हरियाणा में धान उत्पादक किसानों के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता Fiji Virus बन गया है। Dhan Mein Fiji Virus Se Kaise Bachaye यह सवाल किसानों के बीच तेजी से चर्चा का विषय है क्योंकि कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर सहित कई जिलों में वायरस जैसे लक्षण सामने आए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और कृषि वैज्ञानिक लगातार खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं तथा किसानों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
Dhan Mein Fiji Virus Se Kaise Bachaye? पहले जानें किन जिलों में मिला संक्रमण
कृषि विभाग के अनुसार, फिलहाल कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर के कुछ क्षेत्रों में Fiji Virus के संदिग्ध मामले मिले हैं। वैज्ञानिक लगातार सैंपल लेकर लैब में जांच कर रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि धान के पौधों में बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगे हैं, जिससे फसल प्रभावित हो रही है। ऐसे में Dhan Mein Fiji Virus Se Kaise Bachaye इसकी सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।
पिछले साल भी किसानों को हुआ था भारी नुकसान
पिछले वर्ष भी हरियाणा के कई जिलों में Fiji Virus के कारण धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के अनुसार कई किसानों को संक्रमित फसल को जुताई करके नष्ट करना पड़ा था। इस बार भी कुछ किसानों ने संक्रमण फैलने से रोकने के लिए प्रभावित खेतों की फसल नष्ट कर दी है। किसान संगठनों ने सरकार से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
कृषि वैज्ञानिकों ने बढ़ाई निगरानी
कौल स्थित रीजनल राइस रिसर्च स्टेशन के निदेशक डॉ. मेहर चंद के अनुसार इस वायरस का पहला मामला वर्ष 2022 में सामने आया था। इसके बाद 2025 में यह दोबारा सक्रिय हुआ और अब फिर से इसके मामले सामने आ रहे हैं।धान की रोपाई से पहले कैथल जिले के 10 से 15 गांवों से विभिन्न किस्मों के पौधों के नमूने लेकर जांच की गई थी, जिनमें वायरस की पुष्टि नहीं हुई थी। हालांकि रोपाई के बाद वैज्ञानिकों ने लगभग 25 गांवों का सर्वे किया, जहां कुछ खेतों में Fiji Virus जैसे लक्षण मिले हैं। सभी सैंपलों की जांच जारी है।
धान की फसल पर Fiji Virus का क्या असर पड़ता है?
Fiji Virus के संक्रमण से धान के पौधों की सामान्य वृद्धि रुक जाती है। पौधे बौने रह जाते हैं, पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और कल्लों की संख्या कम हो जाती है। गंभीर संक्रमण होने पर बालियां सही तरीके से विकसित नहीं होतीं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। इसलिए किसानों को समय रहते बीमारी की पहचान करना जरूरी है।
खरपतवार नियंत्रण, सही खाद और जल निकासी से बढ़ाएं सोयाबीन की पैदावार
Dhan Mein Fiji Virus Se Kaise Bachaye? कृषि विभाग की एडवाइजरी
यदि आप जानना चाहते हैं कि Dhan Mein Fiji Virus Se Kaise Bachaye, तो कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी सलाह का पालन करें।सबसे पहले खेतों की नियमित निगरानी करें और किसी भी संक्रमित पौधे को तुरंत खेत से निकालकर नष्ट कर दें। धान की नर्सरी और खेतों को खरपतवार तथा अनावश्यक घास से मुक्त रखें। खेतों में जलभराव न होने दें और उचित जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें। वायरस फैलाने वाले कीटों के नियंत्रण के लिए केवल कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का ही प्रयोग करें। साथ ही समय-समय पर फसल का निरीक्षण करते रहें और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर कृषि विशेषज्ञ से संपर्क करें।
Dhan Mein Fiji Virus Se Kaise Bachaye के लिए किसानों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि Dhan Mein Fiji Virus Se Kaise Bachaye इसका सबसे प्रभावी तरीका शुरुआती अवस्था में संक्रमित पौधों की पहचान करना और उन्हें तुरंत हटाना है। खेत की साफ-सफाई, खरपतवार नियंत्रण, उचित जल निकासी और वायरस फैलाने वाले कीटों का समय पर नियंत्रण करने से बीमारी के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के किसी भी रसायन का उपयोग न करें और नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करते रहें।
