Chemical Free Kheti Kaise Kare यह सवाल आज देशभर के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। बढ़ती खेती लागत, मिट्टी की घटती उर्वरता और रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव को देखते हुए किसान अब टिकाऊ खेती की ओर बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार के खेत बचाओ अभियान और निजी संस्थाओं की पहल से हजारों किसान रासायनिक खाद का उपयोग कम कर रहे हैं।जैविक उत्पाद बनाने वाली आईपीएल बायोलॉजिकल्स के अनुसार, देशभर में 50 हजार से अधिक किसानों ने रासायनिक खाद का इस्तेमाल घटाकर जैविक और प्राकृतिक खेती की दिशा में कदम बढ़ाया है। ऐसे में यदि आपके मन में भी सवाल है कि Chemical Free Kheti Kaise Kare, तो यह रिपोर्ट आपके लिए उपयोगी है।
Chemical Free Kheti Kaise Kare? जानिए पहला कदम
विशेषज्ञों के अनुसार Chemical Free Kheti Kaise Kare इसका जवाब एकदम से सभी रासायनिक उर्वरकों को बंद करना नहीं है। किसानों को धीरे-धीरे रासायनिक खाद की मात्रा कम करनी चाहिए और उसकी जगह जैविक खाद, गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत और माइक्रोबियल उत्पादों का उपयोग बढ़ाना चाहिए।इस तरीके से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और फसल उत्पादन पर भी अचानक कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।
50 हजार किसानों ने अपनाया टिकाऊ खेती का मॉडल
आईपीएल बायोलॉजिकल्स के प्रेसीडेंट हर्ष वर्धन भागचंदका ने बताया कि खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को लगातार जागरूक किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि 50 हजार से अधिक किसानों ने रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना शुरू किया।कई किसानों ने लगभग 50 प्रतिशत तक केमिकल खाद का इस्तेमाल घटाया और जैविक खेती की ओर रुख किया। इससे खेती की लागत कम होने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला।
Chemical Free Kheti Kaise Kare के लिए सरकार भी कर रही प्रोत्साहित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 30 से 50 प्रतिशत तक कम करने की अपील की है। इसके बाद कृषि मंत्रालय, कृषि वैज्ञानिक और कई निजी संस्थाएं किसानों को संतुलित पोषण और जैविक खेती के बारे में प्रशिक्षण दे रही हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि Chemical Free Kheti Kaise Kare यह समझने के लिए किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम, किसान बैठक और फील्ड डेमोंस्ट्रेशन में भाग लें।
मिट्टी की सेहत सुधारने में मिल रही सफलता
जैविक और माइक्रोबियल उत्पाद मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होता है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होने लगती है।विशेषज्ञों का मानना है कि Chemical Free Kheti Kaise Kare इसका सबसे अच्छा तरीका संतुलित पोषण अपनाना और जैविक विकल्पों का नियमित उपयोग करना है।
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हर साल 6 से 7 लाख किसानों तक पहुंच रहा अभियान
आईपीएल बायोलॉजिकल्स के अनुसार, कंपनी किसान संपर्क कार्यक्रम, खेत प्रदर्शन और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से हर साल 6 से 7 लाख किसानों तक पहुंच रही है। इन कार्यक्रमों के जरिए किसानों को टिकाऊ खेती, मिट्टी संरक्षण और जैविक कृषि के बारे में वैज्ञानिक जानकारी दी जाती है।
किसानों को क्या करना चाहिए?
यदि आप जानना चाहते हैं कि Chemical Free Kheti Kaise Kare, तो सबसे पहले रासायनिक उर्वरकों का उपयोग धीरे-धीरे कम करें। जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद और माइक्रोबियल उत्पादों को अपनाएं। मिट्टी की जांच करवाकर संतुलित पोषण प्रबंधन करें और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार खेती करें।इस तरह की रणनीति अपनाने से उत्पादन पर बड़ा असर नहीं पड़ता और लंबे समय में मिट्टी की उर्वरता, खेती की लागत और किसानों की आय में सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है
