हिमाचल में हाई-डेंसिटी बागवानी को मिलेगा बढ़ावा, 4 हजार हेक्टेयर में शुरू होगा बड़ा प्रोजेक्ट Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project

हिमाचल में हाई-डेंसिटी बागवानी को मिलेगा बढ़ावा, 4 हजार हेक्टेयर में शुरू होगा बड़ा प्रोजेक्ट Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project

हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project को तेजी से आगे बढ़ाया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत राज्य में लगभग 4,000 हेक्टेयर भूमि को हाई-डेंसिटी बागवानी के दायरे में लाया जा रहा है। Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project से करीब 3,500 किसानों और बागवानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से बागवानी क्षेत्र को नई पहचान देना है।

Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project से बदलेगी बागवानी की तस्वीर

Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project को एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से शुरू किया गया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य हाई-डेंसिटी बागवानी को बढ़ावा देकर कम भूमि में अधिक उत्पादन प्राप्त करना है। इसके साथ ही किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक, उन्नत पौधे, प्रशिक्षण और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आमदनी बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उपोष्णकटिबंधीय फलों की खेती पर रहेगा विशेष जोर

Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project के तहत पारंपरिक बागवानी के साथ-साथ संतरा, अमरूद, लीची, अनार, प्लम और पर्सिमन जैसे उपोष्णकटिबंधीय फलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। यह परियोजना बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर और ऊना सहित सात जिलों में लागू की जा रही है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में 6,000 से 10,000 हेक्टेयर कृषि भूमि को आधुनिक बागवानी के अंतर्गत लाना है।

पॉलीहाउस और बागवानी विस्तार से बढ़ेगी किसानों की कमाई

राज्य सरकार ने लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से 1.89 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस विकसित किए हैं। इससे करीब 900 किसानों और बागवानों को लाभ मिला है। पॉलीहाउस तकनीक के जरिए अब किसान पूरे साल उच्च मूल्य वाली सब्जियों और फूलों की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं।इसके अलावा एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत करीब 870 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को बागों, हाइब्रिड सब्जियों और मसाला फसलों की खेती के अंतर्गत शामिल किया गया है। इस पहल से लगभग 300 किसानों को सीधा फायदा मिला है। Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

एंटी-हेल नेट और कृषि मशीनों पर मिल रही सब्सिडी

पिछले तीन वर्षों में करीब 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र को एंटी-हेल नेट से कवर किया गया है। इसके लिए 44 करोड़ रुपये की सहायता 6,454 किसानों को प्रदान की गई है, जिससे ओलावृष्टि और खराब मौसम से होने वाले नुकसान में कमी आई है।इसके साथ ही विभिन्न बागवानी योजनाओं के तहत 12,739 किसानों को पावर टिलर, पावर स्प्रेयर और अन्य कृषि मशीनों की खरीद पर सब्सिडी भी दी गई है। Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project का उद्देश्य किसानों को आधुनिक उपकरणों से जोड़कर खेती को अधिक लाभदायक बनाना है।

मशरूम उत्पादन और माइक्रो सिंचाई पर भी दिया जा रहा है जोर

बागवानी विभाग ने पिछले तीन वर्षों में लगभग 4.24 करोड़ रुपये की लागत से 53 मशरूम उत्पादन एवं कंपोस्ट यूनिट स्थापित की हैं। इससे किसानों, बागवानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा हुए हैं।वहीं ‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’ योजना के तहत करीब 2,000 हेक्टेयर क्षेत्र को माइक्रो सिंचाई प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे 2,185 किसानों को लाभ मिला है। Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project के माध्यम से जल संरक्षण के साथ उत्पादन बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी यह परियोजना

Himachal Pradesh Me HP SHIVA Project राज्य में आधुनिक और टिकाऊ बागवानी को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। हाई-डेंसिटी बागवानी, पॉलीहाउस, माइक्रो सिंचाई, एंटी-हेल नेट और कृषि मशीनों पर सब्सिडी जैसी सुविधाएं किसानों की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेंगी। आने वाले वर्षों में यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के हजारों किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने के साथ राज्य की बागवानी अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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