Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story: मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के दो किसान भाइयों हेमंत कुशवाह और ओम कुशवाह ने खेती में नवाचार और मेहनत के दम पर नर्सरी व्यवसाय की शानदार मिसाल पेश की है। कभी महज 10 हजार पौधों से शुरू हुआ उनका कारोबार आज हर महीने करीब 15 लाख फूल, फल और सब्जियों के पौधे तैयार कर रहा है। उनकी सफलता की कहानी ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई है। Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story बताती है कि सही प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान खेती को एक सफल व्यवसाय में बदल सकते हैं।
कृषि और उद्यानिकी विभाग से ली ट्रेनिंग
भोपाल जिले के रतुआ रतनपुर गांव के रहने वाले हेमंत कुशवाह और ओम कुशवाह ने नर्सरी व्यवसाय शुरू करने से पहले कृषि और उद्यानिकी विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। साल 2017-18 के दौरान दोनों भाइयों ने प्रशिक्षण लेकर नर्सरी प्रबंधन, पौध तैयार करने की तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी हासिल की। इसी प्रशिक्षण ने उन्हें नर्सरी कारोबार को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद की। Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story
10 हजार पौधों से शुरू किया नर्सरी कारोबार
शुरुआत में दोनों भाइयों ने करीब 10 हजार पौधों से नर्सरी का काम शुरू किया था। उस समय उनके सामने कई तरह की चुनौतियां थीं। संसाधनों की कमी और सिंचाई के पानी की समस्या के बावजूद उन्होंने अपना काम जारी रखा। धीरे-धीरे किसानों के बीच उनकी तैयार की गई पौध की मांग बढ़ने लगी। इसके बाद दोनों भाइयों ने उत्पादन बढ़ाने के साथ नर्सरी का विस्तार करना शुरू किया। Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story
2 एकड़ से 8 एकड़ तक पहुंचा कारोबार
नर्सरी की शुरुआत करीब 2 एकड़ जमीन में की गई थी। लगातार मेहनत और बेहतर प्रबंधन के कारण कारोबार बढ़ता गया और आज यह नर्सरी करीब 8 एकड़ क्षेत्र तक पहुंच चुकी है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से यहां बड़ी संख्या में पौधे तैयार किए जाते हैं। वर्तमान में हर महीने करीब 15 लाख पौधों का उत्पादन किया जा रहा है।
नर्सरी में तैयार होते हैं फूल और सब्जियों के पौधे
इस नर्सरी में कई प्रकार के फूलों और सब्जियों की पौध तैयार की जाती है। फूलों में गुलाब, जरबेरा, गेंदा और नौरंगा समेत कई किस्मों के पौधे शामिल हैं। इसके अलावा बैंगन, टमाटर, मिर्च, गिलकी, लौकी और खीरा जैसी सब्जियों की हाईब्रिड पौध भी तैयार की जाती है। किसानों की मांग के अनुसार ऑर्डर लेकर भी पौध तैयार की जाती है।
कई राज्यों में हो रही पौध की सप्लाई
हेमंत और ओम कुशवाह की नर्सरी में तैयार पौध की सप्लाई अब सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। उनकी पौध महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित कई राज्यों के किसानों तक पहुंच रही है। मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से किसान उनसे संपर्क करते हैं और अपनी जरूरत के अनुसार पौध का ऑर्डर देते हैं। इस डिजिटल माध्यम ने उनके कारोबार को नए बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story
पानी की समस्या से निकाला रास्ता
नर्सरी के शुरुआती दिनों में सिंचाई के पानी की समस्या दोनों भाइयों के सामने बड़ी चुनौती थी। लेकिन उन्होंने इस समस्या को कारोबार की राह में बाधा नहीं बनने दिया। दोनों भाइयों ने खुद कुएं की खुदाई कर सिंचाई की व्यवस्था की। आज उनकी करीब 8 एकड़ भूमि सिंचित है, जिससे नर्सरी में पौध उत्पादन को लगातार जारी रखने में मदद मिलती है।
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सरकारी योजना से मिली आर्थिक मदद
नर्सरी के विस्तार में सरकारी योजनाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। हेमंत और ओम कुशवाह ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत नर्सरी के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की। सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से उन्हें नर्सरी को आधुनिक तरीके से विकसित करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिली। यह दिखाता है कि किसानों के लिए उपलब्ध योजनाओं की सही जानकारी व्यवसाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story
युवाओं के लिए मिसाल बनी दोनों भाइयों की सफलता
Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story ग्रामीण युवाओं को यह संदेश देती है कि खेती को सिर्फ पारंपरिक फसल उत्पादन तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है। किसान नर्सरी, बागवानी और पौध उत्पादन जैसे क्षेत्रों में भी अपना व्यवसाय खड़ा कर सकते हैं। हेमंत और ओम कुशवाह ने सीमित स्तर से शुरुआत करके अपने कारोबार को बड़े स्तर तक पहुंचाया। आज उनकी नर्सरी हर महीने लाखों पौधे तैयार कर रही है और कई राज्यों के किसानों की जरूरत पूरी कर रही है। Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story
मेहनत और आधुनिक तकनीक से मिली सफलता
दोनों भाइयों की यात्रा में मेहनत, प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 10 हजार पौधों से शुरू हुआ सफर आज 15 लाख पौधों के मासिक उत्पादन तक पहुंच चुका है। Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story यह साबित करती है कि अगर किसान नई तकनीक सीखने, बाजार की मांग समझने और उपलब्ध सरकारी योजनाओं का सही इस्तेमाल करने के लिए तैयार रहें, तो कृषि को एक मजबूत और लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। Hemant Kushwah Om Kushwah Success Story

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