El Nino Alert ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को पहले से पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा ‘जीरो कैजुअल्टी’ (Zero Casualty) नीति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपदा के दौरान लोगों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। El Nino Alert

हाल ही में आए चक्रवात ‘मोन्था’ के दौरान प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 38,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जिससे बड़े स्तर पर जनहानि को टालने में सफलता मिली। भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ODRAF, NDRF और फायर सर्विस की तैनाती को और मजबूत कर रही है। El Nino Alert
इसके साथ ही आपदा आश्रय केंद्रों के आधुनिकीकरण, राहत सामग्री की उपलब्धता, पूर्व चेतावनी प्रणाली और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। El Nino Alert
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ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया है कि वे प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें. उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा और आजीविका की रक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगीय लोक सेवा भवन में आयोजित राज्य स्तरीय प्राकृतिक आपदा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की ‘जीरो कैजुअल्टी’ (शून्य जनहानि) आपदा प्रबंधन नीति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. El Nino Alert

बैठक में एक अहम निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने 911 बहुउद्देशीय चक्रवात एवं आपदा आश्रय केंद्रों के रखरखाव और बेहतर संचालन के लिए प्रत्येक केंद्र को हर वर्ष 6 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया। सरकार का मानना है कि इस कदम से आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित, व्यवस्थित और आवश्यक सुविधाओं से युक्त आश्रय उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे राहत एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी बनेंगे। El Nino Alert
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सभी जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी संभावित आपदा से पहले सभी आश्रय केंद्र पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केंद्र में स्वच्छ पेयजल, निर्बाध बिजली, भोजन पकाने की व्यवस्था, शौचालय, प्राथमिक उपचार और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आपदा के समय अव्यवस्था की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। El Nino Alert
अल नीनो के असर को देखते हुए सरकार सतर्क, कृषि विभाग को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश
संभावित अल नीनो प्रभाव के कारण इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कृषि, जल संसाधन और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कमजोर मानसून की स्थिति में किसानों और कृषि उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए पहले से ठोस रणनीति तैयार करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग को खरीफ सीजन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने और जल संरक्षण उपायों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। El Nino Alert

बैठक में यह भी चिंता जताई गई कि पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के कारण वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों को खाद उपलब्ध कराने में कठिनाई आ सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को यूरिया और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर नैनो यूरिया का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। El Nino Alert
इसके अलावा, उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए पंचायत स्तर पर निगरानी समितियां गठित करने का फैसला लिया गया है, ताकि किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराई जा सके। El Nino Alert
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली ओडिशा के आपदा प्रबंधन मॉडल को सराहना
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ओडिशा का ‘जीरो कैजुअल्टी’ (शून्य जनहानि) आपदा प्रबंधन मॉडल आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य ने समय पर पूर्व चेतावनी, त्वरित राहत एवं बचाव कार्य, सुरक्षित निकासी और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के जरिए प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि को न्यूनतम रखने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यही वजह है कि ओडिशा का यह मॉडल अब अन्य राज्यों और देशों के लिए भी एक उदाहरण बन रहा है। El Nino Alert
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में पुरी में आयोजित ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction) कार्य समूह की तकनीकी बैठक में शामिल सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने ओडिशा की आपदा प्रबंधन प्रणाली और जोखिम कम करने की रणनीतियों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी आधुनिक तकनीक, मजबूत पूर्व चेतावनी प्रणाली और बेहतर आपदा प्रबंधन ढांचे के माध्यम से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी। El Nino Alert
क्या बोले मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने में ओडिशा ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि राज्य का ‘जीरो कैजुअल्टी’ आपदा प्रबंधन मॉडल अब देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल बन रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मॉडल को और अधिक मजबूत बनाया जाए तथा आपदा के दौरान जनहानि को पूरी तरह रोकने के लिए पहले से तैयारी, त्वरित राहत और बेहतर समन्वय पर लगातार काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में आए चक्रवात ‘मोन्था’ समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया कि 11 जिलों से करीब 38,000 लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जिससे बड़े स्तर पर जनहानि टाली जा सकी। इस अभियान में 33 ODRAF टीमें, 5 NDRF यूनिट और 123 फायर सर्विस टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं। उन्होंने इन सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई ही आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य में वर्तमान में 20 ODRAF टीमें और 347 आधुनिक उपकरणों से लैस फायर स्टेशन सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए 10 नई ODRAF यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया भी तेज़ी से चल रही है। वहीं, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि ओडिशा की त्वरित और प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली आज पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुकी है और भविष्य में इसे और अधिक मजबूत करने के लिए लगातार निवेश और सुधार किए जाएंगे।
