लगातार हो रही भारी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जिलों में खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच सरकार ने Rain Alert के मद्देनजर प्रशासन को तुरंत फसल नुकसान का सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार का कहना है कि जिन किसानों की फसल बारिश से प्रभावित होगी, उन्हें नुकसान का आकलन पूरा होने के 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब कई इलाकों में धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलें जलभराव की चपेट में आने लगी हैं।
Rain Alert: लगातार बारिश से खेती पर बढ़ा संकट
राज्य के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण खेत पूरी तरह पानी से भर गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो धान, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी खरीफ फसलों को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसी Rain Alert को देखते हुए सरकार ने सभी जिलों में विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
सरकार ने जिला कलेक्टरों और कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित गांवों का तुरंत दौरा करें और जहां भी फसल नुकसान की संभावना दिखाई दे, वहां मौके पर जाकर सर्वे करें। इससे किसानों को समय पर राहत मिल सकेगी और मुआवजा वितरण में देरी नहीं होगी।
फसल नुकसान का सर्वे पूरा होने के 24 घंटे के भीतर मिलेगा मुआवजा
विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश प्रभाकर पाटिल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि Rain Alert के दौरान किसानों को राहत देना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही सर्वे रिपोर्ट तैयार होगी, प्रभावित किसानों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हालांकि अभी तक बड़े पैमाने पर फसल नुकसान की आधिकारिक रिपोर्ट सरकार को प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए सभी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
Rain Alert के बीच बलांगीर जिले में जलमग्न हुए खेत
लगातार बारिश का सबसे अधिक असर बलांगीर जिले के मुरीबहाल और बंगोमुंडा क्षेत्रों में देखने को मिला है। यहां बड़ी संख्या में कृषि भूमि पानी में डूब गई है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से धान और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान होने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि अगले दो से तीन दिनों तक बारिश जारी रहती है तो कई एकड़ में खड़ी फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। इसी वजह से प्रशासन ने Rain Alert जारी रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी शुरू कर दी है।
जाजपुर जिले में नदी का तटबंध टूटा, खेतों में भरा बाढ़ का पानी
जाजपुर जिले में बैतरणी नदी की सहायक कानी नदी के दो स्थानों पर तटबंध टूटने से हालात और गंभीर हो गए हैं। इसके कारण दशरथपुर ब्लॉक सहित आसपास के कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है।
मंगलपुर, दुदुरांता, शुशुआ और कनिकापाड़ा जैसे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यहां धान की रोपाई करने वाले किसानों को सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका है। Rain Alert के बीच स्थानीय प्रशासन लगातार हालात का जायजा ले रहा है और जरूरत पड़ने पर राहत कार्य शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
केंद्रपाड़ा जिले में भी बारिश से प्रभावित हुई कृषि भूमि
भारी बारिश के कारण केंद्रपाड़ा जिले के कई गांवों में भी खेत जलमग्न हो गए हैं। कई स्थानों पर लगातार पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि जल संसाधन विभाग का कहना है कि बारिश की तीव्रता कम होने के बाद स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
इसके बावजूद प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों का नियमित निरीक्षण करते रहें और यदि फसल को नुकसान होता है तो तुरंत कृषि विभाग या स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दें। Rain Alert के दौरान समय पर सूचना देने से सर्वे प्रक्रिया तेज होगी और मुआवजा मिलने में आसानी होगी।
सरकार ने जिला अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश
राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन, कृषि विभाग और राजस्व अधिकारियों को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि बारिश प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द फसल नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाए ताकि किसानों को राहत देने में कोई देरी न हो।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता समय पर मिल सके। इसी कारण Rain Alert के दौरान सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
Rain Alert: हीराकुंड बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है
लगातार हो रही बारिश का असर अब राज्य के प्रमुख जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। Rain Alert के बीच हीराकुंड बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार फिलहाल बांध का जलस्तर 606.12 फीट दर्ज किया गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 630 फीट है। अधिकारियों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही तो जलस्तर में और तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।
विभाग के अनुसार इस समय बांध में लगभग 1.80 लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में यह बढ़कर 2.50 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकती है। यदि यही स्थिति बनी रही तो 9 जुलाई को बांध के कुछ स्लूइस गेट खोले जा सकते हैं। इसी कारण Rain Alert के तहत निचले इलाकों में रहने वाले किसानों और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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जल संसाधन विभाग ने क्या कहा?
जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता दिलीप कुमार राउत ने बताया कि बैतरणी नदी का जलस्तर फिलहाल आनंदपुर और अखुआपाड़ा दोनों स्थानों पर खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद विभाग सभी प्रमुख नदियों और बांधों की लगातार निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस समय हीराकुंड बांध का जलस्तर लगभग 2 से 3 फीट कम है। हालांकि लगातार बारिश और बढ़ती पानी की आवक को देखते हुए Rain Alert के दौरान हर घंटे स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
महानदी का जलप्रवाह भी बढ़ सकता है
अधिकारियों के अनुसार कटक के मुंडली क्षेत्र में महानदी का वर्तमान जलप्रवाह लगभग 3.26 लाख क्यूसेक है। यदि हीराकुंड बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है तो यह बढ़कर लगभग 4.50 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है।
इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। Rain Alert के दौरान किसी भी प्रकार की बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
Rain Alert: 1 से 7 जुलाई के बीच सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 से 7 जुलाई के बीच राज्य में 334.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 276.6 मिमी होती है। यानी इस अवधि में लगभग 21 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। यही वजह है कि कई जिलों में खेतों में पानी भर गया और खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया।
बरगढ़, झारसुगुड़ा, सोनपुर, संबलपुर, देवगढ़ और सुंदरगढ़ जिलों में सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई। वहीं नुआपाड़ा जिले में भी पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश हुई। सबसे अधिक 109 मिमी बारिश बरगढ़ जिले के बिजेपुर में रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी Rain Alert जारी रखा है।
बारिश से सबसे ज्यादा किन फसलों पर असर पड़ सकता है?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक खेतों में पानी भरा रहने से धान, मक्का, सोयाबीन, मूंग, उड़द और अन्य खरीफ फसलों की जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इससे पौधों की वृद्धि रुक जाती है और फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
यदि खेतों में कई दिनों तक जलभराव बना रहता है तो पौधों में सड़न, फफूंद और विभिन्न प्रकार के रोग फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए Rain Alert के दौरान किसानों को अपने खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी जा रही है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
लगातार बारिश के बीच किसानों को घबराने की बजाय सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि खेतों में पानी भर गया है तो जहां संभव हो वहां जल निकासी की व्यवस्था करें। खेतों का नियमित निरीक्षण करते रहें और फसल में किसी प्रकार का नुकसान दिखाई देने पर तुरंत स्थानीय कृषि अधिकारी, पटवारी या पंचायत को सूचना दें।
यदि प्रशासन की ओर से फसल नुकसान का सर्वे शुरू किया जाता है तो किसान आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और सर्वे टीम का सहयोग करें। Rain Alert के दौरान समय पर जानकारी देने से मुआवजा प्रक्रिया तेज हो सकती है और किसानों को राहत मिलने में आसानी होगी।
सरकार की प्राथमिकता किसानों को समय पर राहत देना
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फसल नुकसान की रिपोर्ट मिलते ही राहत प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।
यदि सर्वे में फसल नुकसान की पुष्टि होती है तो प्रभावित किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाना है। इसी कारण Rain Alert के बीच प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
