MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों, कृषि क्षेत्र और महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 491 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा उज्जैन, सिंगरौली और अशोकनगर की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,600 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई है।
बैठक में मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ यानी मार्कफेड को रबी मार्केटिंग वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की बकाया राशि चुकाने के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त लोन देने का फैसला भी लिया गया। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle में कृषि और सिंचाई से जुड़े ये प्रावधान प्रमुख हैं।
किसानों के लिए बागवानी योजनाएं पांच साल तक रहेंगी जारी
MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle के तहत उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ राज्य पोषित योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के लिए कुल 491 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में फल और मसाला फसलों का क्षेत्र बढ़ाना, खेती की गुणवत्ता में सुधार करना और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण, फसल सुरक्षा और किसान प्रशिक्षण से संबंधित गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की योजना है।
फल पौध रोपण और मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 200 करोड़
सरकार द्वारा मंजूर 491 करोड़ रुपये में फल पौध रोपण योजना और मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यानी इन दोनों योजनाओं के लिए कुल 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं। फलदार पौधों की खेती को बढ़ावा देने से किसान बागवानी क्षेत्र में अपनी कृषि गतिविधियों का विस्तार कर सकते हैं।
वहीं मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के माध्यम से मसाला फसलों के उत्पादन और रकबे को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle में बागवानी क्षेत्र के लिए किया गया यह बजट प्रावधान किसानों को फल और मसाला फसलों से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने का अवसर प्रदान करेगा।
संरक्षित खेती के लिए 85 करोड़ रुपये मंजूर
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने संरक्षित खेती प्रोत्साहन योजना के लिए 85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। संरक्षित खेती में पॉलीहाउस और शेडनेट जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह की खेती में फसलों को कुछ प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों से बचाने और नियंत्रित वातावरण में उत्पादन करने में मदद मिलती है। सरकार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle के तहत संरक्षित खेती के लिए बजट जारी रहने से इस क्षेत्र में काम करने वाले किसानों के लिए योजनागत सहायता उपलब्ध बनी रहेगी।
फसल बीमा और खाद्य प्रसंस्करण के लिए 106 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने फसल बीमा और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास के लिए 53-53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। दोनों योजनाओं के लिए कुल 106 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। फसल बीमा से किसानों को फसल जोखिम से जुड़ी सहायता व्यवस्था से जोड़ा जाता है। वहीं खाद्य प्रसंस्करण के लिए बजट से कृषि उपज के मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। कृषि उपज के प्रसंस्करण से किसानों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में इससे जुड़े व्यवसायों के लिए भी अवसर विकसित हो सकते हैं।
कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 करोड़ रुपये
बागवानी योजनाओं के बजट में एकीकृत शीत श्रृंखला यानी कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। फल और सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली कृषि उपज के लिए उचित भंडारण और परिवहन व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। कोल्ड चेन सुविधाओं के विस्तार से कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण और परिवहन की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle
किसान प्रशिक्षण और विभागीय परिसंपत्तियों के लिए भी बजट
सरकार ने कृषक प्रशिक्षण के लिए 25 करोड़ रुपये और विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए भी 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। किसान प्रशिक्षण के जरिए किसानों को आधुनिक तकनीक, कृषि योजनाओं और उत्पादन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle में किसान प्रशिक्षण को शामिल किया जाना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नई कृषि तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने में प्रशिक्षण कार्यक्रम उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,607 करोड़ रुपये से अधिक
किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कैबिनेट ने उज्जैन, सिंगरौली और अशोकनगर की तीन सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के लिए कुल 2,607 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इन तीन परियोजनाओं के माध्यम से 1 लाख 27 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। सिंचाई सुविधा बढ़ने से संबंधित क्षेत्रों में कृषि भूमि को पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
उज्जैन की चितावद वृहद सिंचाई परियोजना
उज्जैन जिले की चितावद वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,846 करोड़ 5 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। यह परियोजना क्षिप्रा नदी पर महिदपुर तहसील के पास प्रस्तावित है। परियोजना के तहत बांध का निर्माण कर संचित जल के माध्यम से करीब 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle में सिंचाई परियोजनाओं के लिए इतनी बड़ी राशि का प्रावधान कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण फैसला है।
सिंगरौली की गौंड वृहद सिंचाई परियोजना
सिंगरौली जिले की गौंड वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 749 करोड़ 62 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना के तहत बांध निर्माण और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विकसित करने की योजना है। इस परियोजना के जरिए करीब 34,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना को भी वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी मिली है। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle
अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना
अशोकनगर जिले की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 11 करोड़ 49 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए करीब 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना को भी 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। माइक्रो सिंचाई प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध पानी का कृषि क्षेत्र में अधिक प्रभावी उपयोग करने का उद्देश्य रखा गया है। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle
मार्कफेड को 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त लोन
MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle में मार्कफेड से जुड़ा वित्तीय फैसला भी महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ यानी मार्कफेड को 2,220 करोड़ 62 लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई है। यह राशि रबी मार्केटिंग वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की बकाया राशि के पुनर्भुगतान के लिए दी जाएगी। सरकार ने 30 सितंबर 2026 तक इस बकाया राशि का पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने का फैसला लिया है। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle
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वित्त विभाग की सहमति से तय होंगी लोन की शर्तें
मार्कफेड को उपलब्ध कराई जाने वाली राशि राज्य की नकद तरलता और राजकोषीय घाटे की सीमा को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। लोन की अन्य शर्तें मार्कफेड की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग की सहमति से तय की जाएंगी। यह राशि मुख्य रूप से रबी मार्केटिंग वर्ष 2024-25 से संबंधित खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की बकाया राशि के भुगतान के लिए इस्तेमाल की जाएगी। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle
लाड़ली बहनों को 250 रुपये की अतिरिक्त सहायता
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 से संबंधित निर्णय को भी मंजूरी दी गई। रक्षाबंधन के अवसर पर पात्र महिलाओं को 250 रुपये की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता दिए जाने के फैसले का मंत्रि-परिषद ने अनुसमर्थन किया है। यह राशि अगस्त 2026 की नियमित आर्थिक सहायता के साथ दिए जाने से संबंधित है। यह निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 20 अगस्त 2026 के आदेश और विभाग द्वारा 24 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसमर्थन के रूप में लिया गया है। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle
किसानों के लिए इन फैसलों में क्या-क्या शामिल?
MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle में खेती से जुड़े कई अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल किया गया है। बागवानी योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये, तीन सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,607 करोड़ रुपये से अधिक और मार्कफेड के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त लोन का प्रावधान किया गया है। इन फैसलों के तहत फल और मसाला फसलों, संरक्षित खेती, फसल बीमा, खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, किसान प्रशिक्षण और सिंचाई सुविधाओं से जुड़े प्रावधान किए गए हैं।
MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle से संबंधित इन योजनाओं का वास्तविक लाभ संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देश और पात्रता शर्तों के अनुसार मिलेगा। मध्य प्रदेश सरकार के इन फैसलों में कृषि उत्पादन के साथ सिंचाई, बागवानी, प्रसंस्करण और कृषि विपणन से जुड़े क्षेत्रों पर भी वित्तीय प्रावधान किया गया है। MP Kisanon Ke Liye Cabinet Ke Bade Faisle से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभाग आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

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