और आसान बनाना है.

single bad set katar machine ko mila 20 saal ka petent

क्या है सिंगल बड सेट कटर मशीन?

नई सिंगल बड सेट कटर मशीन 4 हॉर्स पावर के डीजल इंजन से चलती है. यह गन्ने की लंबी डंठलों को समान आकार के एक-एक कली (बड) में तेजी से काटती है. मशीन मजबूत स्टील फ्रेम पर तैयार की गई है और इसमें दांतेदार कटिंग डिस्क, सुरक्षा कवर, गन्ना पकड़ने की सुविधा, तैयार बड निकालने की नाली, उत्पादन गिनने के लिए काउंटर, कंपन कम करने की व्यवस्था और आसानी से इधर-उधर ले जाने के लिए पहिए लगाए गए हैं. यह मशीन 30, 35 और 40 मिलीमीटर के अलग-अलग आकार के सेट तैयार कर सकती है, जिसे किसान अपनी जरूरत के अनुसार सेट कर सकते हैं.

कम खर्च, ज्यादा उत्पादन

इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत इसकी कार्यक्षमता और कम लागत है. परीक्षण के दौरान यह मशीन प्रति घंटे में लगभग 1700 बड तैयार करने में सफल रही. जहां पारंपरिक तरीके से प्रति हेक्टेयर बड कटाई की लागत करीब 6,250 रुपये आती थी, वहीं इस मशीन से यह खर्च घटकर लगभग 1,000 रुपये प्रति हेक्टेयर रह गया. अतार्थ लागत में भारी कमी और समय की भी बचत होगी

डेवलपर्स के अनुसार, यह मशीन समय और लागत दोनों में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बचत करती है. इससे मजदूरों पर निर्भरता कम होगी और किसानों को काम जल्दी निपटाने में मदद मिलेगी

अंकुरण दर भी बेहतर

नई तकनीक का फायदा सिर्फ लागत तक सीमित नहीं है. परीक्षण में पाया गया कि नर्सरी में 95 प्रतिशत तक अंकुरण दर मिली, जबकि खेत की स्थिति में भी 90 प्रतिशत तक सफल अंकुरण दर्ज किया गया. इसका मतलब है कि एक-एक पौधा मजबूत और समान रूप से विकसित होगा, जिससे गन्ने की पैदावार बेहतर होगी.

SSI पद्धति के तहत एकल कली वाले पौधों से अधिक और समान गन्ना उत्पादन संभव होता है. इससे खेत में पौधों की दूरी संतुलित रहती है और पौधे स्वस्थ रूप से बढ़ते हैं.

single bad set katar machine ko mila 20 saal ka petent
single bad set katar machine ko mila 20 saal ka petent

किसानों के लिए किफायती विकल्प

इस मशीन की कीमत लगभग 34,000 रुपये है, जो इसे छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी किफायती बनाती है. एक बार खरीदने के बाद किसान लंबे समय तक इसका लाभ उठा सकते हैं. श्रम लागत में कमी होती है बेहतर अंकुरण और अधिक उत्पादन से किसान की आय बढ़ने की संभावना है.

गन्ना खेती में बढ़ती मजदूरी और समय की कमी के बीच यह मशीन एक बड़ा समाधान बनकर सामने आई है. आने वाले वर्षों में यदि किसान इस तकनीक को अपनाते हैं, तो गन्ना उत्पादन में नई क्रांति देखी जा सकती है.

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *