Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai पीएम कुसुम योजना के तहत केंद्र सरकार किसानों को सोलर पंप लगाने पर करीब 90% तक की सब्सिडी देती है। इस योजना का फायदा देश के सभी किसान उठा सकते हैं और सोलर पंप के जरिए अपनी जमीन की सिंचाई आसान और किफायती बना सकते हैं। खास बात यह है कि इस योजना में बंजर जमीन का भी उपयोग किया जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया समझने से पहले, आइए इस योजना के बारे में थोड़ा विस्तार से जान लेते हैं। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai

Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
परिचय
प्रधानमंत्री कुसुम योजना (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान) की शुरुआत मार्च 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे सिंचाई के लिए बिजली या डीजल पर निर्भर न रहें और अपनी खेती को सस्ता व आसान बना सकें।इस योजना के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना, उनकी आय बढ़ाना और खेती को अधिक टिकाऊ बनाना भी प्रमुख लक्ष्य है। खास तौर पर उन किसानों को ध्यान में रखा गया है, जो सीमित संसाधनों के कारण आधुनिक तकनीकों का उपयोग नहीं कर पाते।
किसानों के सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस योजना के साथ संशोधित किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी अन्य योजनाएं भी शुरू की हैं। पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप खरीदने के लिए केवल लगभग 10% लागत ही खुद वहन करनी होती है, जबकि बाकी खर्च सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में दिया जाता है।इसके अलावा, किसानों को सौर ऊर्जा से जुड़ी तकनीकों की जानकारी देने, सही उपयोग सिखाने और बेहतर उत्पादन के लिए प्रशिक्षण व अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे न केवल खेती की लागत कम होती है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
पीएम कुसुम योजना के उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नई और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना है, ताकि किसान बेहतर तरीके से खेती कर सकें। इसके तहत सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक असर कम होता है और खेती अधिक टिकाऊ बनती है।सोलर पंप लगने के बाद किसानों की बिजली और डीजल पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाती है, जिससे उनकी लागत भी घटती है। ये पंप पारंपरिक डीजल पंपों की तुलना में ज्यादा प्रभावी और ऊर्जा दक्ष होते हैं। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
इसके अलावा, इस योजना से किसानों को अतिरिक्त आय का मौका भी मिलता है। यदि किसान जरूरत से ज्यादा बिजली उत्पन्न करते हैं, तो वे उसे सरकार को बेचकर अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
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पीएम कुसुम योजना के लिए पात्रता मानदंड
पीएम कुसुम योजना का लाभ सभी किसान उठा सकते हैं, चाहे वे व्यक्तिगत रूप से आवेदन करें या समूह में। इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन (FPO) और जल उपयोगकर्ता संघ (WUA) भी इस योजना के तहत पात्र हैं। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
इस योजना के लिए किसी खास वित्तीय योग्यता की अनिवार्यता नहीं रखी गई है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी आसानी से आवेदन कर सकें। हालांकि, आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है।
सौर ऊर्जा संयंत्र की क्षमता आमतौर पर 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट के बीच होनी चाहिए। साथ ही, संयंत्र की क्षमता भूमि के अनुसार तय की जाती है, जो अधिकतम 2 मेगावाट या संबंधित वितरण निगम द्वारा निर्धारित क्षमता (जो भी कम हो) तक सीमित होती है। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
भूमि की आवश्यकता की बात करें तो प्रति मेगावाट लगभग 2 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होती है। यदि कोई आवेदक किसी डेवलपर या बिल्डर के माध्यम से सोलर प्लांट लगवाता है, तो उस बिल्डर की प्रति मेगावाट कम से कम 1 करोड़ रुपये की नेटवर्थ होना जरूरी है।

पीएम कुसुम योजना के लाभ
1.पीएम कुसुम योजना किसानों के लिए कई तरह से फायदेमंद है। यह उन्हें अतिरिक्त और लगभग जोखिम-मुक्त आय का अवसर देती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
2. इस योजना के तहत सोलर पंप के उपयोग से भूजल के अत्यधिक दोहन को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है, क्योंकि किसान जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग कर पाते हैं। साथ ही, उन्हें लगातार और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिलती है, जिससे खेती के काम बिना रुकावट के पूरे होते हैं। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
3.यह योजना पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि इससे कृषि में कार्बन उत्सर्जन कम होता है। इसके अलावा, बिजली सब्सिडी को लेकर किसानों की चिंताएं भी काफी हद तक कम हो जाती हैं, जिससे उनकी लागत में कमी आती है और खेती अधिक लाभकारी बनती है।
पीएम कुसुम योजना के घटक – घटक A
घटक A के तहत देश में 10,000 मेगावाट तक के विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन सोलर प्लांट्स को किसान (व्यक्तिगत या समूह), सहकारी समितियां, पंचायतें, जल उपयोगकर्ता संघ और किसान उत्पादक संगठन (FPO) द्वारा लगाया जा सकता है। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
इन संयंत्रों को बिजली सबस्टेशन के लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में स्थापित किया जाता है, ताकि उत्पादित बिजली को आसानी से ग्रिड से जोड़ा जा सके और उसका सही उपयोग हो सके।
पीएम कुसुम योजना के घटक – घटक B
घटक B के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इस योजना में लगभग 17.50 लाख रुपये तक के सौर पंप की स्थापना में मदद मिलती है, जिससे किसान सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग कर सकें। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
यदि किसान अपने पुराने डीजल पंप को बदलना चाहते हैं, तो उसकी अधिकतम क्षमता 7.5 एचपी तक होनी चाहिए। इससे डीजल पर निर्भरता कम होती है और सिंचाई की लागत भी घटती है।
पीएम कुसुम योजना के घटक – घटक C
घटक C के तहत किसानों को अपने खेतों में सोलर पंप लगाने और सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस योजना में लगभग 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसान अपनी सिंचाई जरूरतें खुद पूरी कर सकें। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
इसके अलावा, यदि किसान जरूरत से ज्यादा बिजली उत्पन्न करते हैं, तो वे उस अतिरिक्त सौर ऊर्जा को तय दर पर बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को बेच सकते हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का एक और अच्छा अवसर मिलता है। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
लागू की जाने वाली चीजें
- घटक A और C में, 1000 मेगावाट की क्षमता और 1 लाख पंपों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजों को लागू किया जाना चाहिए।
- घटक ए और सी के निष्पादन के बाद, इन घटकों का उपयोग अधिक क्षमता और पंपों के लिए किया जाएगा।
- प्राप्त मांग के आधार पर, विभिन्न राज्य सरकारी एजेंसियों को क्षमता स्वीकृत की जानी चाहिए।
- निविदा प्रक्रिया का संचालन राज्य सरकार द्वारा संबंधित घटकों, ए और सी के अंतर्गत अनुमोदित कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
पीएम कुसुम योजना के लिए आवेदन कैसे करें
1.पीएम कुसुम योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करना होता है। इसके बाद कुसुम योजना से जुड़े सेक्शन में जाकर आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। Pradhanmantri Kusum Yojana Kya Hai
2.आवेदन करते समय फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही तरीके से भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। सभी जानकारी और दस्तावेज जमा करने के बाद संबंधित विभाग द्वारा उनका सत्यापन किया जाता है।
3.यदि आपका आवेदन और दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो आपको पीएम कुसुम योजना के तहत पंजीकृत कर दिया जाता है और आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
पीएम कुसुम योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
पीएम कुसुम योजना के लिए आवेदन करने हेतु आवश्यक दस्तावेज निम्नलिखित हैं:-
- पहचान प्रमाण (आधार कार्ड)
- भूमि दस्तावेज़
- खसरा खतौनी
- बैंक खाता पासबुक
- एक घोषणा पत्र

