नेपाल में गांजा की खेती को मिली कानूनी मान्यता, औषधीय उपयोग के लिए बंजर जमीन पर होगी खेती Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal

नेपाल में गांजा की खेती को मिली कानूनी मान्यता, औषधीय उपयोग के लिए बंजर जमीन पर होगी खेती Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal

नेपाल के गंडकी प्रांत ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए औषधीय (Medicinal) और औद्योगिक (Industrial) उपयोग के लिए गांजा (Cannabis/Marijuana) की नियंत्रित खेती को कानूनी मान्यता दे दी है। Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal होने के बाद अब सरकार की निगरानी में निर्धारित क्षेत्रों में इसकी खेती की जा सकेगी। इस कानून का उद्देश्य औषधीय उद्योग को बढ़ावा देना, बंजर जमीन का उपयोग करना और किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार करना है।

Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal: गंडकी प्रांत ने पास किया नया कानून

नेपाल के गंडकी प्रांत की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया है, जिसके तहत दवा और औद्योगिक उत्पादों के लिए गांजा की खेती को कानूनी मंजूरी दी गई है। प्रांत प्रमुख की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून प्रभावी हो चुका है। Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal होने का अर्थ केवल नियंत्रित और लाइसेंस प्राप्त खेती से है, जबकि मनोरंजन के उद्देश्य से इसका उपयोग अभी भी प्रतिबंधित रहेगा।

औषधीय और औद्योगिक उपयोग के लिए मिलेगी अनुमति

नए कानून के अनुसार केवल औषधीय और औद्योगिक जरूरतों के लिए कैनाबिस की खेती की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे दवा उद्योग को आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal होने के बावजूद खेती पूरी तरह सरकारी नियमों और लाइसेंस व्यवस्था के तहत ही होगी।

बंजर जमीन पर होगी Marijuana की खेती

गंडकी प्रांत सरकार ने फैसला किया है कि राज्य में वर्षों से खाली पड़ी बंजर कृषि भूमि का उपयोग गांजा की खेती के लिए किया जाएगा। मंत्री यशोधा रिमल ने बताया कि यह फसल कम पानी में तैयार हो जाती है और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप भी बेहतर प्रदर्शन करती है। इसके अलावा बंदर और कई जंगली जानवर इस फसल को नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे किसानों का जोखिम भी कम रहता है। Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal होने के बाद इस योजना का सबसे अधिक लाभ बंजर भूमि वाले क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है।

गंडकी प्रांत की जलवायु खेती के लिए उपयुक्त

उद्योग एवं पर्यटन मंत्री यशोधा रिमल ने विधानसभा में कहा कि गंडकी प्रांत की भौगोलिक स्थिति और मौसम कैनाबिस की खेती के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने बताया कि यह फसल कम सिंचाई में भी अच्छी पैदावार देती है और ऑर्गेनिक तरीके से उगाई जा सकती है। इसी कारण सरकार ने इस खेती को नियंत्रित तरीके से बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal होने के पीछे यही वैज्ञानिक और कृषि संबंधी कारण बताए गए हैं।

खेती के लिए बनाए गए सख्त नियम

सरकार ने इस कानून के साथ कई कड़े नियम भी लागू किए हैं ताकि गांजा का गलत इस्तेमाल न हो सके। नए नियमों के अनुसार उगाई जाने वाली फसल में THC (टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल) की मात्रा 3 प्रतिशत से कम होनी चाहिए। साथ ही—

  • खेती केवल सरकार द्वारा निर्धारित क्षेत्रों में ही की जाएगी।
  • किसानों और संस्थानों को पहले लाइसेंस और सरकारी मंजूरी लेनी होगी।
  • उत्पादों की बिक्री से पहले अनिवार्य केमिकल टेस्टिंग होगी।
  • सरकार परीक्षण के लिए आधुनिक लैब स्थापित करेगी।
  • गलत उपयोग रोकने, उपचार और पुनर्वास से जुड़े नियम भी लागू किए जाएंगे।

इन सभी प्रावधानों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal होने के बावजूद इसका उपयोग केवल कानून के दायरे में ही किया जाए।

विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ विधेयक

यह विधेयक उद्योग एवं पर्यटन मंत्री यशोधा रिमल द्वारा विधानसभा में पेश किया गया था। वित्त एवं विकास समिति में चर्चा और संशोधन के बाद इसे सदन में रखा गया। विधानसभा अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद धीतल ने सभी संशोधनों को मंजूरी देते हुए विधेयक को सर्वसम्मति से पारित घोषित किया। इसके बाद Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal करने वाला यह कानून आधिकारिक रूप से लागू हो गया।

1976 से लागू था गांजा पर प्रतिबंध

नेपाल में वर्ष 1976 से गांजा के व्यक्तिगत उपयोग और बिक्री पर प्रतिबंध लागू है। मौजूदा राष्ट्रीय कानून के तहत कैनाबिस से जुड़े अपराधों में एक महीने से लेकर 10 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है। हालांकि गंडकी प्रांत का नया कानून केवल औषधीय और औद्योगिक उपयोग के लिए नियंत्रित खेती की अनुमति देता है। इसलिए Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal का मतलब सामान्य उपयोग या खुले बाजार में बिक्री की अनुमति नहीं है।

किसानों और औषधीय उद्योग को मिलेगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से औषधीय उद्योग को गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल मिलेगा और किसानों को बंजर भूमि से भी आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। यदि सरकार प्रभावी निगरानी और पारदर्शी लाइसेंस प्रणाली लागू करती है तो यह मॉडल भविष्य में नेपाल के अन्य क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। Nepal Me Ganja Ki Kheti Legal होने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि यह नई नीति किसानों, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए कितनी सफल साबित होती है।

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Bhawna Purbia is an agriculture writer and digital content creator. He regularly writes about farming techniques, agricultural news, government schemes, and agribusiness trends. Through Kheti Junction, he aims to provide useful and reliable information to farmers across India.

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