आंध्र प्रदेश में गन्ने का रकबा लगातार घटने के बाद केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। लोकसभा में तिरुपति जिले में घटती गन्ना खेती का मुद्दा उठने के बाद सरकार ने बताया कि Andhra Pradesh Me Ganne Ki Kheti को दोबारा बढ़ावा देने के लिए नई किस्मों, आधुनिक कृषि तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई और मशीनीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य गन्ना उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी सुधार करना है।
ICAR ने विकसित की नई Co09004 गन्ना किस्म
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के गन्ना प्रजनन संस्थान (Sugarcane Breeding Institute) ने Co09004 नाम की नई गन्ना किस्म विकसित की है। यह किस्म जल्दी तैयार होने वाली, अधिक उत्पादन देने वाली और रेड रॉट तथा स्मट जैसी प्रमुख बीमारियों के प्रति प्रतिरोधी मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि Andhra Pradesh Me Ganne Ki Kheti के लिए यह किस्म किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
गन्ना विकास कार्यक्रम से मिलेगा किसानों को लाभ
केंद्र सरकार ने बताया कि वर्ष 2014-15 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (NFSNM) के तहत आंध्र प्रदेश सहित 13 प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में गन्ना विकास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को उन्नत किस्मों का प्रदर्शन, प्रशिक्षण और नई खेती तकनीकों की जानकारी दी जा रही है, जिससे Andhra Pradesh Me Ganne Ki Kheti को नई गति मिल सके।
कृषि मशीनीकरण से घटेगी लागत
सरकार का कहना है कि गन्ने की खेती को आसान और लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक कृषि मशीनों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। खेत की तैयारी, बुवाई, सिंचाई, कटाई और कटाई के बाद के सभी कार्यों में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे उत्पादन लागत कम होगी और किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी। Andhra Pradesh Me Ganne Ki Kheti में मशीनीकरण को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है।
किसानों को मशीनों पर सब्सिडी और आधुनिक सुविधाएं
सरकार के अनुसार वर्ष 2014-15 से 2026-27 तक कृषि मशीनीकरण योजना के तहत आंध्र प्रदेश को 955.28 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी गई है। इस अवधि में किसानों को 2,99,815 कृषि मशीनें सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गईं। साथ ही राज्य में 7,108 कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC), 62 हाई-टेक हब और 3,428 फार्म मशीनरी बैंक (FMB) स्थापित किए गए हैं। इन सुविधाओं से छोटे और सीमांत किसानों को भी आधुनिक मशीनों का लाभ मिलेगा और Andhra Pradesh Me Ganne Ki Kheti को मजबूती मिलेगी।
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा
‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (PDMC) योजना के तहत आंध्र प्रदेश में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन तकनीकों से पानी की बचत होती है, उर्वरकों का उपयोग कम होता है और खेती की लागत भी घटती है। विशेष रूप से Andhra Pradesh Me Ganne Ki Kheti जैसी अधिक पानी वाली फसल के लिए यह योजना काफी लाभदायक साबित हो रही है।
किसानों को 55 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता
सरकार ने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई अपनाने वाले छोटे और सीमांत किसानों को 55 प्रतिशत तक तथा अन्य किसानों को 45 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी जा रही है। वर्ष 2015-16 से अब तक राज्य में 11.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 3,424.35 करोड़ रुपये की सहायता जारी की है। इससे Andhra Pradesh Me Ganne Ki Kheti में पानी की उपलब्धता और उत्पादन क्षमता दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
खेती को बनाए आसान और अधिक लाभदायक 10 लाख की मशीन से कम होगी खेती की लागत
FRP से किसानों को मिलेगा गन्ने का उचित दाम
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर चीनी सीजन में गन्ना किसानों के लिए उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) तय किया जाता है। यह मूल्य कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर निर्धारित होता है और कोई भी चीनी मिल इससे कम कीमत पर गन्ना नहीं खरीद सकती। इस व्यवस्था से Andhra Pradesh Me Ganne Ki Kheti करने वाले किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य बढ़े उत्पादन और किसानों की आय
नई Co09004 गन्ना किस्म, कृषि मशीनीकरण, ड्रिप सिंचाई, सब्सिडी और FRP जैसी योजनाओं के जरिए केंद्र सरकार Andhra Pradesh Me Ganne Ki Kheti को फिर से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। यदि किसान इन आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं, तो आने वाले वर्षों में गन्ने का उत्पादन बढ़ने के साथ उनकी आय में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
