राजस्थान में तैयार हुई देश की पहली ‘थ्री-वे हाइब्रिड’ बाजरा किस्म RHB-273, कम पानी में देगी बंपर पैदावार Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

राजस्थान में तैयार हुई देश की पहली ‘थ्री-वे हाइब्रिड’ बाजरा किस्म RHB-273, कम पानी में देगी बंपर पैदावार Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan : देश में मोटे अनाज यानी श्री अन्न (Millets) को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में राजस्थान के कृषि वैज्ञानिकों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जयपुर स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI) ने अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्था ICRISAT के सहयोग से देश की पहली ‘थ्री-वे हाइब्रिड’ बाजरा किस्म विकसित की है। इस नई उन्नत किस्म का नाम RHB-273 रखा गया है।

वैज्ञानिकों का दावा है कि यह किस्म कम बारिश, सूखे और गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में भी किसानों को बेहतर उत्पादन देने में सक्षम होगी। केंद्र सरकार ने भी इस नई बाजरा किस्म को देश की 184 उन्नत फसल किस्मों की सूची में शामिल किया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह किस्म राजस्थान समेत कई राज्यों के किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।

क्या है थ्री-वे हाइब्रिड बाजरा तकनीक?

आमतौर पर बाजार में मिलने वाले हाइब्रिड बीज सिंगल क्रॉस या डबल क्रॉस तकनीक से तैयार किए जाते हैं, लेकिन RHB-273 को ‘थ्री-वे हाइब्रिड’ तकनीक से विकसित किया गया है। यह एक आधुनिक और उन्नत आनुवंशिक तकनीक है, जिसमें तीन अलग-अलग शुद्ध किस्मों (Inbred Lines) के बेहतरीन गुणों को मिलाकर नया बीज तैयार किया जाता है। Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

सबसे पहले दो उन्नत किस्मों का क्रॉस कर शुरुआती हाइब्रिड तैयार किया जाता है। इसके बाद इस हाइब्रिड का क्रॉस तीसरी मजबूत किस्म के साथ कराया जाता है। इस प्रक्रिया से तैयार अंतिम बीज में ज्यादा उत्पादन क्षमता, मजबूत पौधे, बड़े दाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता और सूखा सहनशीलता जैसे कई गुण एक साथ मिल जाते हैं। Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

कम बारिश वाले क्षेत्रों के लिए वरदान बनेगी RHB-273

राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में किसानों को हर साल कम बारिश और पानी की कमी की समस्या का सामना करना पड़ता है। RHB-273 बाजरा किस्म को खासतौर पर ऐसे इलाकों के लिए तैयार किया गया है, जहां पूरे सीजन में 400 मिमी से भी कम वर्षा होती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह किस्म कम पानी में भी अच्छी वृद्धि करती है और सूखे की स्थिति में भी उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ने देती। इससे किसानों को मौसम की अनिश्चितता के बावजूद स्थिर पैदावार मिलने की उम्मीद है। Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

मात्र 75 से 76 दिनों में तैयार होगी फसल

इस नई बाजरा किस्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कम अवधि है। जहां सामान्य बाजरा फसल को पकने में 85 से 95 दिन तक लग जाते हैं, वहीं RHB-273 केवल 75 से 76 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। जल्दी तैयार होने वाली फसल से किसानों को कई फायदे मिलते हैं। इससे सिंचाई का खर्च कम होता है, खेत जल्दी खाली हो जाता है और किसान अगली फसल की समय पर बुवाई कर सकते हैं। कम समय में ज्यादा उत्पादन देने वाली यह किस्म आधुनिक खेती के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है। Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

सूखा और गर्मी सहन करने की क्षमता

जलवायु परिवर्तन के कारण लगातार बढ़ती गर्मी और अनियमित बारिश खेती के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। वैज्ञानिकों के अनुसार RHB-273 किस्म के पौधों की आंतरिक संरचना इस प्रकार विकसित की गई है कि यह अत्यधिक तापमान और लंबे समय तक नमी की कमी को भी आसानी से सहन कर सकती है। यही वजह है कि यह किस्म अर्ध-शुष्क और कम सिंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए बेहद उपयोगी मानी जा रही है। Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

रोग प्रतिरोधक क्षमता से घटेगा किसानों का खर्च

बाजरा की खेती में डाउनी मिल्ड्यू और अर्गट जैसी बीमारियां किसानों को भारी नुकसान पहुंचाती हैं। RHB-273 किस्म में इन प्रमुख रोगों के खिलाफ मजबूत प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित की गई है। इससे किसानों को बार-बार कीटनाशकों और फफूंदनाशकों का छिड़काव नहीं करना पड़ेगा। रोग कम लगने से उत्पादन लागत घटेगी और किसानों को अधिक मुनाफा मिल सकेगा। Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

किसानों और पशुपालकों को मिलेगा दोहरा लाभ

वैज्ञानिक परीक्षणों के अनुसार RHB-273 बाजरा किस्म से प्रति हेक्टेयर लगभग 23 क्विंटल तक अनाज उत्पादन प्राप्त हो सकता है। इसके दाने आकार में बड़े और चमकदार होते हैं, जिससे बाजार में अच्छा भाव मिलने की संभावना रहती है। इसके अलावा इस फसल से करीब 48 क्विंटल तक पौष्टिक सूखा चारा भी प्राप्त होता है। राजस्थान जैसे राज्यों में जहां पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है, वहां यह किस्म किसानों और पशुपालकों दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

राजस्थान समेत 7 राज्यों के किसानों को होगा फायदा

केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब RHB-273 बाजरा किस्म का लाभ केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रहेगा। इस किस्म को ‘ए जोन’ के लिए स्वीकृति दी गई है, जिसमें राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली यह नई बाजरा किस्म भविष्य की खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ देश में श्री अन्न उत्पादन को भी नई मजबूती मिलेगी। Three-Way Hybrid Bajra RHB-273 Variety in Rajasthan

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