Veshweek sankat k bich kharif k liye khad ka prayapt bhandar,sarkar ne kisano ko diya bharosa: सरकार ने उर्वरकों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए पहले से ही आयात की योजना पर काम प्रारंभ कर दिया था. फरवरी 2026 तक भारत ने करीब 98 लाख मीट्रिक टन तैयार उर्वरकों का आयात कर लिया था . इसके अलावा आने वाले तीन महीनों के भीतर 17 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों के आयात की भी व्यवस्था कर ली गई है.

भारत में खरीफ सीजन शुरू होने से पहले किसानों के बीच उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर जो चिंत हो रही हैं , उन्हें सरकार ने दूर करने की कोशिश की है. पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आई कठिनाइयों के बीच उर्वरक विभाग ने साफ कहा है कि देश में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आने वाले खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
सरकार के अनुसार, उर्वरकों का मौजूदा भंडार पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है और इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में आने वाली किसी भी अस्थिरता का असर देश के किसानों तक नहीं पहुंचेगा. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों की जरूरतें सरकार की प्राथमिकता हैं और खाद की आपूर्ति को हर हाल में चालू रखा जाएगा.Veshweek sankat k bich kharif k liye khad ka prayapt bhandar,sarkar ne kisano ko diya bharosa
खरीफ से पहले मजबूत हुआ उर्वरक भंडार
PIB की रिपोर्ट के मुताबित , उर्वरक विभाग द्वारा जारी आंकड़ें बताते हैं कि इस समय देश में कुल उर्वरक भंडार 177.31 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. पिछले साल 6 मार्च 2025 को यह भंडार 129.85 लाख मीट्रिक टन था. इस तरह एक साल में उर्वरकों के भंडार में करीब 36.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.सरकार के अनुसार, यह बढ़ोतरी रणनीतिक भंडारण और पहले से की गई तैयारी का परिणाम है. खरीफ सीजन से पहले सरकार ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पहले ही बड़े पैमाने पर स्टॉक तैयार कर लिया है.
अगर अलग-अलग उर्वरकों की बात की जाय तो देश में डीएपी (DAP) का भंडार करीब 25.13 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. वहीं एनपीके (NPK) उर्वरकों का भंडार बढ़कर 55.87 लाख मीट्रिक टन हो गया है. इसके अलावा यूरिया, जो भारत में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाला उर्वरक है, उसका भंडार भी बढ़कर 59.30 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश में किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. Veshweek sankat k bich kharif k liye khad ka prayapt bhandar,sarkar ne kisano ko diya bharosa
समय से पहले आयात कर बनाई गई रणनीति
सरकार ने उर्वरकों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए पहले से ही आयात की योजना पर काम शुरू कर दिया था. फरवरी 2026 तक भारत ने करीब 98 लाख मीट्रिक टन तैयार उर्वरकों का आयात कर लिया है. इसके अलावा आने वाले तीन महीनों के भीतर 17 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों के आयात की भी व्यवस्था कर ली गई है. इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की कमी महसूस न हो. सरकार का कहना है कि यह कदम वैश्विक बाजार में संभावित अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है ताकि देश के कृषि क्षेत्र पर इसका असर न पड़े.
गैस आपूर्ति पर भी सरकार की नजर
उर्वरक उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है. हाल के दिनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई अस्थिरता को देखते हुए सरकार ने इस विषय पर भी विशेष ध्यान दिया है. उर्वरक विभाग में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि उर्वरक उद्योग को गैस की आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता में शामिल है. सरकार ने यह भी कहा कि किसानों के हितों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा.Veshweek sankat k bich kharif k liye khad ka prayapt bhandar,sarkar ne kisano ko diya bharosa

कंपनियों ने भी बदली रणनीति
उर्वरक कंपनियों ने भी मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति में परिवर्तन किया है. आमतौर पर इस समय उर्वरक संयंत्रों में मरम्मत और रखरखाव का काम किया जाता है, क्योंकि इस अवधि में मांग कम रहती है. इस बार कई कंपनियों ने अपने मेंटेनेंस शेड्यूल को पहले ही पूरा करने का फैसला किया है, ताकि खरीफ सीजन के दौरान उत्पादन पूरी क्षमता से किया जा सके.
किसानों को घबराने की जरूरत नहीं
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से प्रभावित न हों. देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आने वाले खरीफ सीजन के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. सरकार का कहना है कि उर्वरकों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे. इस तरह किसानों को आश्वस्त किया गया है कि आगामी खरीफ सीजन में उन्हें खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और खेती की तैयारियां बिना किसी चिंता के जारी रखी जा सकती हैं.Veshweek sankat k bich kharif k liye khad ka prayapt bhandar,sarkar ne kisano ko diya bharosa
