Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay: खरीफ सीजन 2026 शुरू होने से पहले किसानों के लिए एक अहम खबर सामने आ रही है। भारत सरकार जल्द ही बीटी कपास (Bt Cotton) बीज की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। शुरुआती संकेतों के मुताबिक इस बार अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में बढ़ोतरी की संभावना बहुत कम मानी जा रही है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है।केंद्र सरकार जल्द बीटी कपास बॉलगार्ड I और II की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) घोषित करेगी. पिंक बॉलवर्म प्रतिरोध बढ़ गया है और sucking pests बढ़ने से कीटनाशक खर्च बढ़ा है. बीटी कपास अब पैदावार का मजबूत संकेतक नहीं है. किसानों को कीमत नियंत्रण से महंगे बीज से बचाव मिलेगा.

खरीफ सीजन 2026 शुरू होने से पहले किसानों के लिए एक अहम खबर सामने आ रही है। भारत सरकार जल्द ही बीटी कपास (Bt Cotton) बीज की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। शुरुआती संकेतों के मुताबिक इस बार अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में बढ़ोतरी की संभावना बहुत कम मानी जा रही है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार का कृषि मंत्रालय जल्द ही आगामी खरीफ सीजन के लिए बॉलगार्ड I और II बीटी कपास बीज की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) जारी करेगा, क्योंकि बुवाई जल्द शुरू हो रही है. हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस साल MRP बढ़ने की संभावना कम है, लेकिन अंतिम फैसला शीर्ष स्तर पर लिया जाएगा. पिछले साल बॉलगार्ड II का MRP 900 रुपये प्रति पैकेट (450 ग्राम) तय किया गया था, जो 2024-25 में 864 रुपये पैकेट था. बॉलगार्ड I का MRP 2016 में कीमत नियंत्रण लागू होने के बाद से 635 रुपये पैकेट ही बना हुआ है. Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019-20 में भी बॉलगार्ड II का MRP 710 रुपये पैकेट पर ही रखा गया था. पिछले साल MRP में 4 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई थी, जबकि 2024-25 में सिर्फ 1 फीसदी बढ़ा था. इसलिए इस साल कीमत न बढ़ने से उद्योग पर ज्यादा असर नहीं पड़ने की संभावना है. सरकार इस समय बीटी कपास के MRP को लेकर हितधारकों की बैठक कर रही है. कॉटन सीड्स प्राइस (कंट्रोल) ऑर्डर, 2015 के तहत हर साल MRP की घोषणा करना कानूनी जिम्मेदारी है, चाहे कीमत बढ़े या न बढ़े. Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay
किसान संघ ने बीटी कपास का MRP तय करने का विरोध किया
हाल ही में आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने बीटी कपास का MRP तय करने का विरोध किया है. उनका कहना है कि इससे गैर-जीएम कपास के पैकेट की कीमत 300-400 रुपये रह जाती है और बीटी कपास की कीट प्रतिरोधक क्षमता (PBW) विवादित है, इसलिए इसकी कीमत घोषित करने की जरूरत नहीं है. अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बीटी कपास का MRP सबसे पहले 2016 में तय किया गया था. इसकी जरूरत इसलिए महसूस हुई, क्योंकि पहले किसानों को बीटी कपास के बीज बहुत महंगे दामों पर बेचे जाते थे. सूत्रों ने कहा कि अगर कीमत तय नहीं की गई, तो किसानों से फिर ज्यादा दाम वसूले जा सकते हैं. ध्यान रहे, यह अधिकतम सीमा है, न्यूनतम कीमत नहीं. Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay
MRP नहीं बढ़ने की क्या हैं वजहें?
1. किसानों पर लागत का दबाव
खेती की लागत पहले ही बढ़ चुकी है—खाद, डीजल और मजदूरी महंगी हो गई है। ऐसे में बीज के दाम बढ़ाने से किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
2. सरकार की प्राथमिकता: किसानों को राहत
कृषि मंत्रालय का फोकस किसानों की आय बढ़ाने और लागत कम रखने पर है। इसलिए बीज की कीमत स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है। Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay
3. बीज कंपनियों और सरकार के बीच संतुलन
हालांकि बीज कंपनियां रॉयल्टी और उत्पादन लागत का हवाला देकर दाम बढ़ाने की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार संतुलन बनाने की रणनीति अपना रही है। Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay
किसानों के लिए क्या होगा फायदा?
अगर MRP नहीं बढ़ती है, तो किसानों को कई फायदे मिलेंगे:
- कम लागत में बीज उपलब्ध
- खेती की कुल लागत नियंत्रित रहेगी
- मुनाफा बढ़ने की संभावना
- छोटे और सीमांत किसानों को बड़ी राहत Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay
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खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को सलाह
- प्रमाणित और सरकारी मान्यता प्राप्त बीज ही खरीदें
- समय पर बुवाई करें
- मौसम और मिट्टी के अनुसार किस्म का चयन करें
- स्थानीय कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें
95 फीसदी जमीन पर बीटी कपास उगाई जाती है Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay
कपास की खेती वाले क्षेत्रों में लगभग 95 फीसदी जमीन पर अब बीटी कपास उगाई जाती है. हालांकि, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में बताया कि पिंक बॉलवर्म (PBW) ने बीटी प्रोटीन के खिलाफ प्रतिरोध विकसित कर लिया है और यह अब सभी कपास उगाने वाले इलाकों में बड़ा कीट बनता जा रहा है. वहीं, मंत्री ने माना कि बीटी कपास अभी भी एक मुख्य कीट अमेरिकन बॉलवर्म (Helicoverpa armigera) को नियंत्रित करने में कारगर है. Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay

कपास के खेतों में कीटों के बढ़े हमले
उन्होंने कहा कि कपास के खेतों में चूसने वाले कीट (sucking pests) सालों में तेजी से बढ़े हैं. इसके चलते किसान अब कीटनाशकों पर पहले की तुलना में ज्यादा खर्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीटी कपास अपनाने से पैदावार के रुझानों का सही अंदाजा नहीं लगता. बीटी कपास शुरुआत में कीटनाशक उपयोग को कम करने में जरूर मदद करती थी, लेकिन अब यह पैदावार का मजबूत संकेतक नहीं है. Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay
खरीफ सीजन 2026 से पहले बीटी कपास बीज की कीमतों को लेकर सरकार का रुख किसानों के पक्ष में नजर आ रहा है। MRP में बढ़ोतरी की संभावना कम होने से किसानों को राहत मिल सकती है और खेती की लागत नियंत्रित रहेगी। आने वाले दिनों में सरकार की आधिकारिक घोषणा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। Kharif Season Suru Hone Se Phale Sarkar Kregi Kapas K Daam Tay
