तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले में Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla और कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस साल गन्ने की फसल पर मौसम और कीटों का दोहरा संकट देखने को मिल रहा है। Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla के कारण हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसल प्रभावित हो रही है और कई किसान सूखते गन्ने को मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। इसी बीच किसानों ने राज्य सरकार से 4,000 रुपये प्रति टन मुआवजे की मांग की है।
धर्मपुरी में गन्ने की खेती पर बढ़ा संकट
धर्मपुरी जिले में हर वर्ष करीब 6,500 हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है। लेकिन इस बार कमजोर मानसून, सिंचाई के लिए पानी की कमी और Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla ने किसानों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। लगातार घटते जल स्तर के कारण गन्ने का रकबा भी कम हो रहा है, जिसका असर जिले की चीनी मिलों पर भी पड़ने लगा है।
Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla से अंदर ही अंदर सड़ रही है फसल
किसानों का कहना है कि Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla होने पर कीट गन्ने की जड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इससे पौधों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और गन्ना धीरे-धीरे सूखने लगता है। कई खेतों में तने अंदर से सड़ रहे हैं और पौधे समय से पहले खराब हो रहे हैं।पप्पिरेड्डिपट्टी के किसान पी. मुरली के अनुसार, कम बारिश के कारण पहले ही फसल कमजोर थी, लेकिन Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla होने से नुकसान और तेजी से बढ़ गया है। तीन महीने पुरानी फसल भी अब प्रभावित हो रही है।
सूखती फसल मवेशियों को खिलाने को मजबूर किसान
हरूर क्षेत्र के किसान जी. उदयकुमार ने बताया कि Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla और पानी की कमी के कारण कई खेतों में फसल बचाना मुश्किल हो गया है। किसान मजबूरी में सूखते गन्ने को काटकर मवेशियों को चारा बना रहे हैं ताकि कुछ नुकसान की भरपाई हो सके।
80% से अधिक खेतों पर संकट
किसानों का दावा है कि अल नीनो के प्रभाव और Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla के कारण जिले के 80 प्रतिशत से अधिक गन्ने के खेत प्रभावित हुए हैं। कुछ किसान कुएं के पानी से सिंचाई कर फसल बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है।
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किसानों ने 4,000 रुपये प्रति टन मुआवजे की मांग की
भारी नुकसान को देखते हुए किसानों ने राज्य सरकार से 4,000 रुपये प्रति टन मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कृषि विभाग और चीनी मिलों से ऐसी सूखा एवं कीटरोधी गन्ना किस्में उपलब्ध कराने की अपील की है, जो भविष्य में Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla जैसी समस्याओं का बेहतर सामना कर सकें।किसानों का कहना है कि उन्हें मौजूदा फसल बीमा योजना पर भरोसा नहीं है और यदि समय पर राहत नहीं मिली तो वे गन्ने की खेती छोड़ने पर मजबूर हो सकते हैं।
1,500 हेक्टेयर गन्ने की फसल खराब होने की आशंका
सुब्रमणिया शिवा कोऑपरेटिव शुगर मिल की प्रबंध निदेशक आर. प्रिया ने बताया कि जिले में कम बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। किसानों को जल संरक्षण और आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।उन्होंने अनुमान जताया कि करीब 1,500 हेक्टेयर गन्ने की फसल खराब हो सकती है। यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई, तो Ganne Par White Grub Kit Ka Hamla और सूखे के कारण नुकसान और बढ़ सकता है।हालांकि, पलाकोड क्षेत्र की धर्मपुरी कोऑपरेटिव शुगर मिल के अनुसार वहां फिलहाल सूखे का असर अपेक्षाकृत कम है और गन्ने की खेती सामान्य रूप से जारी है।
