UP Dairy Subsidy Scheme 2026: यूपी में देसी गायों की डेयरी खोलने पर सरकार दे रही लाखों रुपये की सब्सिडी, जानें पूरी योजना

UP Dairy Subsidy Scheme 2026: यूपी में देसी गायों की डेयरी खोलने पर सरकार दे रही लाखों रुपये की सब्सिडी, जानें पूरी योजना

UP Dairy Subsidy Scheme 2026: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नंदिनी योजना संचालित कर रही है। इस योजना के अंतर्गत 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने पर पात्र लाभार्थियों को 11.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

UP Dairy Subsidy Scheme 2026

इससे किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं के लिए कम लागत में डेयरी व्यवसाय शुरू करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। इच्छुक आवेदक इस योजना का लाभ लेने के लिए 21 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में देसी नस्ल की गायों का संरक्षण, दूध उत्पादन में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

अगर आप डेयरी व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश सरकार की मिनी नंदिनी योजना आपके लिए बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है। नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत राज्य सरकार 10 देसी नस्ल की गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने पर 11.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। UP Dairy Subsidy Scheme 2026

UP Dairy Subsidy Scheme 2026
UP Dairy Subsidy Scheme 2026

इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में स्वदेशी गायों का संरक्षण करना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना और किसानों व पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत लाभार्थी साहिवाल, गिर और थारपारकर जैसी उच्च दुग्ध उत्पादन वाली देसी नस्ल की गायों के साथ आधुनिक डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इससे कम निवेश में डेयरी स्थापित करने का अवसर मिलेगा और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिलेगी। UP Dairy Subsidy Scheme 2026

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

मिनी नंदिनी योजना के तहत 10 देसी नस्ल की गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने की कुल अनुमानित लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस लागत का 50 प्रतिशत यानी 11.80 लाख रुपये उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान (सब्सिडी) के रूप में दिया जाएगा। इससे किसानों और पशुपालकों पर शुरुआती निवेश का बोझ काफी कम हो जाएगा।

योजना के तहत शेष राशि की व्यवस्था भी आसान बनाई गई है। कुल परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक बैंक ऋण (लोन) के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है, जबकि 15 प्रतिशत राशि लाभार्थी को स्वयं निवेश करनी होगी। इस वित्तीय मॉडल के कारण सीमित पूंजी वाले किसान, पशुपालक और ग्रामीण युवा भी आसानी से डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और नियमित आय का मजबूत स्रोत तैयार कर सकते हैं। UP Dairy Subsidy Scheme 2026

पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है योजना

मिनी नंदिनी योजना को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू किया गया है, ताकि राज्य के अधिक से अधिक किसान, पशुपालक और ग्रामीण युवा डेयरी व्यवसाय से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें। सरकार का विशेष ध्यान महिला सशक्तिकरण पर भी है। इसी उद्देश्य से योजना के कुल लाभार्थियों में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे महिला पशुपालकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का अवसर मिल सके। UP Dairy Subsidy Scheme 2026

UP Dairy Subsidy Scheme 2026
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किन गायों की खरीद करनी होगी?

योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को उन्नत देसी नस्ल की गायें उनके मूल राज्य या मूल क्षेत्र से ही खरीदनी होंगी। इसका उद्देश्य शुद्ध नस्लों का संरक्षण और बेहतर दुग्ध उत्पादन सुनिश्चित करना है। UP Dairy Subsidy Scheme 2026

उदाहरण के लिए:

  • गिर गाय गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र से खरीदनी होगी।
  • साहिवाल गाय पंजाब से खरीदी जाएगी।
  • थारपारकर गाय राजस्थान के मूल क्षेत्र से खरीदनी होगी।
  • अन्य देसी नस्लों की गायों की खरीद भी उनके मूल निवास क्षेत्र से ही करनी होगी।

योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:

  • आवेदक के पास कम से कम 3 वर्ष का गाय पालन या पशुपालन का अनुभव होना चाहिए, जिसका प्रमाण मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से प्रमाणित होना आवश्यक है।
  • डेयरी यूनिट और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए कम से कम 0.5 एकड़ भूमि उपलब्ध होनी चाहिए।
  • पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए 1.5 एकड़ भूमि (स्वयं की या पट्टे पर) होना अनिवार्य है।
  • योजना के तहत कम से कम 10 उन्नत देसी नस्ल की गायों के साथ डेयरी यूनिट स्थापित करना आवश्यक होगा।
  • सभी निर्धारित पात्रता और दस्तावेज पूरे होने पर ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

किन लोगों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ?

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए कुछ पात्रता संबंधी प्रतिबंध भी निर्धारित किए हैं। यदि किसी आवेदक ने पहले से कामधेनु योजना, मिनी कामधेनु योजना, माइक्रो कामधेनु योजना या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ प्राप्त किया है, तो वह मिनी नंदिनी योजना के तहत दोबारा सब्सिडी का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नए किसानों और पशुपालकों तक योजना का लाभ पहुंचाना है। UP Dairy Subsidy Scheme 2026

कैसे करें आवेदन?

योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र किसान और पशुपालक 21 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज और पात्रता संबंधी शर्तों की जांच कर लें, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) या मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से भी संपर्क किया जा सकता है।

निष्कर्ष

यदि आप खेती के साथ एक स्थायी और लाभदायक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो मिनी नंदिनी योजना एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है। 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट पर 11.80 लाख रुपये तक की सरकारी सब्सिडी मिलने से शुरुआती निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है। ऐसे में पात्र किसान और पशुपालक समय रहते आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक डेयरी व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।

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