Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खेती से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सीहोर जिले के भाऊखेड़ी में जल्द ही नया कृषि विज्ञान केंद्र शुरू होने की उम्मीद है। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra शुरू होने के बाद क्षेत्र के किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर किस्मों और वैज्ञानिक सलाह स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी।
ग्राम भाऊखेड़ी में राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (ICAR-NSRI), इंदौर की ओर से सोयाबीन दिवस एवं कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भाऊखेड़ी और आसपास के गांवों से करीब 148 किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को सोयाबीन की उन्नत खेती और फसल प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दी गई।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगा नया कृषि विज्ञान केंद्र
Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को खेती में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों की जानकारी और वैज्ञानिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को उन्नत किस्मों का चयन, फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, खरपतवार प्रबंधन और आधुनिक उत्पादन तकनीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। इससे किसानों को खेती से जुड़ी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
सोयाबीन किसानों को मिलेगा विशेष लाभ
सीहोर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती बड़े स्तर पर की जाती है। ऐसे में नया KVK सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक किसानों को अच्छी पैदावार के लिए उन्नत किस्मों, बीज उपचार, संतुलित पोषण, फसल प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण की जानकारी दे सकते हैं। वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने से किसानों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra
राजस्व मंत्री ने बताया महत्वपूर्ण कदम
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के राजस्व मंत्री करन सिंह वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भाऊखेड़ी में स्थापित किए जा रहे कृषि विज्ञान केंद्र को क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक मार्गदर्शन से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। मंत्री ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्मों, आधुनिक उत्पादन तकनीक और फसल प्रबंधन की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra
जल्द शुरू हो सकता है भाऊखेड़ी KVK
कार्यक्रम के दौरान सीहोर कलेक्टर के. बालगुरु ने कृषि विज्ञान केंद्र के लिए उपलब्ध शासकीय भूमि को जल्द हस्तांतरित किए जाने के संबंध में सहमति व्यक्त की। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद केंद्र को संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra शुरू होने से आसपास के गांवों के किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता मिलने की उम्मीद है। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra
खेतों में पहुंचकर वैज्ञानिकों ने देखी सोयाबीन की फसल
कार्यक्रम से पहले राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. के. ए. सिंह ने भाऊखेड़ी और आसपास के किसानों के खेतों में लगाए गए प्रदर्शन प्लॉटों का निरीक्षण किया। इन प्रदर्शन प्लॉटों में सोयाबीन की उन्नत किस्मों NRC 150 और JS 21-72 का प्रदर्शन किया गया था। वैज्ञानिकों ने फसल की स्थिति का जायजा लिया और फसल को संतोषजनक पाया। किसानों ताराचंद्र मालवीय, माखन सिंह और देवी सिंह के अनुसार प्रदर्शन प्लॉटों से करीब 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिलने की संभावना है। इससे किसानों में उन्नत सोयाबीन किस्मों को लेकर उत्साह देखने को मिला। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra
प्रस्तावित KVK की जमीन का किया गया सर्वे
राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. के. ए. सिंह ने भाऊखेड़ी स्थित आजीविका पार्क परिसर के समीप प्रस्तावित कृषि विज्ञान केंद्र के लिए चिन्हित भूमि का भी निरीक्षण किया। इस दौरान भूमि की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया गया। साथ ही केंद्र को जल्द शुरू करने के लिए जरूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली गई। नया केंद्र शुरू होने के बाद किसानों को सोयाबीन के साथ अन्य फसलों की वैज्ञानिक खेती से जुड़ी जानकारी भी स्थानीय स्तर पर मिलने की संभावना है। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra
किसानों को मिलेगा आधुनिक कृषि तकनीक का प्रशिक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ना होता है। यहां किसानों को फसल उत्पादन से लेकर कटाई और फसल प्रबंधन तक की जानकारी दी जा सकती है। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग, उन्नत बीज, कीट एवं रोग प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण और आधुनिक खेती की तकनीकों से परिचित कराया जा सकेगा। इसके अलावा किसानों को खेतों में प्रदर्शन के माध्यम से नई तकनीकों को समझने का अवसर भी मिल सकता है।
वैज्ञानिकों ने किसानों की शंकाओं का किया समाधान
प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीकी चर्चासत्र भी आयोजित किया गया। इसमें ICAR-NSRI इंदौर के वैज्ञानिकों डॉ. बी. यू. दुपारे, डॉ. लोकेश मीणा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. राघवेंद्र नरगुंड और डॉ. विशाल थोरात ने किसानों को सोयाबीन उत्पादन से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी। जबलपुर स्थित ICAR-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय के डॉ. पी. के. सिंह और डॉ. वी. के. चौधरी ने भी किसानों को खरपतवार प्रबंधन और फसल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने किसानों की खेती से संबंधित समस्याओं और सवालों का समाधान किया तथा बेहतर फसल उत्पादन के लिए जरूरी सुझाव दिए।
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148 किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में लिया हिस्सा
सोयाबीन दिवस एवं कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाऊखेड़ी के अलावा भाड़ाखेड़ी, अमला राजपुरा, रामजीपुरा, काकड़ा खेड़ा, गोलू खेड़ी और बाफापुर ढाकनी सहित आसपास के गांवों के करीब 148 किसान शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सोयाबीन की उन्नत उत्पादन तकनीकों से अवगत कराना और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना था।
किसानों की आय बढ़ाने में मिल सकती है मदद
नया कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को खेती की नई तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वैज्ञानिक सलाह के माध्यम से किसान फसल की जरूरत के अनुसार बेहतर कृषि पद्धतियां अपना सकेंगे। उन्नत किस्मों, बेहतर फसल प्रबंधन और वैज्ञानिक तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही कृषि आधारित गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra
सीहोर के किसानों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर मार्गदर्शन
भाऊखेड़ी में प्रस्तावित कृषि विज्ञान केंद्र शुरू होने के बाद सीहोर और आसपास के क्षेत्र के किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है। Bhaukhedi Mein Naya Krishi Vigyan Kendra किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से सीधे जोड़ने का माध्यम बनेगा। खासकर सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों को उन्नत किस्मों और आधुनिक उत्पादन तकनीकों की जानकारी मिलने से खेती में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस पहल से भाऊखेड़ी और आसपास के गांवों में आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार बढ़ सकता है और किसानों को बेहतर खेती के लिए जरूरी तकनीकी सहयोग स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा।

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